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Written By: Atul Modi | Published : July 18, 2024 3:01 PM IST
आप अक्सर अपने घर में मम्मी पापा या दादा दादी जिनको डायबिटीज है, को चाय या मीठी खाने की चीजों में शुगर फ्री डालकर पीते और खाते देखा होगा। क्या आपको भी शुगर फ्री चाय-कॉफी पीना पसंद हैं? क्या आप भी अपने स्वाद में मिठास लाने के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल कर रहे हैं? अगर हां तो सावधान हो जाएं, क्योंकि ये चीजें आपको भले ही आपकी शुगर की क्रेविंग को शांत कर देती हैं लेकिन कई गंभीर बीमारियां भी बिल्कुल फ्री में दे सकती है। अक्सर डाइटिंग पर रहने वाले या डायबिटीज के मरीज आर्टिफिशियल स्वीटनर का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो संभल जाएं इससे कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। आजकल शुगर फ्री स्वीटनर का चलन बढ़ गया है। लोग खासकर डायबिटीज के मरीज और वजन कम करने वाले लोग इसका खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शुगर फ्री स्वीटनर आपके स्वास्थ्य के लिए कितने सुरक्षित हैं? आइए, इस पर एक नजर डालते हैं।
डायबेटोलॉजिस्ट और एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ.राहुल चौड़ा कहते हैं कि शुगर फ्री स्वीटनर ऐसे रासायनिक तत्व होते हैं जो मिठास देते हैं लेकिन इनमें चीनी की तरह कैलोरी नहीं होती। ये डायबिटीज के मरीजों के लिए खासतौर पर फायदेमंद माने जाते हैं।
• वजन नियंत्रित करने में मदद: शुगर फ्री स्वीटनर से वजन बढ़ने का खतरा कम हो जाता है क्योंकि इनमें कैलोरी नहीं होती।
• डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद: ये रक्त शर्करा के स्तर को नहीं बढ़ाते, जिससे डायबिटीज के मरीज भी बिना चिंता के मीठा खा सकते हैं।
• दांतों के लिए बेहतर: शुगर फ्री स्वीटनर से दांतों को नुकसान नहीं पहुंचता, जिससे कैविटी का खतरा कम हो जाता है।
• रासायनिक तत्व: कुछ शुगर फ्री स्वीटनर रासायनिक रूप से तैयार किए जाते हैं, जिनके लंबे समय तक उपयोग से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं।
• पाचन समस्याएं: कुछ लोगों को इनसे पेट दर्द, गैस, या डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
• एलर्जी कर सकती है परेशान: आर्टिफिशिएल स्वीटनर में एस्पार्टेम पाया जाता है, जो हाई टेंपरेचर पर फॉर्मिक एसिड में टूटने लगता है. इससे एलर्जी परेशान कर सकती है. कई बार तो ये टॉक्सिफक भी बन जाता है, जो और भी खतरनाक हो सकता है.
• दौरा पड़ सकता है: अगर कोई फेनिलकेटोनुरिया बीमारी से पीड़ित है तो उसे आर्टिफिशियल स्वीटनर और एस्पार्टेम का सेवन करने से बचना चाहिए। ये एक तरह का अमीनो एसिड फेनिलएलनिन का मेटाबॉलिज्म नहीं कर पाते हैं और दिमागी दौरा भी पड़ सकता है।
यशोदा हॉस्पिटल कौशांबी के डायबेटोलॉजिस्ट और एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ.राहुल चौड़ा आगे कहते हैं कि शुगर फ्री स्वीटनर का संतुलित मात्रा में उपयोग सामान्यत: सुरक्षित माना जाता है, लेकिन किसी भी नई चीज़ को अपने आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। खासकर वे लोग जो पहले से किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं। शुगर फ्री स्वीटनर का उपयोग सही जानकारी और सही मात्रा में किया जाए तो यह सुरक्षित और फायदेमंद हो सकता है। लेकिन किसी भी प्रकार के स्वीटनर का अत्यधिक उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।इसलिए, किसी भी नए आहार परिवर्तन से पहले अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से परामर्श अवश्य करें।