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Written By: Yogita Yadav | Published : August 14, 2019 9:31 AM IST
कभी-कभी तनाव के कारण आप बहुत लो फील करने लगती हैं। डॉक्टर इसे आयरन और विटामिन डी की कमी से जोड़कर भी देखते हैं। इसलिए जब भी आप लो फील करें, सत्तू का सेवन करें। © Shutterstock
सत्तू के बेमिसाल फायदे तो आप जानते ही होंगे। पर क्या आप जानते हैं कि यह महिलाओं के लिए कितना खास है? जी हां महिलाओं के लिए सत्तू का सेवन करना इतना ज्यादा फायदेमंद होता है कि आप इसे मॉनसून का सुपरफूड (Monsoon super food) कह सकते हैं। ज्यादातर लोग गर्मियों में इसका सेवन करते हैं। पर मॉनसून (Monsoon super food) में भी इसका सेवन काफी लाभदायक है। इससे पाचन संबंधी गड़बडि़यों से छुटकारा मिलता है। खास यह कि ये एंटी एजिंग फूड भी है।
सत्तू एक खास तरह का आटा होता है। इसे बनाने के लिए दालों और अनाजों को पीसकर मिक्स किया जाता है। इसमें कई पोषक तत्व जैसे अघुलनशील फाइबर होते हैं जो आंतों के लिए अच्छा होता है। साथ ही डायबिटीज की समस्या को कम करने में मदद करता है और अच्छी मात्रा में आयरन, मैंगनीज, मैग्नीशियम और कम मात्रा में सोडियम होता है। इसका सबसे अच्छा फायदा यह है कि आप इसे बनाकर भी रख सकते हैं।
सत्तू में प्रोटीन, मैग्नीशियम और फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जिससे पेट संबंधी समस्याएं नहीं होती। सत्तू त्वचा में निखार लाकर हाइड्रेट रखने में मदद करता है। इसके साथ ही यह बालों को अच्छे पोषक तत्व प्रदान करने में मदद करता है। सत्तू में मौजूद आयरन आपको ऊर्जा प्रदान करता है जिससे आपके चेहरे पर निखार आता है।
अगर आपको बार-बार भूख लगती है या फिर आप लंबे समय तक भूखे नहीं रह सकते, तो सत्तू आपके लिए लाभदायक है। इसे खाने या फिर इसका शर्बत पीने के बाद लंबे समय तक आपको भूख का एहसास नहीं होगा। इसमें हाई फाइबर मौजूद होता है जो आपका पेट देर तक भरे रखता है।
अगर आपको बार-बार भूख लगती है या फिर आप लंबे समय तक भूखे नहीं रह सकते, तो सत्तू आपके लिए लाभदायक है। © Shutterstock
बरसात के मौसम यानी मॉनसून (Monsoon super food) की सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि खूब खाने का मन करता है। पर उस तरह खाना हजम नहीं हो पाता। इसके लिए बेहतर है कि आप सत्तू को अलग-अलग तरह से अपनी डाइट में शामिल करें। इसे खाने से लिवर मजबूत होता है और एसिडिटी की समस्या दूर होती है और आसानी से पचने के कारण कब्जियत भी नहीं होती। सत्तू ड्रिंक के अलावा आप सत्तू की पूड़ी, परांठा भी बना सकते हैं। और चाहें तो इसे बेक करके कुकीज भी बना सकती हैं।
जौ और चने से बनाया गया सत्तू डाइबिटीज में फायदेमंद है। अगर आप डाइबिटीज के मरीज हैं तो रोजाना इस सत्तू का प्रयोग आपके लिए फायदेमंद है। इसे पानी में घोलकर शर्बत के रूप में या फिर नमकीन बनाकर भी लिया जा सकता है।
कभी-कभी तनाव के कारण आप बहुत लो फील करने लगती हैं। डॉक्टर इसे आयरन और विटामिन डी की कमी से जोड़कर भी देखते हैं। इसलिए जब भी आप लो फील करें, सत्तू का सेवन करें। सत्तू तुरंत ऊर्जा देने का कार्य करता है। यह कमजोरी को दूर कर आपको ऊर्जावान बनाए रखने में कारगर है। इसमें कई तरी के पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं जो पोषण देते हैं।
हाई फाइबर सोर्स आपका पाचन ठीक रखते हैं। जिससे आपको मोटापा नहीं होता। यह वजन घटाने में भी मददगार है। सत्तू में थोड़ा सा नमक डालकर पीना बहुत ही फायदेमंद होता है। बेसन में उच्च मात्रा में फाइबर होता है जो हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या को दूर करने में मदद करता है।
ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए सत्तू का सेवन काफी लाभदायक होता है। इसके लिए सत्तू में नींबू, नमक, जीरा और पानी मिलाकर सेवन करना चाहिए।
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