प्रोटीन की कमी के लक्षण क्या हैं? हेल्थ एक्सपर्ट बता रहे हैं कैसे पूरी करें शरीर में प्रोटीन की कमी

एक वयस्क को रोजाना 0.8 से 1 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो वजन चाहिए। लेकिन खानपान सही न होने के कारण भारत में  ज्यादातर लोगों को प्रोटीन की कमी हो जाती है। आइए जानते हैं शरीर में होने वाली प्रोटीन की कमी के लक्षण-

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : August 7, 2026 8:29 AM IST

थकान रहती है, बाल झड़ रहे हैं, चोट जल्दी नहीं भरती... अगर यह 3 लाइनें आपकी रोज की कहानी हैं, तो गलती कहीं और नहीं, आपके खाने में प्रोटीन की कमी हो सकती है। हम कार्ब्स और फैट की तो खूब बात करते हैं। पर प्रोटीन? उसे अक्सर जिम जाने वालों का खाना समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट बताती है कि प्रोटीन शरीर का ईंट होती है। मांसपेशी, बाल, नाखून, एंजाइम, हार्मोन सबका निर्माण प्रोटीन से ही होता है। इसलिए हम सबका सही मात्रा में प्रोटीन खाना बहुत जरूरी है। तो चलिए समझते हैं कि प्रोटीन की कमी होने पर शरीर में कौन से लक्षण दिखते हैं और कैसे प्रोटीन की कमी को पूरा किया जा सकता है।

प्रोटीन की कमी होने पर दिखते हैं ये 5 लक्षण

  1. थकान और शारीरिक कमजोरी- प्रोटीन मांसपेशियों को बनाता है। जब प्रोटीन कम होगा तो मांसपेशियां टूटेंगी ही। नई दिल्ली के द्वारका स्थित मैक्योर हॉस्पिटल की क्लिनिकल डायटीशियन स्नेहा का कहना है कि प्रोटीन की कमी से सीढ़ी चढ़ते ही सांस फूलना, 2 घंटे काम करके थक जाना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
  2. बार-बार बीमार पड़ना- हमारे शरीर की इम्यून सेल्स, एंटीबॉडीज सब प्रोटीन से बनती हैं। प्रोटीन कम = इम्यूनिटी कम होना। छोटा सा जुकाम भी 15 दिन तक नहीं जाएगा। इसलिए बार- बार बीमार पड़ने की स्थिति को इग्नोर नहीं करना चाहिए।
  3. बाल और स्किन की समस्या- बाल और नाखून 90% केराटिन नामक प्रोटीन से बने हैं। प्रोटीन की कमी में सबसे पहले बाल पतले होंगे, झड़ेंगे। नाखूनों पर सफेद लाइनें और त्वचा बेजान लगने लगेगी। डाइटिशियन कहती हैं कि अगर किसी व्यक्ति के बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं या त्वचा से जुड़ी परेशानियां बढ़ रही हैं तो उसे तुरंत प्रोटीन से जुड़ा टेस्ट करवाना चाहिए।
  4. घाव का देर से भरना- प्रोटीन शरीर के टिश्यू को रिपेयर करता है। कट लगने के बाद नई स्किन बनाने के लिए प्रोटीन चाहिए होता है। प्रोटीन की कमी होने पर शरीर में होने वाले घाव को भरने में 1 सप्ताह की बजाय 1 महीने का समय लग सकता है।
  5. फोकस की कमी- रिसर्च बताती है कि सेरोटोनिन और डोपामिन जैसे खुशी वाले हार्मोन एमिनो एसिड से बनते हैं। खास बात यह है कि एमिनो एसिड प्रोटीन से आता है। प्रोटीन की कमी से चिड़चिड़ापन, एंग्जायटी और ध्यान न लगना आम बात है।

भारतीय थाली में प्रोटीन सही मात्रा में नहीं होता है। भारतीय थाली में प्रोटीन सही मात्रा में नहीं होता है।

प्रोटीन की कमी क्यों होती है?

डाइटिशियन बताती हैं कि भारत में एक बड़ा वर्ग रोटी और सब्जी के भरोसे अपना दिन काटता है। इसका मतलब यह है कि भारतीय थाली में एक बड़ा हिस्सा कार्ब्स का होता है।

  1. डाइट में कमी - सिर्फ रोटी-चावल-आलू पर निर्भर रहना खाने में दाल, दही, अंडा, पनीर को शामिल न करना भारतीयों में प्रोटीन की कमी का कारण बन सकता है।
  2. डाइट में प्लानिंग न होना - शाकाहारी लोगों को अक्सर लगता है कि वो रोजाना के खाने में दाल खा लेंगे तो इससे उनकी प्रोटीन की जरूरत पूरी हो जाएगी। लेकिन सिर्फ दाल से काम नहीं चलगा।
  3. उम्र - 40 के बाद मसल बनाने के लिए ज्यादा प्रोटीन चाहिए। पर हमारे देश में गैस और एसिडिटी की बातें कहकर लोग 40 साल की उम्र के बाद प्रोटीन खाना कम कर देते हैं।

ICMR के अनुसार, एक वयस्क को रोजाना 0.8 से 1 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो वजन चाहिए। यानी 60 किलो वाले को 60 ग्राम तक होना चाहिए, पर ज्यादातर लोग 30 से 40 ग्राम पर ही रुक जाते हैं।

प्रोटीन की कमी को कैसे पूरा करें

डाइटिशियन बताती हैं कि प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए रोजमर्रा के खानपान में कुछ खास चीजों को शामिल करना चाहिए।

खानामात्राप्रोटीन की मात्रा
दूध1 गिलास8 ग्राम
टोफू100 ग्राम10 ग्राम
बादाम10 पीस6 ग्राम
मूंगफलीमुट्ठी भर7 ग्राम
दही1 कटोरी10 ग्राम
सोयाबीन100 ग्राम36 ग्राम
ग्रीक योगर्ट1 कटोरी15 ग्राम
पनीर100 ग्राम18 ग्राम
मूंग/चना दाल पकी हुई1 कटोरी9 ग्राम

हेल्थ एक्सपर्ट कहती हैं कि प्रोटीन कोई बॉडीबिल्डर का सीक्रेट नहीं है। यह हर इंसान की जरूरत है। एक मां, एक स्टूडेंट, एक ऑफिस वर्कर... सबको चाहिए। इसलिए अगली बार थाली लगाते समय खुद से पूछिए - इसमें प्रोटीन कहां है? अगर जवाब नहीं है तो एक कटोरी दही, मुट्ठी भर बादाम या एक उबला अंडा तुरंत ऐड कर दीजिए।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। डाइट में कोई भी बदलाव या सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटीशियन से सलाह लें।