
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 7, 2021 10:42 PM IST
नवरात्री व्रत में खाएं भूनी हुई मूंगफली ।
Peanuts Health Benefits: मूंगफली के दाने और फलियों को सर्दियों के मौसम से जोड़कर देखा जाता है। क्योंकि, ठंड में लोग उबली या भूनी हुई मूंगफलियों (Boiled Peanuts) का नाश्ता करते हैं। लेकिन, विंटर डाइट का अहम हिस्सा रहनेवाली मूंगफली बाकी दोनों सीजन्स में भी भारतीयों के स्वाद का ख्याल रखती हैं। लेकिन, व्रत-उपवास और त्योहारों में ड्राई फ्रूट्स (dry fruits) और अन्य नट्स (nuts) के साथ मूंगफली के दानों (Groundnuts) का सेवन भी बहुत अधिक होता है। मूंगफली के दानों का पाउडर साबुदाना खिचड़ी (sabudana) की लज़्ज़त बढ़ाता है तो वहीं इन स्वादिष्ट बीज़ों को भूनकर गजक (gajak), चिक्की (chikki), पट्टी और लड्डू (laddu) जैसे मीठे पकवान तैयार किए जाते हैं। ये सभी मिठाइयां प्रसाद में चढ़ाने के अलावा व्रत के दौरान खायी भी जाती हैं। (Ways to include groundnuts in diet)
व्रत-उपवास के दौरान मूंगफली के सेवन के पीछे सेहत से जुड़े कुछ कारण भी हैं। दरअसल, मूंगफली हेल्दी फैट्स (healthy fats), कार्बोहाइड्रेट्स (carbs) और प्रोटीन (proteins) का एक अच्छा फूड सोर्स है। साथ ही नैचुरल होने के कारण यह शाकाहारी डाइट (vegetarian diet) में शामिल करने के लिहाज से भी एक आदर्श फूड है। मूंगफली ( Groundnuts) के सेवन से नवरात्रि ( Sharadiya Navratri 2021) जैसे व्रत-उपवास के समय ओवरऑल हेल्थ को कई तरह से लाभ पहुंचता है। यहां पढ़ें व्रत के दौरान मूंगफली खाने से किस तरह के सेहत लाभ मिल सकते हैं आपको ( Health Benefits Of Peanuts)
जैसा कि व्रत के समय लोग कम मात्रा में भोजन खाते हैं और इस वजह से, उन्हें कई बार कमज़ोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में मूंगफली खाने से व्रत करने वाले व्यक्ति को एनर्जी मिलती है। मूंगफली में प्रोटीन की भी मात्रा अधिक होती है, जिससे, मूंगफली खाने से पेट भरता है और एनर्जी (instant energy giving foods) भी तुरंत मिलती है। मिड-मॉर्निंग स्नैक (Mid-Morning Snacks) या शाम को चाय के साथ उबली हुई या भूनी हुई मूंगफली के दाने (roasted peanuts) खा सकते हैं। इससे, रात में भोजन से पहले तक आपको भूख नहीं लगेगी और पेट से जुड़ी समस्याएं (stomach ailments) जैसे पेट की गैस (abdominal gas) और ब्लोटिंग से भी बचने में मदद होगी। (Peanuts Health Benefits in hindi)
खून की कमी एक ऐसी समस्या है जो भारत में बहुतायत पायी जायी है। महिलाओं और बच्चों में एनिमिया की समस्या अधिक है। मूंगफली के नियमित सेवन से रक्त की कमी नहीं होती। इससे, शक्ति मिलती है और शरीर का पोषण होता है। इसी तरह व्रत करने वाले लोगों को मूंगफली खाने से उन्हें दिनभर के लिए शक्ति मिलती है और भूख की वजह से चक्कर आने या कमज़ोरी महसूस करने जैसी समस्याएं भी नहीं होती।
मूंगफली हमारे डायजेस्टिव सिस्टम को ठीक तरीके से काम करने में मदद करते हैं। इस तरह आपको पेट से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं। उपवास के नियमों का पालन करते हुए कई बार लोगों को खाने-पीने में देर हो जाती है। नतीजतन पेट दर्द, कॉन्स्टिपेशन (constipation) और एसिडिटी (acidity) जैसी परेशानियां महसूस होने लगती हैं। जिनकी संभावना कम करता है मूंगफली का सेवन।(constipation relieving natural foods)
जैसा कि मूंगफली के दाने गुड कोलेस्ट्रॉल और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं। इसीलिए, इनके सेवन से शरीर और स्किन को फायदा होता है। इनमें, ओमेगा एसिड्स (Omega Acids) भी होते हैं जो स्किन के लिए एक अच्छा तत्व है। ये फैटी एसिड्स स्किन का टेक्स्चर और हेल्थी सुधरती है। जिससे, नैचुरल ग्लो आता है।(food for glowing skin)

उम्र बढ़ने के साथ चेहरे की त्वचा से उसके संकेत (signs of ageing on skin) मिलने लगते हैं। जब स्किन की कसावट (skin tightness) कम होने लगती है और त्वचा ढीली (saggy skins) पड़ने लगती है तो चेहरे पर महीन-पतली रेखाएं (fine lines) और झुर्रियां (wrinkles) दिखायी देने लगती हैं। इन झुर्रियों यानि रिंकल्स को रोकने का काम करती है मूंगफली। जी हां, मूंगफली एक एंटी-एजिंग फूड (Anti-ageing food) है जिसका मतलब है कि मूंगफली खाने से आपकी स्किन पर बुढ़ापे के निशान देर तक नहीं दिखायी देते। दरअसल, इनमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो स्किन को अंदर से हेल्दी और जवां बनाए रखते हैं। इससे, आप अधिक समय तक यंग दिखती हैं। (Diet tips for young skin)
स्ट्रॉन्ग बोन्स (strong bones0 के लिए आवश्यक कैल्शियम (calcium) और विटामिन डी (Vitamin D) जैसे महत्वपूर्ण तत्व मूंगफली में मौजूद होते हैं। इससे हड्डियों को मज़बूती मिलती है बोन्स रिलेटेड प्रॉब्लम्स की संभावना भी कम होती है। खासकर, 35 वर्ष के बाद जब महिलाओं की हड्डियां कमज़ोर होने लगती हैं तो उन्हें मूंगफली का सेवन करना चाहिए। इससे उन्हें बदन दर्द और हड्डियों में होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है। (Foods for strong bones)
Navratri Diet Tips: नवरात्र 2021 में व्रत-उपवास के साथ यूं करें वेट लॉस, फॉलो करें ये टिप्स
Healthy Eating: व्रत के दौरान प्याज़-लहसुन क्यों नहीं खाते, क्या कहता है आयुर्वेद!
Healthy Navratri: व्रत हो तो, खीर और आलू-फ्राई की जगह खा सकते हैं ये 3 हेल्दी फूड