बार-बार करे मीठा खाने का मन तो हो जाएं सतर्क, शुगर क्रेविंग के हैं ये 4 कारण

Sugar cravings causes: मीठा खाने की ज्यादा क्रेविंग होना कोई सामान्य बात नहीं है। यह ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव, पोषक तत्वों की कमी, नींद की कमी आदि का इशारा हो सकती है।

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Written By: Atul Modi | Updated : April 18, 2024 2:42 PM IST

क्या कभी-कभी आपका भी मीठा खाने का बहुत ज्यादा मन करता है। हर थोड़ी देर में आपको लगता है कि चलो कुछ मीठा खा लेते हैं। और कुछ नहीं तो चॉकलेट या टॉफी खाकर ही आप अपने मीठे की ​क्रेविंग को कम करना चाहते हैं। आमतौर पर लोग इसे बहुत ही सामान्य तौर पर लेते हैं, कुछ लोग इसे मीठे के शौक का नाम दे देते हैं। लेकिन असल में ये वो संकेत हैं जो आपकी बॉडी आपको देना चाहती है। जी हां, मीठा खाने की ज्यादा क्रेविंग होना कोई सामान्य बात नहीं है। यह ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव, पोषक तत्वों की कमी, नींद की कमी आदि का इशारा हो सकती है। इन इशारों को समय पर समझने की और सही कदम उठाने की जरूरत है। न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा ने हाल ही में इसे लेकर अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है।

ये हो सकते हैं शुगर क्रेविंग के कारण

लवनीत बत्रा के अनुसार शुगर क्रेविंग के पीछे कई गंभीर कारण हो सकते हैं। जिनकी पहचान आपको होनी चाहिए।

1. ब्लड शुगर इंबैलेंस

शुगर क्रेविंग का एक प्रमुख कारण है ब्लड शुगर इनबैलेंस। जब आप मीठा खाते हैं तो शरीर में ब्लड शुगर लेवल एकदम से बढ़ जाता है। ऐसे में आप एनर्जी महसूस करते हैं। हालांकि यह एनर्जी टेंपरेरी होती है। ऐसे में जब बॉडी को फिर से एनर्जी की जरूरत होती है तो आपको मीठा खाने की इच्छा होने लगती है।

2. पोषक तत्वों की कमी

कभी-कभी पोषक तत्वों की कमी के कारण भी शुगर क्रेविंग होने लगती है। खासतौर पर जब आपकी बॉडी में मैग्नीशियम, क्रोमियम या जिंक जैसे कुछ पोषक तत्व कम होते हैं तो शुगर क्रेविंग बढ़ जाती है। ऐसे में आपको अपना चेकअप करवाना चाहिए।

3. नींद की कमी

नींद और शुगर क्रेविंग के बीच गहरा संबंध है। दरअसल, नींद की कमी से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन घ्रेलिन और लेप्टिन का बैलेंस बिगड़ जाता है। इस हार्मोनल इंबैलेंस के कारण मीठा खाने की क्रेविंग होने लगती है। क्योंकि हमारे शरीर को क्विक एनर्जी की जरूरत होती है और इसलिए वह मीठे की डिमांड करने लगता है।

4. एक्सरसाइज की कमी

आपको भले ही अजीब लगे, लेकिन यह सच है कि एक्सरसाइज की कमी के कारण भी शुगर क्रेविंग होने लगती है। रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी बॉडी में ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है। इसी के साथ इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करती है, जिससे शुगर क्रेविंग कम होती है। लेकिन जब आप एक्सरसाइज नहीं करते तो यह बैलेंस बिगड़ जाता है और मीठा खाने की इच्छा ज्यादा होती है।