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Written By: Atul Modi | Published : December 21, 2021 11:09 PM IST
सिंघाड़े (Singhara) को पानी फल के तौर पर भी जाना जाता है। दरअसल, सिंघाड़ा पानी में उगाया जाने वाला बहुत ही लाभदायक फल होता है। सिंघाड़े की पैदावार खासकर सर्दियों के मौसम में होता है। सिंघाड़े के ऊपर एक हरे रंग की मोटी परत होती है इसको निकालने के बाद अंदर सफेद फल निकलता है। कुछ लोग इसे कच्चा खाते हैं तो वही ज्यादातर लोग उबालकर चटनी या गुड़ के साथ खाना पसंद करते हैं। इसके अलावा सिंघाड़े का आटा भी खाया जाता है। यह सर्दियों में बहुत फायदा करता है।
सिंघाड़े में कैलोरी और फैट के साथ-साथ पोटैशियम, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन सी, विटामिन बी6 और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। जो शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी दूर करने में काफी मददगार है।
सिंघाड़ा शरीर को शीतलता प्रदान करता है यह पीलिया को ठीक करने में भी मददगार है, सिंघाड़े में एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। सिंघाड़े का सेवन यूरिन इन्फेक्शन से बचाता है। सिंघाड़ा अपच और जी मचलाने जैसी दिक्कतों को ठीक करता है। यह उच्च रक्तचाप को भी नियंत्रित करता है।
सिंघाड़ा खाने के कई फायदे हैं। आयुर्वेद के अनुसार, यह वीर्य वर्धक, गर्भ रक्षक, वात कफ वर्धक, रक्त विकार नाशक, कामेच्छा को बढ़ाने, त्रिदोष नाशक, वीर्य पुष्टि कारक और बुखार आदि में फायदेमंद होता है।
सिंघाड़े के आटे का हलवा बनाकर खाने से एसिडिटी, नकसीर और डायरिया ठीक हो जाता है। सिंघाड़ा शरीर की कमजोरी को दूर करने में भी काफी मददगार है क्या दुबले पतले लोगों को मोटा बनाता है।
सूखा सिंघाड़ा पीसकर 10-10 ग्राम सुबह और शाम दूध से 3 से 6 माह तक लगातार प्रयोग करने से शरीर की सारी समस्याएं दूर हो जाती है। कमजोर से कमजोर शरीर में भी ताकत आ जाती है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख आपकी जागरूकता के लिए है, अगर आप सिंघाड़े का सेवन करने का विचार कर रहें हैं तो आप किसी चिकित्सक की सलाह ले सकते हैं.)