
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Eat healthy: Make sure you eat a variety of foods to get enough nutrients required for the functioning of all cells and keep your immune system strong to be able to fight off bacteria and viruses.
National Nutrition Week 2020:हेल्दी बॉडी और हेल्दी माइंड से लिए संतुलित डायट ज़रूरी है। इसीलिए, लोग अपनी डायट में प्रोटीन, विटामिंस, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स शामिल करते हैं। लेकिन, अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ लोग और खासकर महिलाएं अपनी डायट का ख्याल नहीं रखतीं। घर, बच्चों और दफ्तर की ज़िम्मेदारियों के बीच वे अपनी डायट पर ध्यान नहीं देतीं। इससे, उनको विभिन्न पोषक तत्वों की कमी होने लगती है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं के शरीर में कई प्रकार के पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। ऐसे में इन तत्वों की आवश्यकता भी अधिक पड़ती है। यहां हम लिख रहे हैं कुछ ऐसे पोषक तत्वों के बारे में जिनकी कमी होने की संभावना महिलाओं को अधिक होती है।
भारतीय महिलाओं में आयरन की कमी की समस्या काफी अधिक है। वहीं आंकड़ों के अनुसार विश्व में तकरीबन 25 प्रतिशत लोगों में आयरन की कमी की समस्या है। जैसा कि, आयरन हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक है, इसीलिए इस पोषक तत्व की कमी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।दरअसल, आयरन शरीर में रक्त बढ़ाता है। यह शरीर के सभी हिस्सों तक ऑक्सीजन भी पहुंचाता है। जिससे, सेल्स और बॉडी ऑर्गन्स सही तरीके से काम करते हैं।
महिलाओं, बच्चों और टीनएज में लड़कियों को अक्सर आयरन की कमी हो जाती है। जो, आगे चलकर एनिमिया में तब्दील हो जाती है। आयरन की दैनिक ज़रूरत के लिए अपनी डायट में हरी पत्तेदार सब्ज़ियां जैसे, पालक, मेथी, पुदीना और ब्रोकोली आदि शामिल करें। इसके अलावा टमाटर, बीटरूट, शकरकंद, कद्दू और शलगम जैसी सब्ज़ियां और सेब, अनार जैसे फलों को भी सेवन करें।
महिलाओं ही नहीं बल्कि दुनियाभर में इस पोषक तत्व की कमी 50 फीसदी से अधिक लोगों में देखी जाती है। विटामिन डी शरीर में कैल्शिय और फॉस्फोरस के अवशोषण में मदद करता है। जिससे, इम्यूनिटी बढ़ती है और हड्डियां मज़बूत रहती हैं। विटामिन डी के लिए धूप में टहलना चाहिए। इसके अलावा डायट में सीफूड, मशरूम, अंडे और मछलियां शामिल करनी चाहिए।
इसकी आवश्यकता सबको पड़ती है। खासकर, प्रेगनेंसी में आयोडिन की कमी घातक साबित होती है। दरअसल, आयोडिन हमारे थायरॉयड ग्लैंड को सुचारू तरीके से काम करने में मदद करता है। जिससे, दिमाग का विकास और हड्डियों की सेहत बनी रहती है। आयोडिन की कमी से गले में घेघा की बीमारी होती है। आयोडिन के लिए आप समुद्री नमक के अलावा मछली, दूध से बने उत्पादों, ब्राउन राइस और अंडे का सेवन कर सकती हैं।
30-35 की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कैल्शियम का स्तर घटने लगता है। जिससे, हड्डियां कमज़ोर होने लगती हैं। साथ ही हेल्दी नाखूनों और मज़बूत दांतों के लिए भी कैल्शियम मददगार है। कैल्शियम की दैनिक ज़रूरत के लिए दूध और डेयरी प्रॉडक्ट्स के साथ दाल, सोयाबीन और हरी सब्ज़ियों का सेवन ज़रूर करें।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के मुताबिक, महिलाओं को रोज़ाना 310-320 मिग्रा मैग्नीशियम की ज़रूरत पड़ती है। मैग्नीशियम दिमाग, आंखों, मसल्स, दिल और नसों को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। हरी पत्तेदार सब्ज़ियों के अलावा डार्क चॉकलेट और नट्स का सेवन करें।