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साल 2020 की शुरुआत से पूरी दुनिया में फैला कोरोना हर उस व्यक्ति के लिए चिंता का सबब बन चुका है, जो अपने स्वास्थ्य के प्रति गैर जिम्मेदार रहा करते थे। कोरोना ने लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग और अपनी खान-पान की आदतों में सुधार करने के लिए मजबूर कर दिया है। वहीं लोगों ने भी इस बात को समझते हुए अपनी डाइट को बेहतर बनाया है और हर उस चीज को अपनी डाइट में शामिल किया है, जो कि उनके लिए हेल्दी है। हालांकि लोगों के मन में अक्सर इस बात का ख्याल आता है कि अगर वे ड्राई फ्रूट का सेवन करते हैं तो क्या उन्हें कच्चे ड्राई फ्रूट का सेवन (roasted or raw dry fruit) करना चाहिए या फिर रोस्ट किए हुए ड्राई फ्रूट। ये सवाल अक्सर लोगों को परेशान करता है लेकिन इस लेख में हम आपको ये बताने जा रहे हैं कि दोनों में कौन से टाइप आपकी सेहत के लिए अच्छा है। तो आइए जानते हैं दोनों में से कौन सा ड्राई फ्रूट (roasted or raw dry fruit) आपके लिए बेहतर है।
अगर आप ऐसी किसी जगह पर रहते हैं, जहां ताजे फल नहीं मिलते हैं तो आप ताजे फलों के बजाय ड्राई फ्रूट का विकल्प चुन सकते हैं। यह इस स्थिति में आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कैसे आप अलग-अलग ड्राई फ्रूट (roasted or raw dry fruit)को साथ में मिलाकर आसानी से कुछ भी तैयार कर सकते हैं। आप इसे चिकित्सय रूप में भी खा सकते हैं। आइए तो जानते हैं सबसे पहले ड्राई फ्रूट को रोस्ट करने के बारे में।
रोस्टेड यानी की भुने हुए ड्राई फ्रूट जैसे काजू बादाम, पिस्ता, अखरोट आदि को जब नमक के साथ भूना जाता हैं तो इनका स्वाद बढ़ जाता है। चूंकि इनमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है इसलिए ये कुछ व्यक्तियों को एलर्जी हो सकती है इसलिए भुने हुए नट्स (roasted or raw dry fruit)जैसे काजू पिस्ता खाने से उन्हें एलर्जी हो जाती है।
जिन लोगों को ड्राई फ्रूट खाने से एलर्जी होती है उन्हें रात को इन ड्राई फ्रूट (roasted or raw dry fruit)को पानी में भिगोना चाहिए, उनका पेस्ट बनाना चाहिए और दूध के साथ मिलाकर पीना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
जो लोग अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं उन्हें इन नट्स को खासतौर पर काजू पिस्ता और बादाम को घी में भूनना चाहिए और दूध के साथ घी का सेवन करना चाहिए।
इनको पीसकर बनाया जाने वाले पाउडर को एक एयर टाइट कंटेनर में इकठ्ठा किया जा सकता है। इस पाउडर को बढ़ते बच्चों को रोजाना दूध के साथ 1 से 2 चम्मच देना चाहिए क्योंकि ये एक सबसे अच्छा प्रोटीन सप्लीमेंट साबित हो सकता है।
यहां तक कि घी में भुने हुए ड्राई फ्रूट व गुड़ को साथ मिलाकर इनके लड्डू भी बनाए जा सकते हैं। यह बच्चों में वजन बढ़ाने और उनकी याददाश्त बढ़ाने के लिए काफी अच्छे हैं।
ताजे फलों की तरह इनके सेवन से छोटे बच्चों में सर्दी और गले में खराश पैदा नहीं होती है।
वे लोग, एनीमिया का शिकार हैं या फिर जिन्हें अत्यधिक थकान व कमजोरी के साथ-साथ कब्ज की शिकायत रहती है उन्हें ड्राई भीगी हुई किशमिश और सूखे अंजीर का सेवन करना चाहिए।
दोनों बहुत ठंडी होती हैं और ये हीमोग्लोबिन बढ़ाने का काम करती है। इसके अलावा ये शरीर में मौजूद अत्यधिक गर्मी या पित्त को हटाने का काम करती हैं।
इन्हें रात पर भिगोकर और सुबह खाली पेट खाया जा सकता है।
वजन बढ़ाने, थकान को कम करने और इन्हें अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए आप कटे हुए सूखे अंजीर, खजूर आदि ड्राई फ्रूट को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें और फिर घी, ओट के साथ भूनकर या बिना गुड़ या चीनी के लड्डू डालकर नरम किया जा सकता है। ये सभी आयु वर्ग के लिए आयरन, कैल्शियम और विटामिन का उत्कृष्ट स्रोत है। इसके अलावा खीर में ड्राई फ्रूट्स (roasted or raw dry fruit) को मिलाकर इसे और अधिक पौष्टिक बनाया जा सकता है।