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Written By: Atul Modi | Published : May 26, 2024 12:29 PM IST
इन दिनों सूरज अपने रौद्र रूप में है। यही कारण है कि भारत के कई राज्यों में गर्मी चरम पर है। हर दिन दर्जनों लोग गर्मी के कारण अपनी जान गंवा रहे हैं। बीमार होने वालों की संख्या भी बड़ी है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि इस मौसम में गर्मी को मात देने के लिए हम अपने शरीर को ठंडा, ऊर्जावान और हाइड्रेटेड रखें। इनमें आयुर्वेद आपकी मदद कर सकता है। आयुर्वेद में ऐसे कई नुस्खे हैं, जो गर्मी के मौसम में आपको कई परेशानियों से बचाएंगे।
आयुर्वेद के अनुसार गर्मी के मौसम में प्रचंड धूप के कारण शरीर की श्लेष्मा कम हो जाती है, वहीं वात दोष बढ़ जाता है। यही कारण है कि लोग बार-बार बीमार पड़ते हैं। वात दोष को दूर करने के लिए इस मौसम में आसानी से पचने वाला अनाज खाना चाहिए, साथ ही तरल पदार्थों का सेवन भी ज्यादा करना चाहिए। ऐसा करने से शरीर ठंडा भी रहेगा और पाचन तंत्र भी मजबूत रहेगा।
गर्मी के मौसम में आयुर्वेद के अनुसार कुछ खाद्य पदार्थों को अपने आहार में जोड़कर आप सेहत और सुरक्षा दोनों पा सकते हैं।
1. सत्तू : भुने हुए जौ या चने के आटे से बना सत्तू गर्मी के मौसम में सेहत के लिए अमृत है। सत्तू का शीतल प्रभाव शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। सत्तू में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन से भरपूर होने के कारण यह ऊर्जा का स्तर बढ़ाता है। इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाते हैं।
2. रागा : आयुर्वेद के अनुसार गर्मी के मौसम में रागा यानी मीठा और नमकीन शरबत अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती। पानी के साथ ही आप छाछ को आहार में शामिल करें। छाछ एक पौष्टिक पेय है। यह पाचन में सुधार करती है, पेट को ठंडा रखती है और डिहाइड्रेशन को रोकती है। इसी के साथ नारियल पानी पिएं। यह प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स का एक उत्कृष्ट स्रोत है। यह थकान को कम करने और पाचन में सुधार करने में मदद करता है। इसी के साथ पुदीने का पानी, जीरे का पानी आदि भी पी सकते हैं।
3. सदवा : आयुर्वेद में सदवा का अर्थ है फलों का शरबत। इस मौसम में ताजे फल जैसे तरबूज, खरबूज, खीरे और संतरे का जूस पिएं। इनमें विटामिन, खनिज और प्राकृतिक शर्करा होती है। ये जूस शरीर को हाइड्रेट रखने और ऊर्जा स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं। त्रिफला, एलोवेरा और आंवला जूस को भी अपने आहार में शामिल करें।
4. पणक : पणक का अर्थ है मिट्टी के बर्तन में ठंडा रखा हुआ इमली और गुड़ का पानी। दक्षिण भारत में जलजीरा को भी पणक कहते हैं। यह विभिन्न प्रकार के खनिजों, विटामिनों और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जो शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ देता है। पणक में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा ज्यादा होती है, जो निर्जलीकरण को रोकने और शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।
5. फल : प्रकृति ने हर मौसम के अनुसार हमें फल दिए हैं। तरबूज, खरबूज, आम, अनार, संतरा, फालसा, अंगूर आदि सभी फल आपको तुरंत एनर्जी और सेहत देंगे। इनमें कई विटामिन भी होते हैं, जो आपको बीमारियों से बचाते हैं।
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