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Written By: Yogita Yadav | Updated : April 13, 2019 3:25 PM IST
अगर आपको लगता है कि मांसाहार आपको सब्जियों और फलों से ज्यादा पौष्टिक तत्व प्रदान करता है, तो यह शोध आपको दोबारा सोचने पर मजबूर कर देगा। ©Shutterstock.
आहार में मौजूद पौष्टिक तत्वों और उनके प्रभाव का आंकलन करने के लिए लगातार शोध हो रहे हैं। इसी श्रृंखला में एक नया शोध यूनिवर्सिटी ऑफ इस्टर्न फिनलैंड में किया गया है। जिसमें मांसाहार और शाकाहार से प्राप्त होने वाले प्रोटीन के असर का परीक्षण किया गया। इसके बाद जो नतीजे सामने आए हैं, वे मांसाहारियों के लिए चौंकाने वाले हैं। इस शोध के परिणामों के बाद सेहत पर प्रोटीन के असर के बारे में और जानकारी जुटाने के लिए शोध करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
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क्या कहता है शोध
हाल ही में हुए इस शोध में यह निष्कर्ष सामने आया है कि खाने में ज्यादा जीव आधारित अर्थात मांसाहार से प्राप्त होने वाले प्रोटीन खाने वाले पुरुषों में मौत का खतरा बढ़ सकता है। शोध के अनुसार प्रोटीन युक्त मीट जैसे सॉसेज और पका हुआ ठंडा मांस खाने वाले पुरुषों में मौत का खतरा बढ़ जाता है।
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शाकाहार है बेहतर
शोध में पाया गया कि जो पुरुष प्लांट प्रोटीन से ज्यादा जीव प्रोटीन का सेवन करते हैं उनमें मौत का खतरा संतुलित प्रोटीन आहार लेने वाले पुरुषों की तुलना में 23 फीसदी तक ज्यादा होता है। शोध के अनुसार टाइप-2 डायबिटीज, हृदय संबंधी बीमारियों और कैंसर से पीड़ित पुरुषों में ज्यादा प्रोटीन का सेवन करने से भी मौत का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, जिन पुरुषों को यह बीमारियां नहीं है उनमें कुल प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होने पर भी कोई खतरा नहीं पाया गया। यह शोध अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित किया गया है।
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बुढ़ापे में कुपोषण का कारण
यूनिवर्सिटी ऑफ इस्टर्न फिनलैंड के शोधकर्ता हेली विरटानेन ने कहा, हमारे शोध के परिणामों को सामान्यीकृत नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि बुजुर्गों के खाने में अक्सर प्रोटीन की मात्रा निर्धारित स्तर से कम होती है। इसकी वजह से बुजुर्गों में कुपोषण की समस्या बनी रहती है। इस शोध के परिणामों के बाद सेहत पर प्रोटीन के असर के बारे में और जानकारी जुटाने के लिए शोध करने की जरूरत महसूस की जा रही है।