
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : January 10, 2026 9:55 AM IST
Meetha Khane ke Nuksan: पहले के लोग ज्यादा मेहनत करते थे और इसलिए वे एनर्जी के लिए ज्यादा मीठा खाते थे। लेकिन अब लोग न तो ज्यादा शारीरिक मेहनत करते हैं और न ही इतने अच्छे से अपनी सेहत का ध्यान रख पाते हैं। लेकिन मीठा उन्हें पहले के लोगों की तरह ही खाना होता है। क्या आपको भी मीठा खाना बेहद पसंद है? और आप कोई त्यौहार हो, शादी हो या फिर यूं ही कुछ खाने का मन करे तो मीठा को सबसे अधिक तवज्जो देते है? लेकिन,आपकी यह आदत गलत है, क्योंकि ज्यादा या गलत तरीके से खाया गई मीठी चीजें आपके पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है। तो वहीं हमारी भारतीय संस्कृति की कई लोकप्रिय मिठाइयां ऐसी भी हैं, जो कब्ज की बड़ी वजह बन जाती हैं। ऐसे में अगर समय रहते आपने सावधानी नहीं बरती तो पेट भारी रहना, गैस बनना और घंटों टॉयलेट में बैठने की नोबत आ सकती है। तो आइए जानते हैं ऐसे 5 मीठे पकवानों के बारे में जो कब्ज को न्योता देते हैं।
मावा यानी खोया दूध को गाढ़ा करके बनाया जाता है। हमारी भारतीय मिठाईयों में मावा का इस्तेमाल मुख्य रूप से होता है। इसमें फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है और फाइबर लगभग होती ही नहीं है, बरफी, पेड़ा, कलाकंद ऐसी ही मिठाईयां हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि ज्यादा मावा का सेवन पाचन क्रिया को धीमा कर देता है, जिससे कब्ज की समस्या बढ़ जाती है।
जी हां, गुलाब जामुन एक ऐसी मिठाई है, जो कि अधिकतर लोगों को खूब भाती है। गुलाब जामुन एक डीप फ्राई मिठाई है, जो ऊपर से चाशनी में डूबी होती है। विशेषज्ञों के अनुसार मैदा, घी और शक्कर का यह कॉम्बिनेशन पेट में चिपचिपा असर करता है, जिससे मल सख्त हो जाता है और आपको कब्ज की परेशानी हो जाती है।
रसगुल्ला आपको हल्की मिठाई लग सकती है, मगर छेना और चीनी से बना रसगुल्ला पाचन क्रिया को नुकसान पहुंचाता है। हालांकि एक सही मात्रा में रसगुल्ले का सेवन आपको नुकसान नहीं पहुंचाता, मगर ज्यादा मात्रा में खाने पर यह आंतों की मूवमेंट को धीमा कर सकता है और अंत में कब्ज की समस्या सामने आती है।
आप इसे आधुनिक मिठाई कह सकते हैं, जो कि बच्चों को सबसे ज्यादा भाती है। वहीं मौका कोई भी हो केक-पेस्ट्री का आना लगभग तय होता है। इनमें मैदा, रिफाइंड शुगर और बटर की मात्रा अधिक होती है, जो न सिर्फ कब्ज बल्कि पेट फूलने और एसिडिटी का भी एक बड़ा कारण बनती है।
चॉकलेट में इन्हीं चीजों में से एक है। इसमें कैफीन और फैट बढ़ाने वाले तत्व होते हैं। शोध बताते हैं कि यह शरीर से पानी की मात्रा कम कर देती हैं, जिससे मल सूखने लगता है और कब्ज जैसी परेशानियां बढ़ जाती हैं, खासकर बच्चों और बुज़ुर्गों में चॉकलेट की परेशानी देखी जाती है।
- मिठाई के साथ खूब पानी पिएं
- फाइबर युक्त फल और सलाद जरूर लें
- रोजाना थोड़ा चलें या योग करें
- दूध और मिठाई एक साथ न खाएं
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।