... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
जानिए क्या है? ऋषि अन्न
Health benefits of Rishi Anna: मिलेट्स यानी मोटे अनाज के बारे में तो आपने बहुत सुना होगा। सेहत के लिए बहुत हेल्दी ये अनाज तमाम तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। मिलेट्स में ग्लूटेन की मात्रा बहुत कम पाई जाती है। इसलिए इसके सेवन से हमारे शरीर में शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं ठीक रहती हैं। हाल ही में पूरी हुई G20 बैठक में आए हमारे विदेशी मेहमानों को बहुत से भारतीय खाद्य पदार्थों का स्वाद चखाया गया। जिसमें अलग-अलग राज्यों के तमाम व्यंजनों के अतिरिक्त जो सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा है, वह है ‘ऋषि अन्न’। यह शानदार खाद्य पदार्थ न केवल विदेशी मेहमानों के लिए, बल्कि हमारे देश के बहुत से लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया। चलिए, जानते हैं क्या है ‘ऋषि अन्न’ और यह कैसे सेहत के लिए है फायदेमंद?
मिलेट्स की बात करें तो इसमें कई तरह के मोटे अनाज शामिल हैं। मोटे अनाजमें आमतौर पर ज्वार, बाजरा और रागी को शामिल किया जाता है। इसके अलावा, कुटकी, कांगनी, कोदो और सांवा आदि जिन्हें हम छोटे अनाज कहते हैं, मिलेट्स में ही शामिल हैं। वहीं, इनके गुणों की बात करें तो कैल्शियम, आयरन, फाइबर, विटामिन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर ये अनाज पोषण का खजाना होते हैं।
मिलेट्स में शामिल 'कोदो' को ही ऋषि अन्न कहा गया है। जिसके पीछे कारण है कि कोदो कम पानी और कम उपजाऊ भूमि में आसानी से उगाया जा सकता है। इस तरह के हेल्दी और कम मेहनत में उगाए जाने वाले अनाज को अब बहुत कम मात्रा में उगाया जा रहा है। भारत में हुई खेती की प्रगति के कारण हमारे सभी मोटे अनाजों की पैदावार आज धीरे-धीरे कम होती जा रही है।
कोदो को ऋषि अन्न इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसे उगाने के लिए किसान को खेत जोतने की आवश्यकता नहीं होती है। साथ ही इसकी पैदावार में बहुत अधिक पानी की आवश्यकता भी नहीं पड़ती है। यानी न तो जानवर को कष्ट होता है, और न ही प्रकृति का दोहन होता है। अपने इन्हीं शानदार गुणों के कारण इसे ‘ऋषि अन्न’ नाम दिया गया है।