नवरात्रि में यूपी और बिहार में दी जाती है कुम्हड़ (सफेद पेठा) की बलि, जानें इस सफेद सब्जी को खाने के फायदे

नवरात्रि की अष्टमी और नवमी की पूजा के दौरान उत्तर प्रदेश और बिहार में कई जगहों पर मां दुर्गा के सामने कुम्हड़ की बलि दी जाती है। कुम्हड़ की बलि देना पहली नजर में यह एक साधारण धार्मिक अनुष्ठान लगता है, लेकिन जब हम इसकी तह में जाते हैं, तो यह परंपरा आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और शरीर के फायदों से जुड़ी हुई नजर आती है।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : September 20, 2025 4:15 PM IST

Navratri Special Health Benefits of Ash Ground: 22 सितंबर से पूरे देश में नवरात्रि की धूम होने वाली है। नवरात्रि सिर्फ मां दुर्गा की उपासना का पर्व नहीं है, बल्कि ये जीवन जीने की एक शैली, सामाजिक संदेश और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जुड़ा हुआ त्योहार है। नवरात्रि के पावन मौके पर भारत के विभिन्न हिस्सों में कई तरह की परंपराओं का पालन किया जाता है। इन्हीं परंपराओं में से एक है कुम्हड़ यानी की सफेद पेठे की बलि।

नवरात्रि की अष्टमी और नवमी की पूजा के दौरान उत्तर प्रदेश और बिहार में कई जगहों पर मां दुर्गा के सामने कुम्हड़ की बलि दी जाती है। कुम्हड़ की बलि देना पहली नजर में यह एक साधारण धार्मिक अनुष्ठान लगता है, लेकिन जब हम इसकी तह में जाते हैं, तो यह परंपरा आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और शरीर के फायदों से जुड़ी हुई नजर आती है। अब नवरात्रि आने में कुछ ही समय बचा है, तो हम आपको बताने जा रहे हैं बलि के तौर पर चढ़ाए जाने वाले कुम्हड़ यानी की सफेद पेठे के फायदों के बारे में।

कुम्हड़ (सफेद पेठा) खाने से सेहत को मिलने वाले फायदे- Health Benefits of Ash Ground

दिल्ली की अंजना कालिया डाइट क्लीनिक की आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और डाइटिशियन अंजना कालिया का कहना है कि आयुर्वेद में कुम्हड़ (सफेद पेठा) को कूष्मांड कहा गया है। इसे त्रिदोष नाशक, शीतल, पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। कुम्हड़ (सफेद पेठा) पित्त को शांत करके शरीर को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाता है। आइए जानते हैं कुम्हड़ (सफेद पेठा) खाने के फायदों के बारे में।

1. पाचन में सहायक

अंजना कालिया के अनुसार, कुम्हड़ (सफेद पेठा) फाइबर से भरपूर होने के कारण यह पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है। कुम्हड़ (सफेद पेठा) खाने से कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं दूर रहती हैं।

2. शरीर की गर्मी शांत करना

कुम्हड़ (सफेद पेठा) के जूस को अगर गर्मियों में पिया जाए, तो ये लू से बचाव करता है। कुम्हड़ (सफेद पेठा) के जूस के तत्व शरीर से गंदगी को निकालकर डिटॉक्स करते हैं, जिससे शरीर की गर्मी शांत होती है। साथ ही, सफेद कद्दू में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखकर हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं। रेगुलर बेसिस पर सफेद पेठा खाने से हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम करने में मदद मिलती है।

3. मौसमी बीमारियों का खतरा कम

बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव करने में भी कुम्हड़ (सफेद पेठा) काफी फायदेमंद होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी पाया जाता है। सफेद पेठा खाने से शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत है। इससे संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बचाव होता है।

4. मानसिक स्वास्थ्य

आज की डिजिटल लाइफ में होने वाले मानसिक चिंता, तनाव और अनिद्रा जैसी समस्याओं को दूर करने में भी सेफद पेठा फायदेमंद होता है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट अंजना कालिया का कहना है कि सप्ताह में 2 से 3 बार सफेद पेठा का सेवन करने से दिमाग शांत रहता है और अनिद्रा की समस्या नहीं होती है।

5. वेटलॉस में फायदेमंद

शरीर का फैट और वजन कम करने में भी सफेद पेठा फायदेमंद होता है। सफेद पेठा में कैलोरी कम और पानी अधिक होता है। ये भूख को नियंत्रित करती है और इसको खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है। इससे वजन और शरीर पर जमा अतिरिक्त फैट को कम करने में मदद मिलती है।

कैसे खाएं सफेद पेठा- How to Eat Ash Ground

सफेद पेठा को आप नीचे बताए गए तरीकों से डाइट में शामिल कर सकते हैंः

  • सूप
  • सब्जी
  • हल्का मैश करके
  • परांठे के अंदर स्टफ करके
  • कद्दू का जूस

Highlights

  • नवरात्रि में यूपी-बिहार मे सफेद पेठा के बलि देने की परंपरा है।
  • सफेद पेठा शरीर में वात, पि्त और कफ को संतुलित करता है।
  • सफेद पेठा खाने से शरीर का वजन कम होता है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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