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कहीं आप भी तो नहीं पड़ रहे फूड सप्‍लीमेंट के ट्रैप में

एक बार इनके ट्रेप में आने के बाद आप पूरी तरह इन पर निर्भर हो जाते हैं। पर आपको यह जानना चाहिए कि कोई भी सप्लीमेंट ताजे फल-सब्जियों और अनाज का विकल्प नहीं हो सकता। ©Shutterstock.

एक बार इनके ट्रेप में आने के बाद आप पूरी तरह इन पर निर्भर हो जाते हैं। पर आपको यह जानना चाहिए कि कोई भी सप्लीमेंट ताजे फल-सब्जियों और अनाज का विकल्प नहीं हो सकता।

Written by Yogita Yadav |Published : March 10, 2019 1:36 PM IST

असंतुलित खानपान और खराब दिनचर्या के चलते कई बार शरीर में जरूरी विटामिन और खनिजों की कमी हो जाती है। जिसके बाद डॉक्‍टर विटामिन सप्‍लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। पर इन दिनों कई डायट सप्‍लीमेंट बनाने वाली कंपनियां बाजार में हैं। जिनके एजेंट आपको इन्‍हें लेने के लिए बहुत आकर्षक ढंग से राजी करते हैं। पर यह आपकी सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। आइए जानते हैं कि सप्‍लीमेंट लेने से पहले क्‍यों जरूरी है सावधान रहना।

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सप्‍लीमेंट्स का बड़ा बाजार

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इन दिनों कई देशी-विदेशी कंपनियां सप्‍लीमेंट बाजार में उतार चुकी हैं। इनका नेटवर्किंग सिस्‍टम इतना जबरदस्‍त होता है कि वे घर आकर आपको इनकी जरूरतें बताकर लेने के लिए राजी कर लेते हैं। एक बार इनके ट्रेप में आने के बाद आप पूरी तरह इन पर निर्भर हो जाते हैं। पर आपको यह जानना चाहिए कि कोई भी सप्‍लीमेंट ताजे फल-सब्जियों और अनाज का विकल्‍प नहीं हो सकता।

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कब पड़ती है ज़रूरत

  • अगर स्वस्थ व्यक्ति अपने नियमित खानपान में हर तरह की दाल, साबुत अनाज, मिल्क प्रोडक्ट्स, नट्स, हरी पत्तेदार सब्जि़यों और फलों का संतुलित मात्रा में सेवन करे तो उसके शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषण मिल जाता है। अत: सामान्य स्थितियों में व्यक्ति को अलग से डाइट सप्लीमेंट्स लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती। यह भी पढ़ें – जानिए क्‍यों जरूरी हैं आपके लिए फि‍जीकली एक्टिव रहना
  • कुछ विशेष स्थितियों में मसलन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी या किसी सर्जरी के बाद, बच्चों में कुपोषण या गर्भावस्था के दौरान स्त्रियों के शरीर में आयरन-कैल्शियम की कमी होने पर डॉक्टर द्वारा डाइट/विटमिन सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है।
  • खिलाडिय़ों को आम लोगों की तुलना में अधिक प्रोटीन की ज़रूरत होती है। ऐसे में उन्हें भी प्रोटीन शेक या विटामिन सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है। फिर भी ऐसी चीज़ों का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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क्या हैं साइड इफेक्ट्स

आमतौर पर लोग यह सोचकर डाइट सप्लीमेंट या विटामिन का सेवन करते हैं कि ऐसी चीज़ें सेहत के लिए हर हाल में फायदेमंद होती हैं पर वास्तव में ऐसा नहीं है। इससे कुछ लोगों को नॉजि़या, लूज़ मोशन, सिरदर्द या बेचैनी होती है। मसलन विटमिन डी के ओवर डोज़ से भी सिरदर्द, उल्टी और भोजन में अरुचि जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर में कैल्शियम की मात्रा बढऩे से एसिडिटी होती है, यह नसों में भी जम सकता है। यह गॉल ब्लैडर या किडनी में स्टोन के लिए भी जि़म्मेदार होता है। इसी तरह प्रोटीन की अधिकता भी किडनी के लिए नुकसानदेह होती है।

कैसे चुनें सही सप्लीमेंट

हमेशा किसी विश्वसनीय ब्रैंड के सप्लीमेंट का ही चुनाव करें। प्रोडक्ट पर एक्सपायरी डेट ज़रूर चेक कर लें।

इस बात का भी ध्यान रखें कि उस प्रोडक्ट का पैकेट साफ-सुथरा हो और उस पर चाइल्ड सेफ्टी कैप लगा हो।

लेबल पर जीएमपी सर्टिफिकेशन, मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग कंपनी का लाइसेंस नंबर लिखा हो, यह ज़रूर चेक करें।

वेज/नॉन वेज का साइन सामने की तरफ हो और एक्सपायरी डेट के साथ स्पष्ट रूप से डिस्क्लेमर भी लिखा होना चाहिए।

आमतौर पर मानव शरीर को जिन पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है, वे रोज़ाना के संतुलित आहार में कुदरती रूप से मौज़ूद होते हैं। इसलिए एक्सपर्ट की सलाह के बिना किसी भी डाइट सप्लीमेंट का सेवन न करें।

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