रागी, ज्वार या गेहूं, क‍िसकी रोटी खाना होता है ज्‍यादा हेल्‍दी?

गेहूं की रोट‍ियां सबसे ज्‍यादा प्रचल‍ित हैं, लेक‍िन इन द‍िनों रागी और ज्वार के आटे से बनी रोटियों का चलन भी बढा है। आपके मन में ये सवाल आता होगा क‍ि क‍िसकी रोटी सबसे हेल्‍दी होती है? आइये जानते हैं ।

WrittenBy

Written By: Vandana Bharti | Updated : October 23, 2024 9:01 PM IST

Ragi vs jowar vs wheat roti : भारत में पारंपर‍िक तौर पर रोटी खाने का चलन है। मौसम के ह‍िसाब से घर में मां कभी ज्‍वार की रोटी बनाती है तो कभी रागी की और कभी गेहूं की रोटी बनाती है। हालांक‍ि घर में रोटी क‍िस चीज की बनेगी, ये घर में रहने वाले लोगों की सेहत पर भी न‍िर्भर करता है। इन रोटियों में प्रोटीन, आहार फाइबर, कैल्शियम, आयरन, विटामिन बी और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। रागी और ज्वार में फाइबर और खनिज प्रचुर मात्रा में होते हैं और ये ब्‍लड शुगर को नियंत्रित करने, आपको पेट भरे होने का एहसास कराने और वजन को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। इसलिए, समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए रोटी के लिए सही प्रकार का आटा चुनना जरूरी है। तो, आइये जानते हैं क‍ि आपके ल‍िए रागी, ज्वार और गेहूं की रोटी में से कौन सी रोटी सबसे हेल्‍दी ऑप्‍शन है।

रागी, ज्‍वार या गेहूं, क‍िसकी रोटी है सबसे ज्‍यादा फायदेमंद? | Ragi vs jowar vs wheat roti, Which is best?

क‍िसमें है सबसे ज्‍यादा पोषण?

आजकल आपके पास इतने ऑप्‍शन हैं क‍ि इसमें से अपने ल‍िए सही का चुनाव करना थोडा मुश्‍क‍िल हो जाता है। अगर हम बात रागी, ज्‍वार और गेहूं की रहे हैं तो तीनों में से बेस्‍ट कौन होगा, ये जानने के ल‍िए तीनों के न्‍यूट्र‍िशन वैल्‍यू के बारे में जानना जरूरी है। तभी आप ये समझ पाएंगे क‍ि तीनों में क्‍या अंतर है और ये फैसला कर पाएंगे क‍ि आपकी सेहत के ल‍िए बेस्‍ट ऑप्‍शन क्‍या हो सकता है।

रागी: रागी के आटे में कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर मात्रा में होता है। अगर डायब‍िट‍िक हैं तो आपको ये रोटी खानी चाह‍िए, क्‍योंक‍ि ये ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करता है और हृदय स्वास्थ्य को भी बेहतर रखता है। जो लोग वजन कम करने की जर्नी में हैं, वो भी इसका सेवन कर सकते हैं, क्‍योंक‍ि ये वजन घटाने में भी बेहद कारगर है। अक्‍सर डायटीश‍ियन रागी की रोटी खाने की सलाह देते हैं।

ज्वार: ज्‍वार की अगर बात करें तो इसमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होता है। अगर आपको पाचन की द‍िक्‍कत रहती है तो आपको इसका सेवन करना चाह‍िए। ज्‍वार द‍िल की सेहत के ल‍िए भी अच्‍छा है। अगर कोई व्‍यक्‍त‍ि ग्लूटेन सेंस‍िट‍िव है तो ऐसे लोगों को ज्‍वार की रोटी खानी चाह‍िए।

गेहूं: गेहूं के आटे का इस्‍तेमाल सबसे ज्‍यादा क‍िया जाता है। अगर ये कहें क‍ि भारत के हर घर में गेहूं के आटे की रोटी बनती है, तो गलत नहीं होगा। गेहूं के आटे में फाइबर और कई पोषक तत्व होते हैं। गेहूं के आटे से बनी रोटी खाने से आपको ऊर्जा मिलती है और ये द‍िल की सेहत के ल‍िए भी अच्छी है। लेकिन ग्लूटेन की समस्या वाले लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है।

2. ग्लूटेन कंटेंट

रागी और ज्वार दोनों ही ग्लूटेन-फ्री होते हैं, जो उन्हें ग्लूटेन असहिष्णुता वाले लोगों के लिए आदर्श बनाता है। विशेषज्ञ कहते हैं, गेहूं में ग्लूटेन होता है, जो सीलिएक रोग या ग्लूटेन संवेदनशीलता वाले लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है।

3. वजन घटाना

रागी और ज्वार दोनों ही वजन घटाने के लिए बेहतर विकल्प हैं क्योंकि इनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है और गेहूं की तुलना में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source