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Written By: Yogita Yadav | Published : November 20, 2018 5:16 PM IST
चश्मे का नंबर बढ़ने या आंखों के कमजोर होने की सबसे बड़ी वजह मेक्यूलर डिजनरेशर है जिससे रेटिना पर बुरा प्रभाव पड़ता है। ©Shutterstock.
काम का अत्यधिक बोझ, कृत्रिम रोशनी में ज्यादातर काम और गेजेट्स के अनियंत्रित प्रयोग का सबसे ज्यादा असर आंखों पर पड़ता है। जिसके कारण कम उम्र में ही आंखों पर चश्मा लग जाता है। परेशानी तब और होती है, जब शरीर को उचित पोषण नहीं मिल पाता। ऐसे में चश्मे का नंबर लगातार बढ़ता चला जाता है। अगर आप भी है चश्मे के बढ़ते नंबर से परेशान, तो ये घरेलू उपाय कर सकते हैं आपकी मदद।
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गाजर - गाजर में बीटा कैरोटीन होता है जो कि एक एंटीऑक्सीडेंट है। इसमें विटामिन ए की अच्छी मात्रा होती है, जो कि आंखों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। अध्ययनों से पता चलता है कि नियमित रूप से गाजर का सेवन कर रात के अंधापन जैसी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। गाजर ऑक्सीडेटिव क्षति और सूजन को भी रोकने में सहायक होती है। ये दोनो ही स्थितियां दृष्टि की समस्याओं का प्रमुख कारण होती हैं। इसके लिए आप आप गाजर का जूस, गाजर का सूप या कच्चे गाजर का सेवन कर सकते हैं। लेकिन कच्ची गाजर का सेवन अधिक पोषक तत्व उपलब्ध कराता है। चश्मा उतारने के लिए आप गाजर का उपयोग कई प्रकार के पकवानों के साथ ही सलाद आदि में भी कर सकते हैं। यह भी पढ़ें – प्रोबायोटिक की मदद से बढ़ाई जा सकती है बोन डेंसिटी : शोध
पालक - पोषक तत्वों की उच्च मात्रा होने के कारण पालक हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। पालक में विटामिन E, A, B और C, आयरन, जस्ता जैसे खनिज पदार्थ होने के साथ ही ल्यूटिन और जीएक्सैंथिन जैसे फाइटोन्यूट्रिएंट्स की उच्च मात्रा होती है। कैरोटीनोइड, ल्यूटिन और जीएक्सैथिन में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं। इसलिए नियमित रूप से पालक का सेवन करने पर मैक्रुलर अपघटन और मोतियाबिंद को रोकने में मदद मिल सकती है। पालक में जस्ता की उच्च मात्रा के कारण यह कॉर्निया को स्वस्थ्य रखता है। जिससे चश्मे का नंबर बढ़ने की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
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शिमला मिर्च - आपके द्वारा उपभोग की जाने वाली लाल शिमला मिर्च एक मसाले के रूप उपयोग की जाती है। इसमें विटामिन A, E, C के साथ ही जेएक्सैलथिन और ल्यूलटन की उच्चज मात्रा होती है। इन विटामिनों और फाइटोन्यू ट्रिएंट्स की उपस्थिति के कारण लाल शिमला मिर्च मैकुलर अपघटन से आंखों की रक्षा करने में मदद करती है। इसके साथ ही यह ऑक्सी डेटिव क्षति को रोक कर अच्छे रेटिना स्वाकस्य्मद को बनाए रखने में मदद करती है। इस रह से यदि आप अपनी आंखों को चश्माव मुक्त रख्ना चाहते हैं तो अपने नियमित आहार में शिमला मिर्च को शामिल कर सकते हैं।
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