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उम्र बढ़ने के साथ बुजुर्गों में अल्जाइमर और डिमेंशिया (Alzheimer's And Dementia) जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। कुछ रिसर्च की मानें तो इन खतरों को कुछ प्रकार के खाद्य पदार्थों को अवॉइड करके बचा जा सकता है। दरअसल कुछ आहार ऐसे होते हैं जिनमें ऐसे बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो आपके पेट के बैक्टीरिया का संतुलन बिगाड़ सकते हैं, जिससे इंफ्लेमेशन का रिस्क बढ़ सकता है और दिमाग भी प्रभावित हो सकता है। इससे याददाश्त (Memory) कमजोर हो सकती है। इन लक्षणों से बचने के लिए कुछ चीजों को खाने से बचना चाहिए।
सालामी, सॉसेज और बेकन जैसी चीजों के रंग और फ्लेवर को बेहतर बनाने के लिए नाइट्रेट का प्रयोग किया जाता है। इन चीजों का सेवन करने से डिप्रेशन का रिस्क बढ़ सकता है। इनका सेवन करने से बाइपोलर डिसऑर्डर का खतरा भी बढ़ता है और पेट के बैक्टीरिया के संतुलन में बदलाव हो सकता है।
रिफाइंड कार्ब जैसे पास्ता, ब्रेड और सफेद चावल आदि हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले भोजन पदार्थ होते हैं जो ब्लड शुगर लेवल बढ़ा सकते हैं। इन चीजों से आपका वजन बढ़ सकता है, मेटाबॉलिक डिसऑर्डर का रिस्क बढ़ सकता है और डायबिटीज भी हो सकती है। जो लोग अच्छी गुणवत्ता के कार्ब्स जैसे कच्ची गाजर, हरी और पत्तेदार सब्जियां का सेवन करने से डिप्रेशन का रिस्क कम हो सकता है।
अगर पकोड़े, डोनट आदि डीप फ्राइड चीजों का अधिक सेवन करते हैं तो आपके दिमाग की सेहत पर उल्टा असर हो सकता है। यह चीजें खाने वाले लोगों की याददाश्त भी कमजोर होती है। इन जैसी हाई कैलोरीज़ की चीजों से दिमाग तक ब्लड सप्लाई करने वाली ब्लड वेसल्स सूज जाती हैं। इनसे डिप्रेशन का रिस्क भी काफी अधिक बढ़ सकता है।
शराब का सेवन अधिक करने से स्ट्रेस भी अधिक बढ़ सकती है। शराब का सेवन करने से ब्रेन फॉग का रिस्क भी बढ़ता है। जो लोग शराब का सेवन कम करते हैं या बिलकुल ही नहीं करते हैं, उन्हें डिमेंशिया का रिस्क बहुत कम होता है। इसलिए शराब का सेवन करना कम कर दें।
शुगर कई तरह से आपकी सेहत की दुश्मन होती है। यह आपके दिमाग के फंक्शन को और याद्दाश्त को प्रभावित कर सकती है। कुछ बेक की हुई चीजें जिनमें अधिक मात्रा में एडेड शुगर और रिफाइंड शुगर मिली हुई हो, वह आपकी दिमागी सेहत को काफी डेमेज कर सकती हैं। इसलिए इन चीजों को अवॉइड करना काफी ज्यादा आवश्यक होता है।
निष्कर्ष
अगर आप इन सभी चीजों का सेवन सीमित मात्रा में करते हैं तो इससे आपको अधिक नुकसान नहीं पहुंचने वाला है लेकिन समस्या तब बन जाती है जब इन चीजों का सेवन आप रोजाना करने लगते हैं। केवल दिमागी सेहत ही नहीं बल्कि पूरे शरीर का स्वास्थ्य इन चीजों के सेवन से प्रभावित हो सकता है।