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जैतून तेल इस समय दुनिया भर के डायटिशियन का फेवरिट बना हुआ है। इसकी खास वजह है इसमें मौजूद पोषक तत्व। यह विटामिन, मिनरल, एंटीऑक्सीडेंट और कई अन्य गुणों से भरपूर होता है। ©Shutterstock
जैतून तेल (Olive oil benefits) इस समय दुनिया भर के डायटिशियन का फेवरिट बना हुआ है। इसकी खास वजह है इसमें मौजूद पोषक तत्व। यह विटामिन, मिनरल, एंटीऑक्सीडेंट और कई अन्य गुणों से भरपूर होता है। यह (Olive oil benefits) सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। जिससे कई बीमारियों से निजात मिलती है। साथ ही यह एंटी एजिंग एलिमेंट के तौर पर भी काम करता है। जैतून के तेल को जैतून के फलों से निकाला जाता है। यह विटामिन, मिनरल, एंटीऑक्सीडेंट और कई अन्य गुणों से भरपूर होता है। यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।
जैतून तेल (Olive oil benefits) को उपयोग के आधार पर कई श्रेणी में बांटा जाता है। असल में इसे बनाने की प्रक्रिया और इनमें मिलाए जाने वाले कैमिकल इसे चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटते हैं। इनमें एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल, वर्जिन ऑलिव ऑयल, प्योर ऑलिव ऑयल, ऑलिव ऑयल और लैम्पेंट ऑयल। पहले चार तरह के ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल खाना बनाने और सौंदर्य के लिए किया जाता है जबकि पांचवी श्रेणी के ऑलिव ऑयल यानी लैम्पेंट ऑयल का इस्तेमाल सिर्फ तकनीकी कामों और ईंधन के लिए किया जाता है।
एक शोध के अनुसार एक मेडिटेरेनियन डाइट में ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल किया गया था। इस डाइट को लेने वाले लोगों में वजन कम होते हुए देखा गया। साथ ही उनके खून में एंटीऑक्सीडेंट की बढ़ोतरी भी पाई गई। अगर आप व्यायाम के साथ-साथ अपनी डाइट में ऑलिव ऑयल का सेवन करें, तो आपको वजन घटाने में मदद मिलेगी।
अगर जैतून के तेल के नियमित सेवन से कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। ऑलिव ऑयल में कुछ ऐसे यौगिक होते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में मददगार साबित हो सकते हैं। जैतून तेल के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी काफी हद तक कम हो सकता है। जैतून में ओलियूरोपिन नामक प्राकृतिक यौगिक होता है, जिसमें एंटी-ब्रेस्ट कैंसर गुण मौजूद हैं।
ऑलिव ऑयल में कुछ ऐसे यौगिक होते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में मददगार साबित हो सकते हैं। ©Shutterstock
अगर आपका खाना सही तरह से हजम नहीं होता और आपको कब्ज की समस्या रहती है तो आपको अपने खान में ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करना चाहिए। इसमें प्रचुर मात्रा में मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है। जैतून का तेल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट और पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है। जैतून के तेल का गाढ़ापन और टेक्सचर पाचन तंत्र की क्रिया को बढ़ाता है। इसके नियमित सेवन से कब्ज से आराम मिल सकता है। इसके अलावा, यह विटामिन-ई व के, आयरन, ओमेगा-3 व 6 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। इसकी मदद से न सिर्फ स्वास्थ में सुधार आता है, बल्कि पाचन तंत्र भी ठीक होता है और कब्ज की समस्या भी दूर होती है।
जैतून के तेल का सेवन मधुमेह के मरीजों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। एक शोध के अनुसार जैतून का तेल टाइप-2 डायबिटीज के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर आप मधुमेह से परेशान हैं, तो आप अपनी डाइट में ऑलिव ऑयल को शामिल कर सकते हैं।
पूरा दिन गैजेट्स के साथ बिताने के कारण हमारी आंखों का स्वास्थ्य सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। इसके लिए जरूरी है कि हम अपने आहार में वे जरूरी बदलाव करें, जिससे आंखों को भी पूरा पोषण मिले। आंखों की देखभाल के लिए आप जैतून के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप आंखों के आसपास जैतून के तेल से हल्की-हल्की मालिश कर सकते हैं।
आंखों के लिए ही जैतून के तेल का एक और फायदा है कि इससे थकान मिट जाती है। लगातार कंप्यूटर के सामने बैठे रहने के कारण आंखों में थकान होने लगती है। इस थकान से आराम पाने के लिए आपको अपनी आंखों के आसपास नर्म हाथों से जैतून के तेल की मालिश करनी चाहिए। इससे आपकी आंखों के आसपास रक्त संचार सही होगा, थकान दूर होगी और आपको ताजगी का एहसास होगा। आप सोने से पहले ऐसा कर सकते हैं।
जैतून के तेल के सेवन से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। इसमें पॉलीफेनोल और मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करते हैं। इसके सेवन से उच्च रक्तचाप के मरीजों में ब्लड प्रेशर की दवाई लेने की जरूरत भी कम होती देखी गई है। आप जैतून के तेल से बना खाना या हर रोज एक चम्मच जैतून के तेल का भी सेवन कर सकते हैं।
एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में पाया जाने वाला पॉलीफेनॉल बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर गुड कोलेस्ट्रॉल को बनाने में मदद करता है। ©Shutterstock
एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में पाया जाने वाला पॉलीफेनॉल बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर गुड कोलेस्ट्रॉल को बनाने में मदद करता है। कोलेस्ट्रॉल से बचने के लिए आप ऑलिव ऑयल का सेवन कर सकते हैं। इसमें बहुत कम मात्रा में सैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट होता है और ये गुण इसे शरीर में रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने की क्षमता देते हैं। जैतून के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैट उच्च मात्रा में होता है, जो शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनने में मदद करता है।।
तनाव, चिंता और अन्य कई कारणों से लोगों की मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में कई लोग उम्र के साथ-साथ अल्जाइमर जैसी बीमारी का शिकार होने लगते हैं। ऐसे में ऑलिव ऑयल या वर्जिन ऑलिव ऑयल के सेवन से अल्जाइमर जैसी याददाश्त संबंधी परेशानी से बचा जा सकता है। जैतून के तेल में पॉलीफेनोल होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं। ये याददाश्त को बेहतर करते हैं।
तीस के बाद महिलाओं की बोन हेल्थ काफी प्रभावित होती है। बढ़ती उम्र में भी हड्डियों को मजबूत बनाए रखना है तो आपको अपनी डाइट में ऑलिव ऑयल यानी जैतून का तेल इस्तेमाल करना चाहिए। आप इससे अपने ज्वाइंट्स की मालिश भी कर सकती हैं। ऑलिव ऑयल से हड्डियों की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस से बचा जा सकता है। यह हड्डियों के लिए एक सुरक्षा चक्र की तरह काम करता है और इसके नियमित सेवन से हड्डियां मजबूत होती है।
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