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Nuts For Health: अच्छी सेहत का राज है नट्स ! जानें भुने और कच्चे नट्स में से कौन है ज्यादा फायदेमंद

ऐसे पर्याप्त कारण हैं, जिनसे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि आपको अपने आहार में नट्स को शामिल करना चाहिए। काजू से लेकर बादाम, पिस्ता से लेकर अखरोट तक, आप बाजार में उपलब्ध नट्स की कई किस्मों का लाभ उठा सकते हैं। लेख में जानिए नट्स को भून कर खाएं या फिर कच्चा।

जब भी बात नट्स की होती है तो हमारे दिमाग में हेल्दी, कुरकुरे और स्वादिष्ट ड्राई फ्रूट का चित्र अपने आप बनने लगता है। ऐसे पर्याप्त कारण हैं, जिनसे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि आपको अपने आहार में नट्स को शामिल करना चाहिए। काजू से लेकर बादाम, पिस्ता से लेकर अखरोट तक, आप बाजार में उपलब्ध नट्स की कई किस्मों का लाभ उठा सकते हैं। उनमें से हर एक विशिष्ट है और पोषक तत्वों से भरपूर होती है। ये पौष्टिक नट्स विभिन्न स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करते हैं। हालांकि, लोगों के बीच एक बड़ा भ्रम इस बात को लेकर है कि लोगों को नट्स खरीदते समय रोस्ट किए हुए नट्स चुनने चाहिए या फिर रॉ नट्स। इन दोनों में से कौन से अधिक हेल्दी हैं? यह एक सामान्य प्रश्न है, जो लोगों के मन में अधिकांश आता है। इस लेख में, हमने इस प्रश्न का उत्तर खोजने की कोशिश की है और आपके लिए सही विकल्प चुनना आसान बना दिया है। तो आइए जानते हैं इन दोनों में से कौन सा विकल्प आपके लिए ज्यादा अच्छा और हेल्दी है।

रोस्टेड नट्स

ज्यादातर मामलों में, नट्स को अधिक कुरकुरा और स्वादिष्ट बनाने के लिए उन्हें रोस्ट किया जाता है। कभी-कभी काजू जैसे कठोर छिलके वाले नट को भूना जाता है ताकि अंदरूनी हिस्से को बाहर निकाला जा सके। पिस्ता और काजू को छोड़कर, ज्यादातर नट्स को बिने छिलके के ही भूना जाता है।

नट्स भूनने के दो तरीके हैं: ड्राई रोस्टिंग और ऑइल रोस्टिंग।

दोनों के बीच पोषक तत्व सामग्री में अंतर

कच्चे और भुने हुए नट्स की पोषक सामग्री के बीच थोड़ा अंतर होता है। उच्च तापमान के संपर्क में आने के कारण, नट्स पोषक तत्वों में से कुछ पोषक तत्वों को खो देते हैं। कार्ब्स और प्रोटीन की संख्या दोनों ही प्रकार में समान रहती है। हालांकि, इन दोनों में प्रति ग्राम फैट और कैलोरी के बीच थोड़ा अंतर जरूर आता है।

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नट्स को रोस्ट करने के नुकसान

ऐसा नहीं है कि भुने हुए नट्स अनहेल्दी होते हैं, लेकिन गर्म करने से इसके कुछ हेल्दी फैट्स क्षतिग्रस्त या ऑक्सीकृत हो जाते हैं। नट्स स्वस्थ, पौष्टिक मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट से भरपूर होते हैं। इसलिए, जब वे उच्च तापमान के संपर्क में आते हैं, तो वे अपनी संरचना बदलते हैं, जिससे हानिकारक मुक्त कणों का निर्माण होता है। हानिकारक मुक्त कणों की अधिकता हमारी शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है।

इसके अलावा, भुने हुए नट्स को स्टोर करने के दौरान पॉलीअनसेचुरेटेड वसा के ऑक्सीकरण का खतरा होता है। फैट, ऑक्सीजन के साथ आसानी से प्रतिक्रिया कर सकता है, जिससे ऑक्सीकरण हो सकता है। इससे नट की शैल्फ-लाइफ कम हो जाती है।

नट्स को भूनने का एक अन्य प्रमुख पहलू यह भी है कि यह हानिकारक रसायनों के निर्माण की ओर जाता है। उच्च तापमान पर भूनने से एक्रिलामाइड का निर्माण हो सकता है और उच्च अनुपात में एक्रिलामाइड से कैंसर हो सकता है। बादाम को भूनते समय इस यौगिक के विकसित होने की संभावना अधिक होती है।

कच्चा नट खाने के नुकसान

भुने हुए नट्स की तरह, यहां तक कि कच्चे नट्स की भी अपनी सीमाएं हैं। कच्चे नट्स में बैक्टीरिया के कुछ अंश होते हैं, जो स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। साल्मोनेला और ई. कोली दो सबसे आम बैक्टीरिया हैं जो कच्चे नट्स में पाए जाते हैं। ड्राई रोस्टिंग या नट्स को स्टीम करने से इन जीवाणुओं को मारा जा सकता है और संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।

क्या है बॉटम लाइन

नट्स हेल्दी स्नैकिंग के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। भोजन के बीच मुट्ठी भर नट्स खाने से आपको तृप्ति की भावना महसूस हो सकती है और आप अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों से खुद को दूर रख सकते हैं। हालांकि, जब बात भुने हुए और कच्चे नट्स के बीच चयन करने की आती है, तो आपको याद रखना चाहिए कि दोनों के कुछ अच्छे और बुरे पहलू भी हैं।

इन दोनों में पोषक तत्व की मात्रा लगभग समान होती है, लेकिन भुने हुए नट्स में अधिक कैलोरी, नमक और फैट होता है। अगर आप अपना वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं या फिर डाइट में नमक का सेवन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो भुने हुए नट्स आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प नहीं हो सकते हैं।

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