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वो कहते हैं ना कि आपकी थाली जितनी रंग-बिरंगी होगी आप अपनी डाइट में उतनी ही न्यूट्रीशन वेल्यू एड करेंगे। आहार व पोषण विशेषज्ञ डॉक्टर प्रियंका मेहरा कहती हैं कि आपकी डाइट में लाल रंग टमाटर से, हरा रंग हरी सब्जियों से, भूरा रंग अनाज से और पीला रंग केले और संतरे से आना चाहिए। यानि कि जब आप इन सभी चीजों का सेवन करेंगे तो आपका शरीर एकदम स्वस्थ और बीमारी मुक्त रहेगा। लेकिन जब आपके शरीर को ये पर्याप्त मात्रा में फल और सब्ज्यिां नहीं मिलती है तो शरीर कुछ संकेत देता है। आज हम आपको 5 ऐसे संकेत बता रहे हैं जो शरीर तब देता है जब हमारी बॉडी में फल और सब्जियां पर्याप्त मात्रा में नहीं जाती हैं। तो आइए जानते हैं क्या हैं वो संकेत-
वैसे तो चीजों का भूलना बहुत आम बात है। लेकिन जब यह बार-बार हो तो यह संकेत है कि आपकी ब्रेन हेल्थ सही नहीं है। जब आप बार-बार चीजों को भूलते हैं या बहुत सामान्य सी चीज को सोचने के लिए आपको दिमाग पर जोर देना पड़ता है तो यह आपके मस्तिष्क में पोषण की कमी का संकेत हो सकता है। अध्ययनों से पता चला है कि ल्यूटिन, केवल पौधों द्वारा उत्पादित पोषक तत्व होता है जो सीखने और स्मृति को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। ल्यूटिन विभिन्न प्रकार की सब्जियों जैसे पत्तेदार साग, गाजर, ब्रोकोली, मक्का और टमाटर में पाया जा सकता है।
जब हमारे शरीर में फाइबर की कमी होने लगती है तो मल कठोर हो जाता है जो कब्ज का रूप ले लेता है। सब्जियों और फलों का सेवन कर शरीर में फाइबर की मात्रा को पूरा किया जा सकता है। फाइबर मल को ठीला करने के साथ ही आंतों की भी सफाई करता है। एक व्यक्ति को दिनभर में करीब 25 ग्राम फाइबर का सेवन करना चाहिए। सीजन के फल, ओट्स, नट्स, सीड्स, बीन्स दाल और मटर जैसे खाद्य पदार्थ में प्रचुर फाइबर होता है। जब आप अपनी डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं तो पानी का सेवन भी ज्यादा करें। क्योंकि जब आप फाइबर लेते हैं तो शरीर को पानी की जरूरत होती है।
मांसपेशियों में ऐंठन या दर्द भी सब्ज्यिों के कम का एक संकेत हो सकता है। यदि आपको लगातार मांसपेशियों में ऐंठन हो रही है, तो यह आपके शरीर में पोटेशियम की कमी का संकेत हो सकता है। हमारे शरीर की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए पोटेशियम की एक निश्चित मात्रा की आवश्यकता होती है। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, स्विस चर्ड और शकरकंद पोटेशियम का सबसे अच्छा स्त्रोत हैं। इसके लिए आप केले का सेवन भी कर सकते हैं। एक मध्यम आकार के केले में लगभग 422 मिलीग्राम पोटैशियम होता है।
जब शरीर में फोलेट की कमी होने लगे तो थकान होने लगती है। हरी पत्तेदार सब्जियां, फलियां, काले मटर, किडनी बीन्स, लीमा बीन्स, नेवी बीन्स, शतावरी और दाल आदि में फोलेट होता है। इनके सेवन से आप पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड प्राप्त कर सकते हैं।
मसूड़ों से खून आना खराब ओरल हेल्थ का एक लक्षण है। जब आप अपने मुंह की सही तरह से सफाई नहीं करतें तो बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। जिसके चलते भी खून आ सकता है। इसके अलावा जब शरीर में विटामिन सी की कमी होने लगती है तब भी मसूड़ों से खून आता है।विटामिन सी न केवल आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाए रखने में मदद करता है बल्कि कोशिका क्षति को भी रोकता है। विटामिन सी के लिए आप नींबू, लाल शिमला मिर्च, केल, लाल मिर्च मिर्च, अंधेरे पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकोली और टमाटर का सेवन कर सकते हैं।