आखिरी नवरात्रि तक फिट रहने के लिए लिए बेस्ट है ये सात्विक डाइट, इन फूड्स को छोड़ने से मिलेगी आपको अंदरूनी शक्ति

नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि में कुछ लोग पूरे नौ दिन उपवास रखते हैं तो कुछ लोग पहले और आखिरी दिन व्रत रखते हैं। इन नौ दिनों के दौरान वे अपने शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करने के लिए अपने आहार से कुछ फूड्स को बाहर निकाल देते हैं।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : October 23, 2020 4:11 PM IST

नवरात्रि साल में दो बार मनाया जाने वाला एक पारंपरिक त्योहार है, जिसे एक बार वसंत के मौसम में और दूसरी बार सर्दियों की शुरुआत के दौरान मनाया जाता है। नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि में कुछ लोग पूरे नौ दिन उपवास रखते हैं तो कुछ लोग पहले और आखिरी दिन व्रत रखते हैं। इन नौ दिनों के दौरान वे अपने शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करने के लिए अपने आहार से कुछ फूड्स को बाहर निकाल देते हैं। नवरात्रि में खाए जाने वाले आहार को वास्तव में सबसे स्वस्थ आहार में से एक माना जाता है। नवरात्रि में खाए जाने वाले आहार केवल शाकाहारी या फिर प्लांट बेस्ड डाइट ही नहीं होते हैं बल्कि यह आयुर्वेदिक सिद्धांतों के आधार पर नौ दिनों तक चलने वाली लंबी डाइट होती है और इसके अपने ही कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं।

आयुर्वेद के अनुसार, जीवन के तीन मूल गुण होते हैं, जो सत्त्व (पवित्रता और शांति का संकेत), राजस (जोश और विलासिता) और तमस (सुस्ती और नकारात्मकता) को दर्शाता है। नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान सात्विक डाइट को अपनाना बहुत ही शक्तिशाली माना जाता है।

नवरात्रि में आप को न केवल लहसुन, प्याज, मांस, मछली और दालों जैसे राजसिक और तामसिक खाद्य पदार्थों का सेवन बंद करना होता है बल्कि हींग और गरम मसाला जैसे मसाले भी त्यागने होते हैं। इनके अलावा इन दिनों में आपको कॉफी, चाय और अल्कोहल जैसे उत्तेजक पदार्थों और नशीले पदार्थों से भी परहेज करना होता है। इन सभी खाद्य और पेय पदार्थों को त्यागने से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों, सैच्यूरेटेड फैट और अन्य हानिकारक पदार्थों के सेवन और उपस्थिति को कम करने में मदद मिलती है।

मौसम बदलने पर ये डाइट रखती है आपको हेल्दी

इस डाइट में ग्लूटेन-मुक्त साबुत अनाज जैसे कुट्टू का आटा, अमरनाथ, सिंघाड़े का आटा, बाजरा, सेंधा नमक, कद्दू, कच्चे केले, मीठे आलू, लौकी,अदरक, काली मिर्च, करी पत्ते, पुदीने की पत्तियों का सेवन किया जाता है। सभी प्रकार के फल और सूखे मेवे, दूध और डेयरी उत्पाद जैसे घी, दही और पनीर, और शहद व गुड़ भी इस सात्विक डाइट का हिस्सा है।

इन खाद्य पदार्थों के सेवन से न केवल शरीर पर डिटॉक्सिफाइंग प्रभाव पड़ता है, बल्कि आपके शरीर में सभी आवश्यक पोषक तत्वों की आपूर्ति होती है। यहां इस बात का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है कि दोनों ही नवरात्र मौसम में बदलाव के दौरान ही पड़ते हैं। खासकर ऐसे मौसम में जब मौसमी एलर्जी और फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा अधिक होता है। नवरात्रि डाइट न केवल आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करती है बल्कि ये मौसम में परिवर्तन के दौरान आपको एलर्जी, संक्रमण और बीमारियों से दूर रखने में भी मदद करती है।

नौ दिनों तक नवरात्रि डाइट को फॉलो करना काफी फायदेमंद हो सकता है। लेकिन कुछ स्वास्थ्य स्थितियों जैसे डायबिटीज और गर्भवती महिलाओं को नवरात्रि डाइट लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर करना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर आप बहुत लंबे समय तक उपवास रखते हैं तो ये स्थितियां और बिगड़ सकती हैं। हालांकि, अगर आप आप स्वस्थ हैं और सर्दियों के मौसम में फिट रहना चाहते हैं तो नवरात्रि डाइट लेना आपके लिए काफी फायदेमंद है।