
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : June 6, 2026 11:53 AM IST
Seasame Seeds
Sesame seeds in summer : तिल को पोषण का खजाना माना जाता है। इसमें कैल्शियम, आयरन, फाइबर, हेल्दी फैट और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। सर्दियों में तिल का सेवन काफी लोकप्रिय रहता है, लेकिन गर्मियों में इसे लेकर अक्सर सवाल उठता है कि क्या तिल खाना चाहिए और अगर खाना चाहिए तो किस तरह खाना चाहिए। कई लोगों को लगता है कि तिल की तासीर गर्म होती है, इसलिए गर्म मौसम में इसका सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं माना जाता।
जयपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल की सीनियर डायटीशियन सोनल भटनागर का कहना है कि गर्मियों में भी तिल का सेवन संतुलित मात्रा में किया जाता है तो यह शरीर को कई लाभ पहुंचाता है। जरूरत सिर्फ सही मात्रा और सही तरीके को अपनाने की होती है।
तिल में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। इसका सेवन आंतों की कार्यप्रणाली को सपोर्ट करता है और कब्ज जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करता है। तिल में हेल्दी फैट भी पाया जाता है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में सहायता करते हैं। कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व हड्डियों के स्वास्थ्यको बनाए रखने में योगदान देते हैं। यही कारण है कि सीमित मात्रा में तिल का सेवन पूरे साल फायदेमंद माना जाता है।
गर्म मौसम में तिल को भारी और अत्यधिक मात्रा में खाने के बजाय हल्के रूप में शामिल किया जाता है।
भुने हुए तिल को दही में मिलाकर खाया जाता है। दही शरीर को ठंडक प्रदान करता है और तिल के पोषक तत्वों का लाभ भी मिल जाता है। यह संयोजन पाचन के लिए भी अच्छा माना जाता है।
खीरा, टमाटर, गाजर और हरी सब्जियों के सलाद पर भुने हुए तिल छिड़के जाते हैं। इससे स्वाद बढ़ता है और अतिरिक्त पोषण भी मिलता है।
कुछ मात्रा में तिल पाउडर को छाछ या स्मूदी में मिलाया जाता है। इससे शरीर को पोषक तत्व प्राप्त होते हैं और गर्मियों में भारीपन की संभावना कम रहती है |
भुने हुए तिल की हल्की चटनी तैयार की जाती है। इसे भोजन के साथ सीमित मात्रा में शामिल किया जाता है। यह स्वाद और पोषण दोनों बढ़ाती है।
गर्मियों में तिल का सेवन सीमित मात्रा में किया जाता है। सामान्यतौर पर एक से दो चम्मच तिल प्रतिदिन पर्याप्त माने जाते हैं। अत्यधिक मात्रा में सेवन करने पर कुछ लोगों को पेट में भारीपन, गैस या एसिडिटी जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। हर व्यक्ति की पाचन क्षमता अलग होती है। इसलिए शरीर की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए मात्रा तय की जाती है।
जिन लोगों को बार-बार एसिडिटी, अपच या पेट में जलन की शिकायत रहती है, उन्हें तिल का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को तिल से एलर्जी होती है तो उसका सेवन पूरी तरह टाला जाता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों में भी मात्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है।
तिल और गुड़ का संयोजन पारंपरिक रूप से लोकप्रिय माना जाता है, लेकिन गर्मियों में इसका सेवन कम मात्रा में किया जाता है। अधिक मात्रा में तिल-गुड़ की मिठाइयां खाने से कुछ लोगों को भारीपन महसूस हो सकता है। इसलिए मौसम के अनुसार संतुलन बनाए रखना जरूरी माना जाता है।
Disclaimer : तिल को सिर्फ सर्दियों का खाद्य पदार्थ मानना पूरी तरह सही नहीं माना जाता। गर्मियों में भी इसका सेवन किया जाता है, लेकिन मात्रा और तरीके का विशेष ध्यान रखा जाता है। भुने हुए तिल को दही, सलाद, छाछ या हल्के डिशेज में शामिल किया जाता है। इससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और पाचन तंत्र पर अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ता।