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रॉकेट साइंस नहीं, रॉकेट योगा घटाएगा वजन

आप सैर पर नहीं जा पाते या फिर आपको दिनभर बैठे रहना पड़ता है या आपको भूख बहुत अधिक लगती है तो ऐसे में योगा से आप फिट रह सकते हैं।

क्‍या आप बढ़े हुए वजन से परेशान हैं और चाहते हैं कि जल्‍द से जल्‍द इस वजन से छुटकारा मिले। कई उपाय आजमाने के बाद भी अगर जिद्दी चर्बी आपका पीछा नहीं छोड़ रही है तो इससे छुटकारा पाने का सही और कारगर तरीका है योगा। योग एक ऐसा विज्ञान है जिसके अभ्‍यास से ही लाभ होगा। जो वजन घटाने के लिए आज हम आपको बता रहे हैं रॉकेट योगा, जिसके निरंतर अभ्‍यास से आपकी अतिरिक्‍त चर्बी छूमंतर हो जाएगी।

क्‍या है रॉकेट योगा

आपने रॉकेट योगा के बारे में शायद नहीं सुना होगा। यह अष्टांग योग का एक ऐसा आधुनिक रूप है जो तेजी से वजन घटाता है। ऐसे लोग जो दवाओं, सप्लीमेंट, डाइटिंग और जिम जाकर थक गए हैं लेकिन वजन कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है तो ऐसे लोगों के लिए रॉकेट योगा बहुत फायदेमंद है। चाहे आपको फेशियल फैट कम करना हो, बैली फैट करना हो, जांघों का फैट कम करना हो या पूरी शरीर का वजन घटाना हो। रॉकेट योगा को कर के आप पूरी तरह फिट रह सकते हैं।

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रॉकेट योग पारंपरिक अष्टांग योग का एक आधुनिक रूप है जिसमें शरीर के आठ अंगों से जमीन को स्पर्श करते हैं इसलिए इसे अष्टांग योगा कहते हैं। इस योग को करते वक्त शरीर रॉकेट की तरह आसमान में उड़ता है। इसलिए इसे रॉकेट योग भी कहते हैं। इस आसन में जमीन का स्पर्श करने वाले अंग चिन, चेस्‍ट, दोनों हाथ, दोनों घुटने और दोनों पैर हैं। इस आसन को करते वक्त इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि पेट से शरीर का स्पर्श बिलकुल ही न होने पाए। अष्टांग आसन मुद्रा में टेबल मुद्रा, श्वान मुद्रा और सर्प मुद्रा के आसनों का अभ्यास किया जाता है। इस आसन को जमीन पर करने से पहले अपने घुटने के नीचे कंबल अथवा तौलिया मोडकर रख लीजिए इससे घुटने आरामदायक स्थिति में रहेंगे और आप ज्यादा देर तक योगा कर सकते हैं। अष्टांग योगा करने से पीठ और गर्दन में मौजूद तनाव दूर होता है और अष्टांग आसन को हर रोज करने से शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं और शरीर लचीला होता है।

इस तरह करें रॉकेट योग

रॉकेट योग को करने के लिए टेबल के समान दोनों हथेलियों और घुटनों पर शरीर को स्थापित कर दीजिए। उसके बाद हाथ की कोहुनियों को हल्का मोडते हुए हाथ के साइड के हिस्से को थोडा नीचे झुकाएं। फिर सांस छोड़ते हुए दोनों हाथों के बीच चेस्ट को नीचे की तरफ झुकाइए। गर्दन को आगे की ओर खींचते हुए चिन को जमीन से लगाइए। हांथों को कंधे से नीचे झुकाते हुए पीछे की ओर ले जाइए। पैर की उंगलियों को मोड़कर तलवे के ऊपरी भाग को जमीन से छूने दीजिए। कूल्हों को ऊपर की दिशा में उठाते हुए रीढ की हड्डियों को सीधा रखिए। इसके बाद इस मुद्रा में 15 से 30 सेकेंड तक बने रहिए।

और भी हैं फायदे

सर्दियों में अकसर लोग जोड़ों के दर्द, बदनदर्द, कमरदर्द, सिरदर्द इत्यादि से परेशान रहते हैं, लेकिन यदि आप नियमित रूप से योगा करते हैं तो आपको ना सिर्फ किसी भी दर्द से निजात मिलेगी बल्कि सर्दियों में होने वाली परेशानियों से भी आप दूर रहेंगे।

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आप सैर पर नहीं जा पाते या फिर आपको दिनभर बैठे रहना पड़ता है या आपको भूख बहुत अधिक लगती है तो ऐसे में योगा से आप फिट रह सकते हैं। दरअसल, योग के माध्यम से आप शरीर की अतिरिक्त कैलोरी को आसानी से कम कर सकते हैं।

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जोड़ों, हड्डियों या मांसपेशियों की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए योग बहुत मददगार साबित हो सकता है। योग हमारे मांसपेशीय ढांचें को मजबूती प्रदान करता है। इससे हमारे शरीर में अध‍िक लचीलापन आता है। हम बेहतर काम कर सकते हैं। हमारी पकड़ मजबूत होती है। हम चीजों को बेहतर तरीके से खींच या धकेल सकते हैं। यानी मांसपेश‍ियों से जुड़े काम करना हमारे लिए अपेक्षाकृत आसान हो जाता है। इससे चोट लगने के खतरे भी कम हो जाते हैं। योग हमारे शरीर के लिए बहुत अच्छा व्यायाम है।

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यदि आपका मस्तिष्क शांत है, तो आप चीजों पर बेहतर ढंग से एकाग्र कर पाएंगे। इससे आपकी याद्दाश्त भी बढ़ेगी। योग और ध्यान से आपका प्रतिक्रियात्मक समय कम होता है। आप चीजों पर बेहतर और लंबे समय तक ध्यान केंद्रित कर पाते हैं। इससे आपकी कार्यक्षमता में भी इजाफा होता है। और आप अपनी रोजमर्रा की कार्य-योजना को बेहतर तरीके से क्रियान्वित कर पाते हैं।

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