प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताई 10 देसी ड्रिंक, बोले परंपरा का है हिस्सा

Pradhanmantri Ne Konsi Drink Pine Ke Liye Kaha Hai: मन की बात के 134वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने 10 ऐसे पेय पदार्थों के बारे में बताया है जो बिना मिलावट के बनाए जाते हैं और भारत के अलग-अलग राज्यों में गर्मी सहन करने की हिम्मत देते हैं।

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Written By: Vidya Sharma | Published : June 2, 2026 10:27 AM IST

Summer Ke Liye Traditional Drinks: गर्मियां हों और हर घर कुछ पारंपरिक पेय न बने, ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। किसी के घर शरबत बनता है तो किसी के घर छांछ, जोकी पेट की गर्मी को काटने का काम करते हैं। ऐसी ही कुछ देसी ड्रिंक्स के बारे में 31 मई को मन की बात के 134वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बात की। उन्होंने उन्होंने संदेश दिया कि हमारे देश में गर्मी से रात पातने के लिए कई ऐसे उपाय नहीं जो किचन में ही मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि 

"हमारे यहां गर्मी से लड़ने का तरीका कई बार रसोई से मिलता है। आपने भी देखा होगा कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे ही रसोई का स्वाद बदल जाता है। कहीं मटके का पानी निकल आता है, कहीं दही जमने लगता है, तो कहीं कच्चे आम उबलने लगते हैं। और फिर शुरू होता है देसी पेय का दौर।"

उन्होंने कहा कि "ये सिर्फ पेय पदार्थ नहीं हैं, बल्कि भारत के अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं का हिस्सा हैं। और ये 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को भी दर्शाते हैं। और एक बात याद रखें: इनमें से अधिकांश उत्पाद हमारी अपनी रसोई, हमारे खेतों और खलिहानों से आते हैं। इनमें कोई बड़ी ब्रांडिंग नहीं है, लेकिन ये पीढ़ियों के अनुभव को समेटे हुए हैं।" जब प्रधानमंत्री ने इन ड्रिंक्स की इतनी तारीफ कर ही दी है तो आइए आपको भी बता ही देते हैं कि वो 10 पेय पदार्थ कौन से हैं।

हमारे यहां गर्मी से लड़ने का तरीका कई बार रसोई से मिलता है। आपने भी देखा होगा कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे ही रसोई का स्वाद बदल जाता है। कहीं मटके का पानी निकल आता है, कहीं दही जमने लगता है, तो कहीं कच्चे आम उबलने लगते हैं। और फिर शुरू होता है देसी पेय का दौर।

गर्मियों में विटामिन सी के लिए पिएं आम पन्ना

आपने आम पन्ना का नाम सुना होगा।, यह भारत के उत्तरी और पश्चिमी राज्यों में बनाया जाता है। इसके कच्चे आम से बनाया जाता है। पीने में यह खट्टा-मीठा होता है, क्योंकि इसे बनाने के लिए कच्चे आम के साथ-साथ पानी, चीनी या गुड़, सेंधा नमक और भुने हुए जीरा पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। पेट से जुड़ी कई समस्याओं को ठीक करने के साथ-साथ ये शरीर के अंदर की गर्मी को खत्म कर ठंडक देने का काम करता है। साथ ही एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी से रिच ये ड्रिंक आपके शरीर में पानी की कमी भी नहीं होने देती है।

लस्सी से दें शरीर को ठंडक

पंजाब और हरियाणा में बहुत ही जाने वाली लस्सी अपने आप में ही एक काफी पॉपुलर कूलिंग ड्रिंक है। दही, पानी और चीनी के साथ इसे बनाया जाता है, जो पीने में काफी गाढ़ी और मलाईदार होती है। स्वाद के लिए लोग इसके अलग-अलग तरह के फ्लेवर भी बनाते हैं जैसे केसर लस्सी या गुलाब और इलायची का फ्लेवर। बता दें कि लस्सी हमारे डाइजेशन को मजबूत रखने का काम करती है और पेट की गर्मी को काटती है।

राजस्थान और गुजरात से आती है छाछ

कई लोग छाछ और लस्सी में कंफ्यूज हो जाते हैं, लेकिन दोनों अलग-अलग होते हैं। छाछ को दही में पानी मिलाकर भुने हुए जीरे, काला नमक, धनिया और पुदीने के साथ मिलाकर बनाया जाता है। यह स्वाद में नमकीन और तड़केदार होती है। गर्मियों में डाजेशन को मजबूत करने और बॉडी को प्रोबायोटिक्स प्रोवाइड करवाने में फायदेमंद होती है।

बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आता है सत्तू का जूस

इन राज्यों में सत्तू का जूस बहुत ही ज्यादा पॉपुलर है और अधिक मात्रा में पिया जाता है। ये भूने हुए चने को पीसकर तैयार किए गए आटे से बनाया जाता है। इसमें प्रोटीन बहुत ही अधिक मात्रा में पाया जाता है। वैसे तो यह बिहार, झारखंड और पूर्वी राज्यों में पिया जाता है, लेकिन बढ़ते चलने के कारण यह अब अन्य राज्यों में भी पिया जाने लगा है। यह पेट के लिए बहुत ही ज्यादा ठंडा होता है और इसमें आयरन और मिनरल्स अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। कुछ लोग इसे चीनी डालकर पीते हैं तो कुछ नमक डालकर।

ओडिशा में खूब पिया जाता है बेल पन्ना

बेल पन्ना को बेल का जूस भी कहा जाता है, जो गर्मियों में शरीर में ठंडक और ताजगी देता है। इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो गट को हेल्दी बनाने में मदद करता है। आपको दिल्ली में भी कई जगह बेस का जूस वाले दिख जाएंगे। इस तरह के ट्रेडिशनल ड्रिंक्स को जरूर पिएं।

गोवा और कोंकण में खूब पिया जाता है कोकम शर्बत

बहुत लोगों को कोकम शर्बत के बारे में नहीं पता होगा। बता दें कि यह एक फल होता है, जो स्वाद में मीठा और लाल या बैंगनी रंग का होता है। यह गोआ की ट्रेडिशनल ड्रिंक है, जो बॉडी को हाईड्रेट रखती है।

सोल काढ़ी का लें स्वाद

बता दें कि सोल काढ़ा गोआ और महाराष्ट्र की ट्रेडिशनल ड्रिंक है। इन्हें बनाने के लिए कोकम और नारियल के  दूध का इस्तेमाल किया जाता है। यह ड्रिंक एंटीऑक्सीडेंट्स से रिच होती है और गट हेल्थ के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होती है। गर्मियों में इसे पीने से बॉडी हाईड्रेट रहती है और गर्मी से लड़ने में मदद करती है।

दक्षिण में पॉपुलर है पानकम

पानकम से इसे पान के पत्तों से बनने वाली ड्रिंक न समझें। इसे आप आम शब्दों में दक्षिण का शिंकजी भी कह सकते हैं क्योंकि इसको बनाने के लिए पानी, गुड़, सूखी अदरक, इलायची और नींबू का इस्तेमाल किया जाता है। यह भले ही मसालेदार होता है, लेकिन अपने कूलिंग प्रोपर्टी के लिए भी बहुत लोकप्रिय है।

नीर मोर

यह ड्रिंक भी साउथ इंडिया की ट्रेडिशनल ड्रिंक है, जो पतले छाछ से बनाई जाती है। इसमें करी पत्ते, अदरक, हरी मिर्च, धनिया और जीरा जैसी सामग्री डालकर इसका स्वाद बढ़ाया जाता है। गर्मियों में पी जाने वाली ये ड्रिंक प्रोबायोटिक्स से भरपूर होती है और अपने शीतलता और ताजगी प्रदान करने वाले गुणों के लिए जाना जाती है।

संबराम

संबरम और सांभर को एक न समझें। यह केरल की एक पारंपरिक ड्रिंक है और यह भी छाछ,पानी और अदरक, हरी मिर्च, करी पत्ते और नमक जैसी सामग्री से बनाई जाती है। ऐसा कहा जाता है कि यह शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक तत्वों के कारण पाचन क्रिया में सहायक होता है।

डिस्क्लेमर: बाजार में मिलने वाली सॉफ्ट ड्रिंक और कैफीन युक्त पदार्थ हमारी सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा हानिकारक होते हैं। ऐसे में आप चाहें तो प्रधानमंत्रा द्वारा बताए भारत एक अलग-अलग राज्यों में प्रसिद्ध और खूब पसंद की जाने वाली ट्रेडिशनल ड्रिंक का सहारा ले। यह गर्मियों के लिए बहुत ही ज्यादा हेल्दी होती हैं।

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