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हरी पत्तेदार सब्जियों में पाया जाने वाला ये केमिकल कोरोना और दूसरे वायरस को रोकने में प्रभावी! जानें कितना प्रभावी

हरी पत्तेदार सब्जियों में पाया जाने वाला ये केमिकल कोरोना और दूसरे वायरस को रोकने में प्रभावी! जानें कितना प्रभावी
हरी पत्तेदार सब्जियों में पाया जाने वाला ये केमिकल कोरोना और दूसरे वायरस को रोकने में प्रभावी! जानें कितना प्रभावी

शोधकर्ताओं ने पाया कि सल्फरोफैन की माइक्रोमोलर कंसनट्रेंशन कोरोनावायरस के करीब छह स्ट्रेन को कम करने में मददगार है। इसके साथ ही ये कॉमन कोल्ड कोरोनावायरस को भी कम से कम 50 फीसदी तक कम कर सकती है।

Written by Jitendra Gupta |Published : March 28, 2022 3:30 PM IST

कोविड-19 को शरीर में फैलने से रोकने के लिए वैज्ञानिक तमाम तरीके ढूंढने की दिशा में काम कर रहे हैं। हाल ही में वैज्ञानिकों ने ये पता लगाया है कि पौधों से निकलने वाला एक कैमिकल सल्फरोफैन कैंसर रोधी गुणों से संपन्न होता है और ये कोशिकाओं व चूनों में कोविड को फैलने से रोक सकता है। आइए जानते हैं क्या कहती है स्टडी और क्या है इस कैमिकल की खासियत।

किन चीजों में पाया जाता है ये रसायन

ये तत्व ब्रोकली, पत्तागोभी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियोंमें प्राकृतिक रूप से प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। कोरोनावायरस के खिलाफ इसके प्रभाव का पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं ने ये अध्ययन किया और उन्होंने कोशिकाओं को कोरोनावायरस से संक्रमित करने से एक से दो घंटे पहले सल्फरोफैन के संपर्क में लाया। इसके अलावा उन्होंने कॉमन कोल्ड कोरोनावायरस HCoV-OC43 के साथ भी संपर्क में लाने की कोशिश की।

शोधकर्ताओं ने पाया कि सल्फरोफैन की माइक्रोमोलर कंसनट्रेंशन कोरोनावायरस के करीब छह स्ट्रेन को कम करने में मददगार है। इसके साथ ही ये कॉमन कोल्ड कोरोनावायरस को भी कम से कम 50 फीसदी तक कम कर सकती है।

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दोनों प्रकार के कोरोनावायरस को रोकने में प्रभावी

शोधकर्ताओं ने एंटीवायरल दवा रेमडीसिविर के साथ भी सल्फरोफैन को मिक्स कर टेस्ट किया, जिसमें उन्होंने पाया कि रेमडीसिविर कॉमन कोल्ड कोरोनावायरस और नोवल कोरोनावायरस को 50 फीसदी तक रोकने में प्रभावी है।

शोधकर्ताओं ने ये भी देखा कि रेमडीसिविर और सल्फरोफैन को जब एक साथ दिया जाता है तो इनकी शक्ति काफी बढ़ जाती है। इससे ये पता चलता है कि अगर इन दोनों की खुराक कम भी दी जाती है तो ये कोरोनावायरस के खिलाफ शक्तिशली और प्रभावी साबित हो सकती है, खासकर तब-जब इन दोनों में से किसी एक को दिया जाता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

अध्ययन के प्रमुख लेखक और जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के सहायक प्रोफेसर अलवेरो ऑर्डोनेज का कहना है कि हमने जो पाया वो ये है कि सल्फरोफैन HCoV-OC43 and SARS-CoV-2 के खिलाफ एक एंटीवायरल की तरह काम करता है, जो हमारे इम्यून रिस्पॉन्स को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। इसके एक साथ काम करने वाले कई गुण इन वायरल इंफेक्शन के खिलाफ मजेदार तरीके से काम करते हैं और साथ ही दूसरे मानवीय कोरोनावायरस के खिलाफ भी काम करते हैं।

कोरोना को रोकने और उपचार में प्रभावी ये तत्व

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में पीडियाट्रिक्स के सहायक प्रोफेसर और अध्ययन के दूसरे प्रमुख लेखक लोरी जॉन्स-ब्रांडो का कहना है कि वैक्सीन और दूसरी दवाएं जिनके साइड-इफेक्ट्स भी हैं भले ही बाजार में मौजूद हों लेकिन प्रभावी एंटी-वायरल चीजों की कोरोना को रोकने और उसके उपचार में अभी भी जरूरत हैं, विशेष रूप से ऐसे वक्त में जब लोगों में नए कोरोनावायरस वेरिएंट का प्रभाव बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सल्फरोफैन एक सस्ता और प्रभावी उपचार साबित हो सकता है, जो सुरक्षित होने के साथ-साथ भरोसेमंद भी है और बाजार में व्यापक रूप से उपलब्ध भी।