खाएंगे काला जैतून (ब्लैक ऑलिव) तो सेहत को होंगे ये अद्भुत फायदे

ज्यादातर लोग जैतून के तेल (Olive oil) का इस्तेमाल सलाद, सब्जी के साथ ही बालों व त्वचा को हेल्दी रखने के लिए करते हैं। लेकिन जैतून के फल खासकर काले जैतून (Black olive) के सेवन से आप कई गंभीर रोगों से बचे रह सकते हैं।

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Written By: Anshumala | Updated : October 26, 2020 10:45 AM IST

Black Olives Benefits in Hindi: आपने ग्रीन ऑलिव यानी हरा जैतून (jaitun) तो देखा एवं खाया होगा, पर क्या कभी काला जैतून या ब्लैक ऑलिव (Black Olive) खाया है? हो सकता है खाया भी हो, क्योंकि यह कई पिज्जा के ऊपर टॉपिंग्स में इस्तेमाल किया जाता है। पिज्जा पर ये छोटे-छोटे स्लाइस में डले रहते हैं। हालांकि, कुछ लोगों को जैतून का स्वाद खराब लगता है, लेकिन जैतून काफी हेल्दी (Olive Benefits in hindi) होता है। ज्यादातर लोग जैतून के तेल (Olive oil) का इस्तेमाल सलाद में, सब्जी बनाने के लिए या फिर बालों व त्वचा को हेल्दी रखने, इनकी खूबसूरती बढ़ाने के लिए भी करते हैं। अब तो सुपरमार्केट में भी बॉटल में ग्रीन-ब्लैक ऑलिव्स मिलते हैं। कई गंभीर बीमारियों से बचाता है जैतून। जानें, काले जैतून के फायदे और नुकसान....

जैतून के फायदे (Olives Benefits in Hindi)

जैतून फाइबर का एक अच्छा स्रोत है, जो पाचन को स्वस्थ और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है। इसमें आयरन भी होता है, लाल रक्त कोशिकाओं और विटामिन ई का एक प्रमुख घटक है। साथ ही यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट भी है। यदि आप अपने भोजन में सोडियम की मात्रा शामिल करते हैं, तो आप जैतून को जरूर शामिल करें, क्योंकि यह मिनरल्स का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

काले जैतून के फायदे (Black Olives Benefits in Hindi)

काले जैतून में फाइबर अधिक होता है। प्रतिदिन पुरुषों को 38 ग्राम और 50 साल तक की महिलाओं के लिए 25 ग्राम काले जैतून का सेवन करना चाहिए। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर रक्त में कोलेस्ट्रॉल और ग्लूकोज लेवल को कम करने में मदद करता है, जबकि अघुलनशील फाइबर मल जमा करता है, जो पाचन तंत्र के जरिए चीजों की आवाजाही को बढ़ावा देता है। डायटरी फाइबर में समृद्ध आहार आंतों की सेहत बनाए रखने, ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने, स्वस्थ वजन और कम कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है।

कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ को बढ़ावा देता है ब्लैक ऑलिव

काले जैतून (Black Olives) में स्वस्थ मोनोअनसैचुरेटेड वसा की उच्च मात्रा होती है। पका हुआ जैतून कुल मोनोअनसैचुरेटेड वसा के लगभग 8 ग्राम प्रदान करता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का कहना है कि लोगों द्वारा खाए जाने वाले भोजन में वसा एक दिन में 25 से 30 प्रतिशत कैलोरी से अधिक नहीं होनी चाहिए और उन वसा में से अधिकांश मोनोअनसैचुरेटेड या पॉलीअनसैचुरेटेड वसा से आना चाहिए। मोनोअनसैचुरेटेड वसा आपके रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने और हृदय रोग, स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड इंसुलिन के स्तर और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।

काला जैतून खाने से कैंसर होने का खतरा होता है कम

आप हरा या फिर काला जैतून खाएंगे, तो कैंसर (Cancer) जैसी घातक बीमारी से बचाव होगा। जर्मन कैंसर रिसर्च सेंटर द्वारा किए गए एक शोध में पाया गया कि जैतून (Olive) कैंसर के जोखिमों को कम करने में सहायक साबित हो सकता है। दरअसल, जैतून में स्क्वालीन (Squalene) और टर्पेनॉयड (Terpenoid) जैसे एंटीकैंसर प्रभाव वाले खास तत्व मौजूद होते हैं। इन तत्वों की मौजूदगी के कारण ही जैतून का उपयोग कैंसर के जोखिम को कुछ हद तक कम करने में मददगार साबित हो सकता है (2)। वहीं, यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि घरेलू उपाय को कैंसर का इलाज नहीं समझा जा सकता है। इसके इलाज के लिए डॉक्टरी उपचार आवश्यक है।

हड्डियों को रखे मजबूत, ऑस्टियोपोरोसिस से बचाए काला जैतून

जैतून हड्डियों की सेहत भी बनाए रखता है। हरा हो या काला जैतून (Black Olives Benefits in Hindi) दोनों ही में मौजूद पॉलीफेनॉल्स हड्डियों को सुरक्षि रखते हैं। पॉलीफेनॉल्स हड्डियों को फ्री रैडिकल्स से बचाता है। जैतून के तेल से हड्डियों की सूजन को आप दूर कर सकते हैं। ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या होने पर आप ब्लैक ऑलिव का सेवन करें।

ब्लैक ऑलिव हार्ट डिजीज, स्ट्रोक के जोखिम को करे कम

काले जैतून (Black Olive benefits in hindi) में स्वस्थ मोनोअनसैचुरेटेड वसा की उच्च मात्रा होती है। आप एक दिन में जो भी खाते हैं, उसमें 25-30 फीसदी से अधिक कैलोरी की मात्रा नहीं होनी चाहिए। मोनोअनसैचुरेटेड फैट खून में बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के जोखिम को कम करता है। मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड इंसुलिन लेवल और ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल करने में मदद करता है।

जैतून के कुछ होते हैं नुकसान (Side Effects of Olive in Hindi)

1 वैसे तो जैतून काफी हेल्दी होता है, लेकिन अधिक सेवन से कुछ नुकसान (Olive or Jaitun side effects) भी हो सकते हैं। जैतून और जैतून का तेल (olive oil) ब्लड शुगर कम करता है। यदि आपको डायबिटीज है और दवाएं भी लेते हैं, तो इसका सेवन ना करें।

2 यदि आपको इसके सेवन के बाद किसी भी तरह की एलर्जी हो, तो दोबारा इसका सेवन कभी नहीं करें। कुछ शारीरिक समस्याएं नजर आती हैं, तो डॉक्टर से मिलें।

3 यदि आपकी त्वचा संवेदनशील है, तो चेहर पर जैतून का तेल लगाने से बचें। इससे एलर्जी भी हो सकती है। तेल या इससे बनने पेस्ट को चेहरे पर लगाने से पहले कहीं भी त्वचा पर हल्का से लगाकर देख लें।

4 प्रेग्नेंट महिलाएं भी ऑलिव के सेवन से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।