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Written By: Atul Modi | Updated : December 14, 2021 7:01 AM IST
हाल के दिनों में भारत में प्लांट बेस्ड डाइट (Plant Based Diet) के चलन में काफी वृद्धि देखी गयी है। स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बहुत से लोग शाकाहारी भोजन को अपना रहे हैं। 2019 में किए गए एक सर्वे में पाया गया है कि लगभग 69% भारतीय लोग प्लांट बेस्ड डाइट को अपनाने के लिए मांसाहारी से शाकाहारी बनने के लिए तैयार हैं। टाइप-1 या टाइप-2 डायबिटीज (Type-2 Diabetes) वाले लोगों के लिए प्लांट बेस्ड डाइट (शाकाहारी) या शाकाहारी खानपान (Vegetarian Diet ) बेहतर होता है। क्योंकि एक अध्ययन के अनुसार, शाकाहारी डाइट टाइप-2 डायबिटीज को मैनेज करने तथा रोकने में मदद करता है। शाकाहारी भोजन प्लांट बेस्ड डाइट का हिस्सा होता है। इस तरह की डाइट में मांस, मछली, अंडे, मुर्गी पालन, डेयरी उत्पाद और शहद नहीं खाया जाता है। एक स्वस्थ शाकाहारी में रिफाइंड और प्रोसेस्स्ड खाद्य पदार्थों को भी नहीं खाया जाता है जैसे कृत्रिम खाद्य पदार्थ एडिटिव्स और जैतून के तेल आदि।
सब्जियां, फल, बीज, नट और दालें जैसे प्लांट बेस्ड डाईट में शामिल खाद्य पदार्थ टाइप 2 डायबिटीज सहित विभिन्न क्रोनिक बीमारियों के इलाज में मदद कर सकते हैं। चूंकि नॉन-स्टार्च वाली सब्जियां, कई प्रकार के फल, बीज, नट्स और बीन्स जैसे खाद्य पदार्थों में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए इनका सेवन करने पर ब्लड शुगर के लेवल में बढ़ोत्तरी की संभावना कम होती है।
शाकाहारी डाईट का दूसरा सकारात्मक पहलू यह होता है कि कम ग्लाइसेमिक लोड स्वस्थ आंत बायोफिल्म को भी बढ़ाता है। गट बायोफिल्म थिन प्रोटेक्टिव बैरियर्स (पतली सुरक्षात्मक बाधाएं) हैं जो आंत में बैक्टीरिया के आसपास बनती हैं और ग्लूकोज के प्रवेश को मुश्किल बनाती हैं।
चूंकि टाइप-2 डायबिटीज वाले अधिकांश लोग या तो मोटे या ज्यादा वजन वाले होते हैं, इसलिए कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों का सेवन फैट के जमा होने से बचने और इंसुलिन रजिस्टेंस (प्रतिरोध) को रोकने में भी मदद करता है। शाकाहारी खानपान का दूसरा लाभ यह है कि यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, सैचुरेटेड फैट को कम करता है और हार्ट की बीमारी होने की संभावना को कम करता है; ये सभी डायबिटीज मेलिटस वाले व्यक्ति को लाभ पहुंचाती हैं।
यह सच है कि शाकाहारी डाईट डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद होता है, कुछ पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों में मांसाहारी खाद्य पदार्थों की तुलना में कम पोषक तत्व होते हैं। हालांकि, उचित आदतों तथा विभिन्न खाद्य पदार्थों को खाने से शरीर को वह सब कुछ प्रदान करना संभव हो सकता है जिसकी आवश्यकता होती है। स्वस्थ, पौष्टिक शाकाहारी डाईट की योजना बनाते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए:
कई शाकाहारी शुरुआत में इस बात से बहुत घबराते हैं कि क्या वे सही मात्रा में प्रोटीन का सेवन कर रहे हैं या नहीं। यह बहुत बड़ी समस्या नहीं होना चाहिए क्योंकि हम में से अधिकांश लोग दिन भर में पर्याप्त प्रोटीन का सेवन करते हैं। बहुत सारे शाकाहारी खाद्य पदार्थ भी हैं जिन्हें प्रोटीन के समृद्ध स्रोत के रूप में जाना जाता है, इन खाद्य पदार्थों में निम्न चीजें शामिल होती है:
मजबूत हड्डियों के लिए शाकाहारी आहार में उचित मात्रा में कैल्शियम होना चाहिए। कैल्शियम जीवन भर के लिए आवश्यक होता है, लेकिन यह विशेष रूप से तब महत्वपूर्ण है जब बच्चे बड़े हो रहे होते हैं। शाकाहारी खाद्य पदार्थ जिनमें पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता है उनमें निम्न चीजे शामिल होती हैं:
नर्वस सिस्टम के ठीक से काम करने और ब्लड सेल्स (कोशिकाओं) को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन बी12 काफी महत्वपूर्ण होता है। एनीमल प्रोडक्ट (पशु उत्पादों) में यह विटामिन स्वाभाविक रूप से पाया जाता है, लेकिन शाकाहारी लोगों को अपने डाईट में निम्न खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए ताकि उन्हें विटामिन B12 मिल सकें:
ओमेगा-3 फैटी एसिड, आयरन, आयोडीन, जिंक और सेलेनियम जैसे कई अन्य कई पोषक तत्व हैं, जिन्हें बहुत सारी सब्जियां, नट्स, बीज, दालें, अखरोट, सूखे मेवे और नाश्ते के अनाज का सेवन करके प्राप्त किया जा सकता है।
(Inputs By: G Prakash, Deputy Chief Medical Officer, Jindal Naturecure Institute)