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पोषण का इंद्रधनुष यानी अलग-अलग रंग के फल और सब्जियों को एक संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल करना, ताकि बच्चों को पूरा पोषण मिल सके। ©Shutterstock.
आजकल ज्यादातर अभिभावकों की चिंता यही होती है कि उनके बच्चे कुछ खाते नहीं। खाते भी हैं तो वे सब चीजें जिनसे पोषण नहीं मिल पाता। अगर आपकी चिंता भी ऐसी ही है तो हम आपको बता रहे हैं पोषण का इंद्रधनुष। जिसे फॉलो कर आप अपने बच्चों को सेहत का तोहफा दे सकते हैं।
सब्जियों और फलों का रंग सिर्फ देखने में ही नहीं बल्कि उनके साथ उनकी पोषण की जानकारी जुड़ी है। अमूमन एक रंग की सब्जियों में एक से गुण पाए जाते हैं। इसलिए अगर आप बच्चों को पूरा पोषण देना चाहते हैं तो हर रंग की सब्जी और फल उनकी डाइट में शामिल करें। रंग-बिरंगे आहार से वे न केवल खुश होंगे, बल्कि स्वस्थ भी होंगे। मेडिकल भाषा में इसे रेनबो मैथड भी कहा जाता है।
सफेद, लाल, हरा, पीला और नीला या पर्पल रंग के खानों का एक समूह बना लें। हर दिन जितने रंग के खाने बच्चे को देंगे, उतना बेहतर होगा। कम से कम सप्ताह में दो से तीन बार हर रंग का खाना देना चाहिए। खाना और उसके रंग न्यूट्रिशन से जुड़ा है और हर कलर का अलग पौष्टिक वैल्यू है। रेनबो मैथड से बच्चों को पूरा पोषण मिलता है।
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सफेद
चावल आलू और दूध से बनी चीजें
लाल
चुकंदर, गाजर, अनार और टमाटर जैसे खाद्य पदार्थ
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हरा
सभी हरी सब्जियां
पीला
आम, कॉर्न, पपीता जैसे फल
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नीला
अंगूर, बैंगन, पत्ता गोभा, बैंगनी गोभी जैसी चीजें
नॉनवेज
अगर नॉनवेज खाते हैं तो बच्चे को नॉनवेज और अंडा में सप्ताह में दो से तीन बार दें। यह प्रोटीन के लिए बेहतर है।