
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : January 12, 2026 8:56 AM IST
भारतीय रसोई में पत्तेदार सब्जियों का विशेष स्थान रहा है। सदियों से दादी-नानी के नुस्खों में साग-सब्जियों को सेहत की कुंजी माना गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं हर बीमारी की एक अलग हरी पत्तेदार सब्जी यानी कि साग है। बीमारी को देखते हुए साग खाया जाए तो इससे छुटकारा पाया जा सकता है। किस बीमारी में कौन सा साग खाना चाहिए इस बारे में न्यूट्रिशनिस्ट दीपसिखा जैन ने एक इंस्टाग्राम वीडियो शेयर किया है।
वीडियो को कैप्शन देते हुए न्यूट्रिशनिस्ट ने लिखा- 1 Leafy Vegetable = 1 Health Benefit। तो चलिए जानते हैं किस बीमारी में कौन सा साग खाना चाहिए।
न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि डायबिटीज में मेथी बहुत फायदेमंद मानी जाती है। मेथी में घुलनशील फाइबर और 4-हाइड्रॉक्सी आइसोल्यूसीन पाया जाता है, जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है। हरे मेथी के पत्ते इंसुलिन की कार्यक्षमता बढ़ाकर खाने के बाद शुगर के अचानक बढ़ने को रोकती है। मेथी के साग का नियमित सेवन से HbA1c में सुधार देखा जा सकता है।
जिन लोगों को डायबिटीज जैसी बीमारी है, वो नीचे बताए गए तरीकों से मेथी का साग खा सकते हैं।
भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बड़ी मात्रा में लाल चौलाई खाई जाती है। लाल चौलाई, जिसे रेड अमरनाथ भी कहा जाता है, आयरन और फोलेट से भरपूर एक पौष्टिक सब्जी है। लाल चौलाई खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है और एनीमिया की समस्या घटती है। लाल चौलाई में मौजूद विटामिन C आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाकर शारीरिक थकान और कमजोरी को दूर करते हैं। जिन लोगों को एनीमिया की परेशानी है उन्हें अपने खाने में लाल चौलाई को जरूर शामिल करना चाहिए।
शरीर में खून बढ़ाने के लिए आप लाल चौलाई को विभिन्न प्रकार से खा सकते हैं।
शेपू, जिसे सोआ पत्ते भी कहा जाता है, हड्डियों और जोड़ों की मजबूती के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। शेपू में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। नियमित सेवन से गठिया और उम्र से जुड़ी हड्डियों की समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।
हड्डियों और जोड़ों की मजबूती के लिए आप विभिन्न तरीकों से सोआ के पत्ते खा सकते हैं।
पाचन से जुड़ी परेशानी को दूर करने के लिए पुदीना दादी-नानी के जमाने से इस्तेमाल किया जा रहा है। न्यूट्रिशनिस्ट से अनुसार, पुदीना पाचन एंजाइम को एक्टिव करता है। इससे पेट की मांसपेशियों को आराम मिलता है और गैस व पेट की ऐंठन की समस्या दूर होती है। नियमित रूप से पुदीना का सेवन करने से मल नरम बनता है और सुबह मल त्याग की प्रक्रिया आसान हो जाती है। इससे पेट दर्द की परेशानी दूर होती है।
करी पत्ता सिर्फ तड़के की खुशबू तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बालों और त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद है। करी पत्ता में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, आयरन और विटामिन B बालों की जड़ों को पोषण देकर बालों के अनियमित सफेद होने की समस्या को कम करते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि करी पत्ता मेलानिनके निर्माण को सपोर्ट करता है, जिससे बालों का असमय सफेद होना धीमा हो सकता है। इसका नियमित सेवन बालों को मजबूत बनाता है और झड़ने की समस्या को भी कम करता है। करी पत्ता स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है, जिससे बालों की ग्रोथ सुधरती है।
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