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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : August 26, 2019 8:37 PM IST
उम्र जैसे-जैसी बढ़ती जाती है हमारे शरीर का बिहेवियर भी बदलता रहता है, यह सिर्फ हमारे गाने सुनने के टेस्ट को ही नहीं बदलता है। ३० की उम्र के बाद हमारे मेटाबॉलिज्म के स्तर में भी धी-धीरे गिरावट आने लगती है, जिसके मतलब है हमें अपने खान-पान के प्रति सजग हो जाने का समय आ गया है।
30 साल की उम्र के बाद शुगर ड्रिंक, मीठा, स्नेैक्स की जगह हमें उच्च पोषक तत्वों को अपने खान-पान में शामिल करना चाहिए। हमें ऐसे खान-पान को तरजीह देनी चाहिए, जो हमें कोलेस्ट्रॉल को कम करने तथा ब्लडप्रेशर और शुगर जैसी बीमारियों से दूर रखे।
डायट क्लिनिक की चीफ डायटिशियन शीला सेहरावत कहती हैं कि ''30 के बाद कुछ ऐसे खान-पान हैं जो रोजाना की डायट में शामिल करके आप अपने शरीर की आवश्यकता को पूरा कर सकते हैं। जैसे बींस या हरे पत्तेदार सब्जियां जो विटामिन और मिनरल्स से भरपूर हैं और आपके मेटाबॉलिज्म को भी ठीक रखने में मददगार होती है। ऐसा नहीं है कि यह खान-पान आप 30 के बाद ही खा सकते हैं आप चाहे 5 साल के हों या 95 साल के यह खान-पान आपको एक हेल्दी और ऊर्जावन शरीर बनाए रखने में मदद करते हैं।''
हम यहां आपको ऐसा कोई खान-पान नहीं बताने जा रहे हैं जो बहुत ही अाश्चर्यजनक हो या एक दम नया हो जिसे आप जानते ही न हों। आज जो हम आपको फूड्स बताने जा रहें है वह सस्ते और अासानी से हर जगह उपलब्धता वाले हैं।
डायट में हुए कई शोध से पता चलता है कि यदि रोजाना अपने खाने में हम बींस का उपयोग करते हैं तो एलडीए अर्थात बैड कैलेस्ट्राल को पांच प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। इतना ही नहीं बींस का रोजाना इस्तेमाल से ब्लड शूगर को भी नियंत्रित किया जा सकता है।
45 से अधिक उम्र के पुरूष और 55 से अधिक उम्र की महिलाओं को हार्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए 40 के बाद तो खान-पान में ऐसे फूड का इस्तेमाल करना ही नहीं चाहिए जो कैलेस्ट्राल को बढ़ता हो। इसके लिए आप अगर अपने खान-पान में ओट्स को शामिल करते हैं तो यह सबसे बेहतर स्टेप होगा। ओट्स फाइबर से भरपूर होते हैं जो बेहतर पाचन के साथ-साथ शरीर में कैलेस्ट्राल के बढ़ने से रोकने में मददगार होता है।
सेब के बारे में आपने कई बार पढ़ा होगा की यह सेहत के लिए बहुत ही बेहतर डायट होता है। इसके रोजाना उपयोग से आप एलडीए आर्थात बैड कैलेस्ट्राल तो कम करते ही हैं साथ ही साथ आप मधुमेह के खतरे से भी अपने आपको बचाकर रखते हैं। यह आसानी से हर जगह उपलब्ध रहता है आप इसे रोजाना की डायट में शामिल कर सकते हैं।
हेल्दी डायट इंसान हो हेल्दी शरीर देता और उसे जीने का एहसास भी देता है, इसलिए अपने जीवन के 30 वें साल के बाद आपको चिप्स, कुकीज के उपयोग पर पाबंदी लगाकर उसकी जगह नट्स से बने स्नेैक्स का उपयोग करना चाहिए। 2013 के एक रिसर्च में पाया गया था जो लोग नट्स का रोजान इस्तेमाल करते हैं उनमें हार्टअटैक कि संभावना 28 प्रतिशत कम हो जाती है।
खाने में पालक, कोलार्ड, हरे पत्तेदार सब्जियां हमारा जीवन बढ़ाने के साथ-साथ हमारे दिमाग को भी तेज रखने में मदद करती हैं। कई शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि जो लोग रोजाना पालक को अपने डायट में शामिल रखते हैं उनकी याददाश्त बेहतर रहती है। जैसा की आप सभी जानते हैं उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त की कमजोरी भी आती है इसलिए हमें अपने खान-पान में हरे पत्तेदार सब्जियों को जरूर शामिल करना चाहिए।