रमजान के दौरान हेल्दी और फिट रहना है, तो अपनाएं ये खास टिप्स
तड़के खाए जाने वाली सहरी को कभी नहीं छोड़ें, क्योंकि यह आपके लिए मुख्य भोजन है, जिस पर पूरा दिन आपका शरीर निर्भर रहता है।
Written by Anshumala|Published : May 28, 2018 1:26 PM IST
जो लोग रमजान के पवित्र महीने में रोजा रखते हैं, उनके लिए पोषक आहार के साथ दिन की शुरुआत करना फिट और हेल्दी रहने के लिए बेहद जरूरी है। इससे उनका शरीर दिनभर ऊर्जावान बना रहेगा। 'उमंग वर्ल्ड' के संस्थापक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी व पोषण विशेषज्ञ उमंग अग्रवाल ने इस संबंध में कुछ सुझाव दिए हैं :
सहरी (अल सुबह) कैसा हो खानपान
तड़के खाए जाने वाली सहरी को कभी नहीं छोड़ें, क्योंकि यह आपके लिए मुख्य भोजन है, जिस पर पूरा दिन आपका शरीर निर्भर रहता है।
रात में भीगे बादाम आदि के साथ अपने दिन की शुरुआत करें और फिर फलों के साथ जूस या दूध का सेवन करें।
दिनभर खुद को तृप्त महसूस कराने के लिए उच्च-फाइबर युक्त आहार जैसे सब्जियों के साथ पनीर/चिकन/अंडे के साथ मल्टीग्रेन वाली रोटी का सेवन करें।
ओट्स या मल्टीग्रेन आटे से बने स्टफ परांठे के साथ नॉन-स्टिक पैन पर बने पनीर या अंडे की भुर्जी खाएं, जिससे दिनभर आपके शरीर को तृप्ति महसूस होगी।
शाम के समय नमक और चीनी डाले गए एक गिलास नींबू पानी से रोजा खोलें। इससे आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होगी।
खजूर परंपरागत रूप से और स्वास्थ्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये ऊर्जा स्रोत और महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।
मधुमेह रोगियों को खजूर के सेवन से बचना चाहिए और जिन्हें लैक्टोस से समस्या है, वे नियमित दूध की बजाय सोया मिल्क का सेवन कर सकते हैं।
थोड़े अंतराल के बाद उचित रूप से आहार का सवेन करें, जिसमें ब्राउन राइस या उच्च फाइबर युक्त रोटी, ढेर सारा वेजिटेबल सलाद, लीन मीट, मछली या अंडा शामिल हो।
रोजा रखने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। मेडिकल ऑफिसर दीपक पराशर ने इस संबंध में कुछ सुझाव दिए हैं कि कैसे रोजा बरकरार रखा जा सकता है :
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मधुमेह से पीड़ित लोगों के शरीर में रोजे के दौरान ग्लूकोज का स्तर कम या ज्यादा होने का जोखिम रहता है। असमय भोजन और दवाओं के अनुचित सेवन से शरीर में ब्लड शुगर का स्तर कम हो सकता है और इससे हाइपोग्लाइसीमिया हो सकता है, जिससे कमजोरी, चक्कर या मूर्छा आना जैसी समस्या हो सकती है।
उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को समय पर दवाइयां लेनी पड़ती है, क्योंकि ऐसा नहीं करने पर गंभीर प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। रमजान के दौरान सख्त नियम रोजे की अवधि में दवा या पानी के सेवन की अनुमति नहीं देते। उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए इस तरह के बदलाव नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।
थायरॉइड से पीड़ित जो लोग नियमित रूप से दवाई लेते हैं, उनके लिए अनुचित या असमय दवाइयां लेने से शरीर में हॉर्मोनल असंतुलन हो सकता है, इसलिए दवाइयां लेना नहीं छोड़ें।
गर्म मौसम में देर तक भूखे-प्यासे रहने से स्वास्थ्य संबंधी कुछ समस्याएं जैसे डिहाइड्रेशन हो सकता है। इससे कमजोरी और सिरदर्द हो सकता है।
देर तक खाली पेट रहने से पेट में दर्द, पेट का फूल जाना, गैस बनना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इनसे बचने के लिए 'सहरी' के अपने हिस्से को नहीं छोड़ें।
रोजे के दौरान सेवन किए जाने वाले भोजन आमतौर पर वसा से भरपूर और ज्यादा तले-भुने होते हैं। इससे जिन लोगों को कोलेस्ट्रॉल की पहले से समस्या है, उनमें इसका स्तर बढ़ सकता है और हृदय संबंधी समस्या हो सकती है।
हर कोई लंबी अवधि तक भूखे-प्यासे रहने में सक्षम नहीं होता। देर तक भूखे-प्यासे रहने से कई लोगों में कमजोरी हो सकती है।
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