
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : August 12, 2023 11:55 AM IST
Haddiyon me kamjori ke karan: विटामिन डी की कमी होना हमारे स्वास्थ्य के लिए कोई आम बात नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों का जन्म दे सकती है। वैसे तो शरीर में हर एक पोषक तत्व जरूरी होता है, लेकिन कुछ पोषक तत्व इतने जरूरी होती हैं, जिनकी की होना कई बार सेहत से जुड़ी की बीमारियां पैदा कर देता है। विटामिन डी शरीर के अन्य कई फंक्शन को चालू रखने में मदद करने के साथ-साथ हड्डियों के लिए बहुत जरूरी होती है। मजबूत हड्डियों के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है, लेकिन शरीर में अगर विटामिन डी की कमी है, तो आप कितना भी कैल्शियम इनटेक करें सब व्यर्थ ही है। दरअसल, विटामिन डी का काम शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है और यही कारण है कि विटामिन डी की कमी होने के कारण कैल्शियम अवशोषित नहीं हो पाता है और हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं। यदि आप पर्याप्त बोन हेल्दी फूड्स यानी कैल्शियम से उच्च डाइट ले रहे हैं और फिर भी आपको हड्डियों से जुड़े निम्न लक्षण हो रहे हैं, तो यह विटामिन डी की कमी का संकेत हो सकता है। (Haddiyon ko majboot karne ka tarika)
हम आपको एक बार फिर बता रहें हैं यदि आप दूध व अन्य कैल्शियम फूड्स का सेवन करते हैं और फिर भी आपकी हड्डियों से जुड़े निम्न लक्षण होते हैं, तो यह विटामिन डी की कमी भी हो सकती है -
कैल्शियम रिच डाइट लेने के बाद भी हड्डियों में दर्द रहना कोई अच्छा संकेत नहीं माना जाता है और यह आमतौर पर या तो शरीर में विटामिन डी की कमी होना या फिर किसी बीमारी का संकेत है। ऐसे में जल्द से जल्द जांच करा लेनी चाहिए।
यदि आपको बार-बार जोड़ों में दर्द हो रहा है, तो भी इसकी जल्द से जल्द जांच करा लेनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि शरीर में विटामिन डी की कमी होना भी जोड़ों में दर्द का कारण बन सकती है या फिर यह कोई अंदरूनी बीमारी भी हो सकती है।
यदि आपको हाल ही में कई बोन फ्रैक्चर हो चुके हैं या फिर छोटी सी दुर्घटना या हल्के दबाव से ही फ्रैक्चर आ गया है, तो यह कमजोर हड्डियां होने का संकेत हो सकता है। इन स्थितियों की जल्द से जल्द जांच करा लेनी चाहिए।
यदि शरीर के किसी हिस्से में मौजूद की आकृति में बदलाव होना लगा है, तो इसका मतलब यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। टांग या रीढ़ की हड्डी मुड़ना, उंगली के जोड़ों या कलाई के आसपास गांठ महसूस होना आदि इसके गंभीर लक्षण हो सकते हैं।
अगर आप डाइट के माध्यम से विटामिन डी प्राप्त करना चाहते हैं, तो फिश इसका सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। सैल्मन, टूना और स्वोर्डफिश आदि का सेवन करना विटामिन डी के लिए अच्छा स्रोत हो सकता है। अगर आप नॉन-वेजिटेरियन डाइट लेते हैं, तो मछली आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है।
अपनी डाइट में अंडे को शामिल करके भी शरीर में विटामिन डी की कमी हो पूरा किया जा सकता है। हालांकि, इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है कि अंडे के पीले हिस्से में ही ज्यादा मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है। अंडे का पीला हिस्सा
अगर आप वेजिटेरियन डाइट फॉलो करते हैं, तो मशरूम का सेवन करना अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसलिए अपनी डाइट में नियमित रूप से मशरूम को शामिल करते रहना चाहिए। उबली हुई मशरूम को हफ्ते में कम से कम एक बार जरूर खाना चाहिए।
डाइट में ड्राई फ्रूट्स को शामिल करना भी अच्छा ऑप्शन है, जो आपके शरीर में विटामिन डी की कमी को पूरा करते हैं। रात को बादाम, किशमिश और अंजीर को ताजे पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। यह शरीर में विटामिन डी की कमी को पूरा करता है।
कुछ फलों का सेवन करना भी आपके शरीर में विटामिन डी की कमी को पूरा कर सकता है। संतरे के जूस में सबसे ज्यादा मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए सही है। साथ ही साथ संतरे के कैल्शियम भी पाया जाता है, जो हड्डियों की कमजोरी दूर करने के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है।