डायबिटीज मरीज रोजा रखते समय क्या करें और क्या न करें?

Ramadan 2026 How Do You Manage Diabetes While Fasting : रमजान में डायबिटीज के मरीजों को रोजा रखते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए डाइटिशियन से जानते हैं इसके बारे में

WrittenBy

Written By: Ashu Kumar Das | Published : February 21, 2026 4:33 PM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr. Sukh Sabia Preet Kaur

What to Eat and What to Avoid in Roza: मुस्लिम समुदाय का सबसे पवित्र महीना रमजान का महीना शुरू हो चुका है। रमजान के महीने में रोज़ा रखना लोगों की आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। लेकिन डायबिटीज (मधुमेह) से पीड़ित लोगों के लिए लंबे समय तक बिना खाने और पानी के रहें, तो इससे कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। दिल्ली के द्वारका स्थित मैक्योर हॉस्टिपल की डाइटिशियन बताती हैं कि डायबिटीज के मरीज अगर खानपान की सही प्लानिंग करते हैं, तो सुरक्षित रूप से रोजा कर सकते हैं।

डायबिटीज के मरीज रोजा रखते समय क्या करें

  1. सहरी (Sehri) जरूर खाएं- रोजा में सुबह सबसे पहले खाई गई सहरी शरीर को पूरे दिन एनर्जी देने का काम करती है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को रोजा रखते समय सहरी जरूर खानी चाहिए। डाइटिशियन का कहना है कि रोजेदारों को सहरी में ओट्स, दलिया, मल्टीग्रेन रोटी, अंडा, दाल, दही, मेवे और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल खाना चाहिए। ओट्स और दलिया जैसे अनाज शरीर में धीरे-धीरे एनर्जी रिलीज करते हैं। इससे शरीर को पूरे दिन एनर्जी मिलती है।
  2. संतुलित इफ्तार करें- डायबिटीज के मरीजों के लिए रोजे के दौरान जितना सहरी जरूरी है, उतना ही इफ्तार। डायबिटीज के मरीजों को इफ्तार के दौरान सीमित मात्रा में मीठा और तला हुआ खाना चाहिए। डाइटिशियन बताती हैं कि इफ्तार में डायबिटीज के मरीजों को 1-2 पीस खजूर, फल, सूप, ग्रिल्ड या उबला हुआ भोजन करना चाहिए।
  3. सही मात्रा में पानी पिएं- इफ्तार और सहरी के दौरान डायबिटीज के मरीजों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। सहरी और इफ्तार के दौरान 2 से 3 गिलास पानी पीना चाहिए।
  4. ब्लड शुगर की जांच जरूर करें- रोजे के दौरान लंबे समय तक भूखे और प्यासे रहने की वजह से ब्लड शुगर अनियंत्रित हो सकता है। इस स्थिति में रोजा रखने वाले डायबिटीज के मरीजों को सहरी से पहले, दोपहर में, इफ्तार से पहले और सोने से पहले ब्लड शुगर की जांच जरूर करनी चाहिए। रोजा के दौरान आपको ब्लड शुगर ऊपर-नीचे होता हुआ नजर आता है, तो इस विषय में अपने डॉक्टर से बात करें।
  5. हल्की एक्सरसाइज जरूर करें- रोजा में लंबे समय तक भूखे रहने का यह मतलब बिल्कुल नही हैं कि आप किसी प्रकार की एक्सरसाइज नहीं कर सकते हैं। रोजा रखने के दौरान हल्की वॉक पाचन क्रिया को एक्टिव करती है। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है।

ramdan-diet

डायबिटीज के मरीज रोजा रखते समय क्या न करें

  1. सहरी न छोड़ें- डाइटिशियन बताती हैं कि डायबिटीज के मरीजों के लिए सहरी छोड़ना सबसे बड़ी गलती हो सकती है। सहरी न करने से दिनभर में ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम (Hypoglycemia) हो सकता है। यह स्थिति डायबिटीज के मरीजों के लिए जानलेवा साबित होती है।
  2. ज्यादा शुगर से बचें- रोजा के दौरान दिनभर खाली पेट रहने के बाद इफ्तार के समय ज्यादा शरबत, तली-भुनी चीजें (पकोड़े, समोसे) या बहुत ज्यादा खजूर खाने से बचें। इफ्तार में ज्यादा मात्रा में चीनी और कार्बोहाइड्रेट लेने से ब्लड शुगर तेजी से स्पाइक होता है, जो आपके लिए हानिकारक साबिज हो सकता है।
  3. हाइड्रेशन न करें नजरअंदाज- इफ्तार और सहरी के बीच पर्याप्त पानी न पीना डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है। चाय या कॉफी का सेवन कम करें क्योंकि ये शरीर से पानी को बाहर निकालते हैं (Diuretic effect)।

निष्कर्ष

एक्सपर्ट के साथ हुई बातचीत के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि डायबिटीज के मरीज सही तैयारी और सावधानियों के साथ सुरक्षित रूप से रोजा रख सकते हैं। सहरी न छोड़ना, संतुलित इफ्तार करना, ब्लड शुगर की नियमित जांच, पर्याप्त पानी पीना और डॉक्टर की सलाह का पालन किया जाए, तो रोजा के दौरान डायबिटीज के मरीज सही रह सकते हैं। रोजा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से दवाइयों की डोज और समय (Timing) के बारे में सलाह जरूर लें।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source