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क्या आप भी हैं एक्जॉटिक फ्रूट्स के दीवाने, फिर ध्यान दें इन बातों पर !

इम्पोर्टेट चीज़ों को खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखें।

क्या आप भी हैं एक्जॉटिक फ्रूट्स के दीवाने, फिर ध्यान दें इन बातों पर !
बहुत-से लोग तो ऐसे हैं जो केवल ये विदेश, महंगे और इम्पोर्टेट फल खाते हैं। © Shutterstock.

Written by Sadhna Tiwari |Updated : October 24, 2018 7:27 PM IST

वाशिंगटन ऐप्पल, कीवि, बाबूगोशा और ड्रैगन फ्रूट जैसे कई नाम हमारे लिए काफी जाने-पहचाने और आम हो गए हैं। ये फल बाज़ारों से लेकर हमारे फ्रिज़ और प्लेट में भी अपनी मौजूदगी अच्छे से दर्ज़ करा चुके हैं। तो वहीं बहुत-से लोग तो ऐसे हैं जो केवल ये विदेश, महंगे और इम्पोर्टेट फल खाते हैं। लोगों को लगता है कि इन फलों की ऊंची कीमत उन्हें ज़्यादा स्वस्थ बना सकती है।

लेकिन प्यारे, आकर्षक दिखने वाले इन विदेशी फलों से हमें कितना पोषण मिलेगा इसी बारे में सोचना बहुत ज़रूरी है। क्योंकि ज़रूरी नहीं कि जो चीज़ें ऊंची कीमतों पर उपलब्ध होती हैं वे ज्यादा पौष्टिक होती हैं। इसका मतलब यह भी नहीं है कि ये फल और सब्ज़ियां बेकार और बिना पोषण की हैं। बस इन इम्पोर्टेट चीज़ों को खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखें।

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  1. अगर आप चाहते हैं कि आपको उचित मात्रा में पोषण मिले, तो जितने विदेशी फल खाते हैं, उसकी दुगनी मात्रा में स्थानीय फल खाएं, जिससे कि संतुलन बना रहे।
  2. अपनी फलों की आवश्यकता के लिए पूरी तरह से एक्ज़ॉटिक फलों पर निर्भर न हों। ऐसा ही सब्ज़ियों के साथ भी करें।
  3. विदेशी फलों और सब्ज़ियों को अपना कभी-कभी का शौक ही बनाएं, रोज़ की आदत नहीं।
  4. इन फलों में पोषण होता है, विटामिन, मिनरल्स सभी की अच्छी-खासी मात्रा होती है, ये बात सही है। लेकिन इनके साथ-साथ हमें स्थानीय फलों में भी उतनी ही दिलचस्पी दिखानी चाहिए। जो पोषण हमें विदेशी आकर्षक फलों से मिलता है, वही हमें इनसे भी मिलता है।
  5. मौसम, पर्यावरण का सामना करने के लिए आवश्यक पोषण, और नस्ल शरीर की बनावट के हिसाब से प्रकृति ने हमें ऐसी खाने की चीज़ें उपलब्ध करवाई हैं जो हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाए। इसीलिए जितना हो सके उतना लोकल, देशी और मौसमी फल और सब्ज़ियां खाएं। इनसे न केवल आपको सही पोषण मिलेगा, बल्कि आपका शरीर मौसमी बदलावों से निपटने के लिए तैयार होगा।