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खतरनाक हो सकता है खाली पेट ग्रीन टी लेना, जानें क्यों

जितनी ग्रीन-टी पिएंगे, उतने लंबे समय तक भरा पेट महसूस करेंगे।

खतरनाक हो सकता है खाली पेट ग्रीन टी लेना, जानें क्यों
जितनी ग्रीन-टी पिएंगे, उतने लंबे समय तक भरा पेट महसूस करेंगे।© Shutterstock

Written by Yogita Yadav |Published : October 23, 2018 9:36 AM IST

ताजा ग्रीन-टी के पत्तों को तुरंत स्टीम (भाप में उबालना) किया जाता है जिससे ये जल्दी खराब न हो। इसे सुखाकर एक स्थिर उत्पाद में तब्दील किया जाता है। ये स्टीमिंग प्रक्रिया एंजाइम से बचाव करती है। मतलब पत्तियां अपने असली हरे रंग में बनी रहें। इसमें मौजूद पॉलीफिनॉल नष्ट न हों और व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी फायदे मिल सकें, इसलिए ये क्रिया दोहराई जाती है। ग्रीन-टी से ऊलौंग-टी और फिर ब्लैक-टी बनती है।

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ग्रीन-टी के फायदे

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  •  एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर ग्रीन-टी सांस की बदबू से लड़ने में कारगर है।
  •  ये ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मददगार है।
  •  स्किन एलर्जी से भी ये बचाती है।
  •  ग्रीन-टी में कैटेकिन नाम का तत्व पाया जाता है जो कोलेस्ट्रोल और ट्राईग्लिसराइड्स को नियंत्रित रख, दिल से संबंधित कई बीमारियों के खतरे को कम करती है. लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।
  •  एंटी-एजिंग के गुणों से भरपूर ग्रीन-टी एजिंग प्रक्रिया को धीमा करती है। चेहरे पर झुर्रियों का नमो-निशान तक आने नहीं देती।
  •  शरीर से विषैले पदार्थों का सफाया करने में भी मदद करती है।
  •  इसमें पॉलीफिनॉल और फ्लेवोनॉइड्स नाम के तत्व पाए जाते हैं, जिससे इम्यूनिटी दुरुस्त रहती है। यानी इम्यूनिटी बूस्ट करती है। शरीर में संक्रमण यानी वायरस से भी लड़ने का काम करती है।
  •  ग्रीन-टी में पाए जाने वाला पॉलीफिनॉल, एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है।
  •  ग्रीन-टी में विटामिन ई, विटामिन-सी और बीटा कैरोटीन पाए जाते हैं जो मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाते हैं।

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ग्रीन-टी लेने का सही समय

ग्रीन-टी में कैलोरी नहीं होती। इसे गर्म पानी में बिना चीनी के लिया जाता है। पूरे दिन में इसे दो से तीन कप आराम से ले सकते हैं।

बेवक्त भूख लगने पर ग्रीन-टी का सेवन किया जा सकता है। जितनी ग्रीन-टी पिएंगे, उतने लंबे समय तक भरा पेट महसूस करेंगे।

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सुबह और शाम का वक्त ग्रीन-टी पीने के लिए बेस्ट है। जिन लोगों को नींद न आने की समस्या रहती है वे शाम में इसके सेवन से बचें। इसमें मौजूद कैफीन तत्व नींद में गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं। सुबह में ग्रीन-टी पीना इसलिए अच्छा है, क्योंकि ये मेटाबॉलिज्म को बेहतर करती है।

खाना खाने के बाद इसे लेने की सोच रहे हैं, तो कम से कम आधे से एक घंटे का अंतर रखें। ये वो समय होता है जब मेटाबॉलिज्म रेट सबसे ज्यादा तेज होता है। ग्रीन-टी मेटाबॉलिज्म रेट को और तेज करती है और खाना पचाने में भी मदद करती है।

ग्रीन-टी गर्म पानी और ठंडे पानी दोनों ही तरह पी सकते हैं।

खाना खाने से एक या दो घंटे पहले भी इसे ले सकते हैं। बशर्ते इससे पहले आपने हल्का-फुल्का कुछ खाया हो। क्योंकि पूरी तरह खाली पेट ग्रीन-टी का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

क्यों नहीं पीनी चाहिए खाली पेट ग्रीन-टी

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खाली पेट ग्रीन-टी पीने से कई लोगों को कब्ज की शिकायत हो सकती है। कैफीन का सेवन कई लोगों को एसिडिटी की समस्या देता है। नाश्ते के बाद पीना इसे ठीक है।

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