राइबोस चायः कैफीन-फ्री ऐसी चाय जो डायबिटीज कंट्रोल व वजन कम करने में सहायक है

राइबोस चाय अन्य चाय या कॉफी से ज्यादा सेहतमंद मानी जाती है क्योंकि इसमें शरीर को नुकसान करने वाला कैफीन नहीं पाया जाता है। अफ्रीका में इसे लाल चाय के नाम से जाना जाता है।

WrittenBy

Written By: akhilesh dwivedi | Updated : January 18, 2019 1:18 PM IST

चाय पीना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है ऐसा आपने कई बार पढ़ा होगा। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि चाय में कुछ ऐसे एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को कई बीमारियों से बचाते हैं। कुल मिलाकर चाय का नियमित प्रयोग करना सेहत के लिए लाभप्रद होता है।

चाय का एक लंबा इतिहास है, वैसे चाय का वर्तमान समय में समाजिकता और समारोह में प्रयोग होने लगा है। चीन और जापान से चाय का इतिहास चलकर विश्व के सभी देशों तक पहुंचा ही नहीं बल्कि रोजाना की आदत में शामिल हो गया है।

चाय पीते वक्त ज्यादातर भारतीय करते हैं ये 5 गलतियां।

आपने चाय के तमाम प्रकारों के साथ राइबोस चाय के बारे में भी सुना होगा। राइबोस चाय वैसे तो दक्षिण अफ्रीका में होने वाली एक झाड़ी प्रजाति का पौधा है। राइबोस चाय अन्य चाय या कॉफी से ज्यादा सेहतमंद मानी जाती है क्योंकि इसमें शरीर को नुकसान करने वाला कैफीन नहीं पाया जाता है। अफ्रीका में इसे लाल चाय के नाम से जाना जाता है। अफ्रीकी देशों में इसके औषधीय गुणों के कारण काफी लोकप्रियता है।

ग्रीन टी से भी ज्यादा फायदेमंद है जापानी माचा चाय, जानें फैक्ट्स।

कैसे पी जाती है राइबोस चाय ?

यह सवाल सबसे ज्यादा लोगों के मन में आता है। वैसे इस चाय को भी सामान्य काली चाय की तरह ही पीया जाता है। राइबोस चाय की खास बात यह है कि इसमें खुद की एक मीठास है जिसकी वजह से इसमें अलग से चीनी का उपयोग करने की जरूरत नहीं होती है। राइबोस चाय की दूसरी खास बात यह है कि इसमें ऐसे गुण होते हैं कि इसे अगर आप रात में पीते हैं आपको बेहरत नींद आती है।

Rooibos Tea link between Weight Loss and diabetes राइबोस चाय का वेट लॉस और डायबिटीज से क्या संबंध है ? ©Shutterstock.

गुलाब की चाय है फायदेमंद ! जानें, कैसे करती है रोगों को दूर।

राइबोस चाय को क्यों पीना चाहिए ?

राइबोस चाय में उच्च स्तर का एंटी-ऑक्सिडेंट पाया जाता है। इसमें पाये जाने वाले खास पदार्थ शरीर में किसी भी प्रकार की एलर्जी को कम करने का काम करते हैं।

राइबोस चाय के इस्तेमाल से शरीर के दर्द से छुटकारा मिलता है। राइबोस अर्थात लाल चाय में पाये जाने वाले पदार्थ हार्ट हेल्थ को भी बेहतर करने का काम करते हैं।

चाय-कॉफी के साथ बिस्किट खाना चाहिए या नहीं ?

2015 में हुए एक कोरियाई शोध में पाया गया कि राइबोस चाय में पाये जाने वाले एस्पलाथिन की वजह से ब्लड प्रेशर को बेहतर होता है।

एक शोध में यह भी पाया गया कि अगर अधिक वजन वाले इंसान को 6 हफ्ते तक लाल चाय दी जाय तो अच्छे कोलेस्ट्रॉल में बढ़ोत्तरी होने के साथ वजन भी कम होने लगता है। इसके सेवन से हार्ट रोग का खतरा भी कम होता है।

टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों को एक्सरसाइज करते वक्त रखना चाहिए इन 10 बातों का ध्यान।

राइबोस चाय अर्थात लाल चाय के उपयोग से शरीर में किसी भी तरह के ट्यूमर के विकास को रोका जा सकता है।

राइबोस चाय में पाया जाने वाला एस्पलाथिन तत्व का उपयोग चूहों पर भी किया गया जिसकी वजह से इंसुलिन बनने की प्रक्रिया बेहतर होती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसका उपयोग टाइप-2 डायबिटीज रोगियों के इलाज में किया जा सकता है। हलांकि अभी इसमें और अधिक शोध की जरूरत है।

टाइप 2 डायबिटीज और सफेद चावल का क्या सम्बंध है ?

राइबोस चाय में पाये जाने वाले ये तमाम गुणों को देखते हुए बेहतर स्वास्थ्य के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है।

ध्यान देने वाली बात ये है कि अगर आप किसी तरह की दवा का सेवन करते हैं तो इसके बारे में अपने डॉक्टर से जरूर सलाह कर लें।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.