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Written By: Yogita Yadav | Published : August 20, 2019 3:42 PM IST
अनुसंधानों से साबित हो चुका है कि आहार में ओमेगा-3 की कमी से स्तन और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। © Shutterstock
ब्रेन, हार्ट और आंखों की सेहत के लिए ओमेगा– 3 फैटी एसिड (Omega 3 Fatty acid) बहुत जरूरी माना जाता है। यह ऐसा फैटी एसिड है जिसका निर्माण स्वयं कर पाने में शरीर अक्षम होता है। इसलिए इसे अन्य स्रोतों से ग्रहण करना पड़ता है। ओमेगा – 3 फैटी एसिड (Omega 3 Fatty acid) न केवल शरीर के तंदरुस्ती के लिए जरूरी है, बल्कि ये कई खतरनाक बीमारियों से भी शरीर की रक्षा करता है। आइए जानते हैं क्या हैं इसके फायदे और कहां से इसे प्राप्त किया जा सकता है।
ओमेगा 3 में पॉलीअनसैचुरेटेड फैट पाया जाता है जो तनाव, डिमेंशिया और कैंसर जैसी घातक समस्याओं और इनके लक्षणों को दूर करने में भी लाभदायक माना जाता है। ओमेगा 3 फैटी एसिड का सेवन दिमाग की सुचारु कार्यप्रणाली, हृदय स्वास्थ औऱ आंखो से जुडी समस्याओं से निजात पाने के लिए बेहतर माना जाता है। हमारे भोजन में ओमेगा-3 (Omega 3 Fatty acid) तीन तरह का होता है।
यह ओमेगा 3 फैटी एसिड का सर्वोत्तम स्रोत है। माना जाता है कि ब्रेन संबंधी बीमारियों से बचने के लिए अखरोट का सेवन लाभकारी होता है। अखरोट को ओमेगा 3 फैटी एसिड के लिए ही नहीं बल्कि विटामिन, प्रोटीन और डाइट्री फाइवर का भी महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। इसमें मैंगनीज, कॉपर, फॉसफोरस और मैंगनीशियम जैसे कई तत्व पाए जाते हैं। जो हार्ट हेल्थ के लिए खास माने जाते हैं।
सालमन को फैटी एसिड विटामिन डी, नीयासिन, विटामिन बी 12, विटामिन बी-6 और सेलेनियम का अच्छा स्रोत माना जाता है लेकिन इसका सेवन 100 ग्राम से अधिक नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, आप इसे फ्राई करने के स्थान पर रोस्ट या स्टीम करके खा सकते हैं।
बीन्स में फैट की मात्रा बहुत ही कम पाई जाती है। इसके अलावा, इसके सेवन से शरीर को पॉलीअनसैचुरेटेड फैट की प्राप्ति भी होती है। आप चाहें तो, काले बीन्स या राजमा का सेवन कर सकते हैं जो आपको ओमेगा-3 के साथ ओमेगा -6 की आपूर्ति भी सुनिश्चित करते हैं।
इन्हें घुलनशील और अघुलनशील फाइबर और प्रोटीन की आपूर्ति करवाने वाला बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इन्हें आप पीसकर पाउडर रूप में या सलाद के उपर छिड़क कर खा सकते हैं। अलसी के बीज में ओमेगा 3 और लिगनेन्स नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता हैं।
यह ओमेगा 3 फैटी एसिड का एक और बेहतरीन स्रोत है। सोयाबीन में प्रोटीन, आइसोफ्लेवोन्स, फाइबर, लेसीथिन, कार्बोहाइड्रेट्स और माइक्रोन्यूट्रेंट्स की भरपूर मात्रा पाई जाती है। जिन्हें लेक्टोज से एलर्जी है वे भी सोयाबीन का सेवन कर सकते हैं। सोया मिल्क इन दिनों पसंदीदा ड्रिंक्स में शामिल हो रहा है।
यह शरीर के लिए अत्यावश्यक पोषक तत्वों में से एक है। इसकी कमी से कई तरह के गंभीर रोग हो सकते हैं। इनमें आंख संबंधी विकार से लेकर तनाव, डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारियां भी शामिल हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी से उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, उच्च कॉलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, सूजन, आंत्र रोग, अल्जाइमर जैसे रोग हो सकते हैं। अनुसंधानों से साबित हो चुका है कि आहार में ओमेगा-3 की कमी से स्तन और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।