फायदे ही नहीं इंटरमिटेंट फास्टिंग के हैं कई नुकसान भी,जानें किस तरह सेहत के लिए खराब साबित हो सकती है यह डाइट

जहां कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज इंटरमिटेंट फास्टिंग की मदद से वेट लॉस के दावे करते रहे हैं वहीं, एक नयी स्टडी में इसके कुछ बड़े साइड-इफेक्ट्स के बारे में बात की गयी है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 21, 2022 7:01 AM IST

इंटरमिटेंट फास्टिंग के स्वास्थ्य लाभों के बारे में बीते कुछ समय में लोगों के बीच काफी जानकारी बढ़ी है। विभिन्न स्टडीज में इंटरमिटेंट फास्टिंग को वजन कम करने (Intermittent fasting for weight loss) और मोटापा नियंत्रित करने के लिहाज से फायदेमंद पाया गया है। विश्वभर में लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग को वेट लॉस के एक हेल्दी तरीके के तौर पर अपना रहे हैं वहीं, कई मशहूर हस्तियों और फिल्मी सेलिब्रिटीज ने भी इंटरमिटेंट फास्टिंग की मदद से अपना वजन कम करने की बात स्वीकार की है।

इंटरमिटेंट फास्टिंग में डाइट करने वाला व्यक्ति दिन में एक तय समय तक खाना नहीं खाता। आमतौर पर इंटरमिटेंट फास्टिंग में 12 से 16 घंटों तक के गैप के बाद व्यक्ति खाना खाता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग की यही खासियत है कि इस प्रकार की डाइट में समय का अंतर बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है जबकि, कैलोरी-काउंट और डाइट में फैट की मात्रा पर बहुत अधिक ध्यान नहीं दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि कई घंटो तक भूखे रहने के बाद एक निश्चित अवधि के बाद खाना खाया जाए तो लोगों को वजन कम करने में मददगार साबित हो सकता है। लेकिन,  कुछ समय पहले लंदन की नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा की गयी एक स्टडी में यह पाया गया इंटरमिटेंट फास्टिंग स्वास्थ्य के लिए उतनी अच्छी साबित नहीं हो सकती, जितना कि उसे माना जाता है।

क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग सबके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, इंटरमिटेंट फास्टिंग में चूंकि व्यक्ति सीमित मात्रा में खाना खाते हैं जिससे लोग कम मात्रा में कैलोरी, फैट और कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन करते हैं जो उन्हें वेट लॉस में मदद करता है। लेकिन, इंटरमिटेंट फास्टिंग लोगों के लिए नुकसानदायक (side effects of Intermittent fasting) भी साबित हो सकता है। वहीं, इसके साथ ही इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हुए व्यक्ति एक्सरसाइज करने के लिए कम मेहनत करते हैं और इस तरह वे फिजिकली एक्टिव भी कम रहते हैं। इसके अलावा भी इंटरमिटेंट फास्टिंग के कुछ और भी साइड-इफेक्ट्स हो सकते है।

फास्टिंग डाइट के नुकसान क्या हैं

जानकारों का तर्क यह है कि, इंटरमिटेंट फास्टिंग भले ही वेट लॉस के लिए लाभकारी माना जाता है लेकिन, इससे मसल मास कम हो सकता है। जिससे कमजोरी महसूस हो सकती हैं। वहीं, इसके साथ ही,

  • इस तरह की फास्टिंग से कमजोरी महसूस हो सकती है।
  • लोगों को कसरत करने के लिए जरूरी हिम्मत नहीं मिल पाती और लोग एक्सरसाइज से कतराने लगते हैं।
  • इसी तरह एक्सरसाइज करते समय अधिक मात्रा में कैलोरी बर्न नहीं होती और एक्सरसाइज का फायदा भी नहीं मिल पाता।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई बीमारी से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।))

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