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Written By: Yogita Yadav | Published : August 10, 2019 8:38 AM IST
चाय को आप किसी भी तरह बना सकते हैं, यह आपकी च्वॉइस के हिसाब से अपना स्वाद बदल लेती है। मूड फ्रेश कर ये आपको दिन भर के लिए तैयार करती है। © Shutterstock
काली, सफेद, हरी, आप जैसे चाहें चाय बना सकते हैं। मसालेदार या फीकी, चाय आपकी च्वॉइस के हिसाब से अपना स्वाद बदल लेती है। इसलिए यह दुनिया भर में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला पेय (Monsoon and Chai) है। भारत में तो कितने ही ऐसे लोग हैं चाय (Monsoon and Chai) के बिना जिनके दिन की शुरूआत नहीं होती। आइए जानें क्या है चाय पीने के सेहत लाभ।
मॉनसून के दिनों की शुरूआत खौलती हुई अदरक की महक से होती है। इसम मौसम में अदरक वाली चाय जरूर पीनी चाहिए। यह कई तरह के मौसमी संक्रमणों से बचाती है। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर अदरक वाली चाय इस मौसम में होने वाले गर्म सर्द से बचाती है। यह सूजन का मुकाबला करने के लिए शरीर में तालमेल बनाने के काम भी करती है।
हम भारतीय को अपनी चाय के कप से बहुत प्यार होता है, लेकिन जब हरी चाय यानी ग्रीन टी की बात आती है तो हम बहुत उलझन में पड़ जाते हैं। हालांकि ग्रीन टी के बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ है लेकिन हमारी देसी मसाला चाय ग्रीन टी की तुलना में बहुत ही स्वस्थ और स्वाद में कहीं बेहतर होती है। इसके अलावा इसे बनाने भी बहुत आसान होता है और मसाला चाय बनाने के लिए आपको निर्माताओं पर निर्भर रहने की भी जरूरत नहीं होती है।
इसके लिए आपको लौंग, इलायची, अदरक, दालचीनी, तुलसी और कुछ चाय की पत्ती की जरूरत होती है और यह सब मसाले सभी भारतीय रसोई में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। यहां आपकी चाय को अद्वितीय और स्वस्थ बनाने वाली कुछ बातों के बारे में बताया गया है जिनको जानने के बाद इस चाय को पीना कभी नहीं छोड़ेगें। लौंग सूजन को कम करने में मददगार दूसरा अच्छा उपाय है। यह शरीर की मांसपेशियों की सूजन को कम करने में आपकी मदद करता है। यह दोनों मसाले बहुत ही शक्तिशाली दर्द निवारक है।
दिन भर की थकान के बाद गर्मा-गर्म चाय का एक प्याला किसी जादू से कम नहीं होता। इसमें मौजूद टैनिन नामक तत्व शरीर को शांत और पुनर्जीवित करने का काम करता है। इसके अलावा चाय में कैफीन एक उत्तेजक की तरह काम करता है। हांलाकि इसमें कॉफी की तुलना में बहुत कम मात्रा में कैफीन होता है, लेकिन वह उसी की तरह प्रभावशाली होता है। चाय में मौजूद यह मिश्रण थकान को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है।
मसाला चाय में मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी पैरासिटिक गुणों के कारण यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और आम संक्रमण से बचने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा लौंग, दालचीनी, इलायची और अदरक के प्रभाव के कारण यह खांसी और जुकाम को दूर रखने का एक शानदार तरीका है।
अगर आपको लगता है कि अंट शंट खा लेने के कारण आपका पाचन गड़बड़ हो रहा है, तो आपको लेमन टी ट्राय करनी चाहिए। दूध वाली चाय अगर पेट में गैस की समस्या उत्पन्न करती है, तो नींबू चाय यानी लेमन टी उससे भी निजात दिलाती है। इसमें आप चाहें तो हल्का सा नमक और काली मिर्च भी डाल सकते हैं। इससे मौसमी संक्रमण में भी बचाव होता है
काली चाय यानी ब्लैक टी मजबूत एंटी ऑक्सीडेंट गुणों के लिए जानी जाती है। इसके अलावा, लौंग और इलायची जैसे मसाले भी खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में सुधार करने में मदद करते हैं। इस प्रकार, धमनी ब्लॉकों में पट्टिका गठन की राशि को कम करने में मदद करती है। चाय में मौजूद टैनिन भी रक्त वाहिकाओं को विस्फारित कर हृदय गति और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए जाना जाता है।
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