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Written By: Yogita Yadav | Updated : August 10, 2019 4:44 PM IST
डायबिटीज में कटहल की सब्जी एवं बीज का सेवन लाभदायक है। यह फाइबर, विटामिन बी, बी3, विटामिन सी का बेहतर स्रोत है। कटहल शर्करा नियंत्रण रखने और डायबिटीज में होने वाले विकारों जैसे किडनी, आखें और घुटनों के दर्द से बचाने में सहायक है। ©Shutterstock
कटहल (Jack fruit benefits) एंटीऑक्सीडेंट का बेहतर स्रोत है। कटहल रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने (Jack fruit benefits) में भी मददगार है। यह त्वचा, आंखों, हृदय, किडनी, पाचन और आंतरिक विकारों को मिटाने के लिए लाभदायक है। कटहल के सेवन से शरीर को रिच कैलारी मिलती है और यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालकर रक्त को भी शुद्ध करता है।
कटहल स्वादिष्ट और पौष्टिक सब्जी तो है ही, इसका अचार, पकवान और पक जाने पर मिठास भरे फल के रूप में भी इसका सेवन किया जाता है। कटहल गूदा और बीज दोनों ही पौष्टिकता से भरपूर होते हैं। कटहल में विटामिन ए, विटामिन बी काम्पलैक्स, विटामिन सी, आयरन, कैल्शियम, राइबोफ्लेबिन, थाइमिन, नियासिन, इथानोल, मिथानोल, कार्बोहाइड्रेट, पोटाशियम, फाइबर, जिंक मौजूद होता है।
कटहल विटामिन सी, पोटाशियम, आयरन, कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है। कटहल खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। जिन बच्चों को कम उम्र में चश्मा लगने लगता है, उन्हें भी कटहल खाने की सलाह दी जाती है।
कटहल कोलोन कैंसर, मलाशय-पाइल्स, त्वचा संक्रमण, कैंसर जैसे लक्षणों को रोकने में सहायक है। हालिया शोध में यह भी साबित हुआ है कि कटहल कैंसर सेल को बढ़ने से भी रोकता है।
कटहल में मौजूद पोटाशियम, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन सी, मिथानोल, इथानोल मिश्रण खनिज स्रोत हार्ट अटैक रिस्क घटाने में सहायक है। कटहल में मौजूद गुण रक्त संचार को सुचारू और धमनियों स्वस्थ रहती है। दिल के मरीजों के लिए कटहल की सब्जी खाना एवं कटहल को उबाल कर पीना दोनों ही लाभदायक हैं।
कटहल पेट को साफ और आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इससे कब्ज की समस्या से निजात मिलती है और पाचन भी बेहतर होता है। कटहल से भोजन शर्करा तत्व फ्रूक्टोज एवं सूक्रोज शीघ्र ऊर्जा में परिवर्तित हो जाते है, जिससे फैट, कोलेस्ट्रॅाल नहीं बनता।
कटहल में विटामिन और मिनरल भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।इसमें मौजूद पोटाशियम, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन-सी शरीर को हेल्दी कैलोरी प्रदान करते हैं।कटहल में वसा-फैट कैलौरी नहीं होती है। जिससे ब्लडप्रेशर और कोलेस्ट्रोल नियंत्रित करने में सहायक ऊर्जा मिलती है। इससे डायबिटीज, हाईपरटेंशन, हार्टअटैक, स्ट्रोक की संभावना भी कम होती है।
एनीमिया दूर करने में कटहल की सब्जी और पका हुआ कटहल एवं इसके बीजों का सेवन करना फायदेमंद है। कटहल में आयरन जैसे जरूरी पौषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं।
कटहल में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन की मौजूदगी हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत और स्वस्थ रखने में मदद करती है। बढ़ती उम्र में अगर हड्डियां कमजोर होने लगी हैं, तब भी कटहल का सेवन हड्डियों को और कमजोर होने से बचाता है।
डायबिटीज में कटहल की सब्जी एवं बीज का सेवन लाभदायक है। यह फाइबर, विटामिन बी, बी3, विटामिन सी का बेहतर स्रोत है। कटहल शर्करा नियंत्रण रखने और डायबिटीज में होने वाले विकारों जैसे किडनी, आखें और घुटनों के दर्द से बचाने में सहायक है। परंतु डायबिटीज में पका कटहल खाने से परहेज करना चाहिए।
गर्भावस्था के शुरूआती 3 महीनों में कटहल नहीं खाना चाहिए। कटहल में विटामिन सी, विटामिन बी-3, आयरन मौजूद होता है। हालांकि ये गर्भावस्था के दौरान रक्तसंचार, रोगप्रतिरोधक क्षमता, तनाव, हार्मोंन संतुलन सुचारू करने में मदद करते हैं। फिर भी गर्भाव्स्था में चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही सीमित मात्रा में कटहल का सेवन करना चाहिए।
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