
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Should Diabetes Patients Eat Rice Or Not: भारतीय भोजन की थाली चावल के बिना अधूरी है। सिंपल दाल-चावल और खिचड़ी से लेकर पुलाव या बिरयानी को लोग बड़े चाव से खाते हैं। कुछ लोगों का तो खाना बिना चावल खाए पूरा नहीं होता। हम में से ऐसे कई लोग हैं, जो रोटी से ज्यादा चावल खाना पसंद करते हैं। लेकिन कई बीमारियों में चावल का सेवन नुकसानदायक माना जाता है। खासतौर पर, डायबिटीज के मरीजों को अक्सर चावल न खाने की सलाह दी जाती है। कई लोगों का ऐसा मानना होता है कि चावल खाने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है, जिससे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। आइए, इस लेख में डाइट्रीफिट की डायटिशियन अबर्ना माथीवानन से जानते हैं कि बल्ड शुगर बढ़ने पर चावल खाना चाहिए या नहीं?
डायटिशियन अबर्ना माथीवानन बताती हैं कि डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पैंक्रियाज पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है। इसके कारण शरीर में ब्लड शुगर का स्तर अनियंत्रित तरीके से बढ़ सकता है। ऐसे में, ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए डायबिटीज के मरीजों को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर चावल की बात की जाए, तो इसमें कार्बोहाइड्रेट काफी अधिक मात्रा में होता है, जो ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ा सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि डायबिटीज के मरीजों को चावल को पूरी तरह से अपनी डाइट से बाहर निकाल देना चाहिए। डायबिटीज के मरीज चावल का सेवन कर सकते हैं, बशर्ते इसकी मात्रा, प्रकार और सेवन के तरीके का ध्यान रखा जाए।
डायबिटीज के मरीजों को सफेद चावल का ज्यादा सेवन करने से बचना चाहिए। दरअसल, इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है, जिसका मतलब है कि यह जल्दी से बचता है और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। कई अध्ययनों से पता चला है कि सफेद चावल का अधिक मात्रा में सेवन करने से डायबिटीज का जोखिम 11% तक बढ़ जाता है। ऐसे में, यदि सफेद चावल का जरूरत से ज्यादा सेवन किया जाए, तो टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है।
डाइटिशियन अबर्ना माथीवानन के मुताबिक, अगर आपको डायबिटीज हो गई है या बॉर्डर लाइन शुगर है, तो आपको हर दिन सफेद चावल का सेवन करने से बचना चाहिए। ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए आप कम जीआई वाले चावल का सेवन कर सकते हैं। दरअसल, ये तेजी से ग्लूकोज लेवल को नहीं बढ़ाते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।
ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए आप निम्न प्रकार के चावल का सेवन कर सकते हैं -
ब्राउन राइस का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर को बढ़ने से रोकता है। इसके अलावा, ब्राउन राइस में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे यह धीरे-धीरे पचता है और ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मदद करता है।
समा के चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 50 से कम होता है, जिससे यह शरीर में ग्लूकोज लेवल को तेजी से नहीं बढ़ाता है। आप इसे व्रत के दौरान भी आसानी से खा सकते हैं।
बासमती चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 50-52 के बीच होता है। इसे खाने से शुगर लेवल तेजी से नहीं बढ़ता है। डायबिटीज के मरीज इसे सीमित मात्रा में खा सकते हैं।
रेड राइस यानी लाल चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 55 के करीब होता है, जिससे यह शुगर पेशेंट के लिए एक बेहतर विकल्प है। इसके अलावा, इसमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।