
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 22, 2020 1:13 AM IST
क्या अचार खाने से बढ़ती हैं दिल की बीमारियां? रूजुता दिवेकर से जानें अचार से जुड़े सबसे बड़े मिथक और उनका सच
Myths about Pickles: अचार भारतीय थाली में रखी जाने वाली एक छोटी-सी चीज़ है लेकिन, इसका स्वाद पूरी थाली की लज़्ज़त बढ़ा देता है। इसीलिए, हमारे देश में हर किसी को अचार खाना पसंद आता है। सादी रोटी-सब्ज़ी हो या स्वादिष्ट परांठे या दाल-चावल जैसी डिशेज़, हर प्रकार के भोजन के साथ अचार का स्वाद जुड़कर लोगों को भोजन का स्वाद और पेट भरने की संतुष्टि देता है। (Indian pickles Health Benefits)
जैसा कि भारत में लोगों के भोजन में विविधता है। इसीलिए, देश के हर हिस्से में मौसम के अनुसार अलग-अलग तरीकों से विभिन्न फल और सब्ज़ियों के अचार बनाए जाते हैं। नमकीन, खट्टे-मीठे, रसीले और सूखी वेरायटी के अचार हर घर में बनाए और स्टोर करके रखे जाते हैं। ताकि, ज़रूरत के अनुसार इसका स्वाद लिया जा सके। (Pickles Health Benefits)
आम, नींबू और गाजर जैसे हेल्दी फलों और सब्ज़ियों में हल्दी, धनियां, कलौंजी और सरसों जैसे आयुर्वेदिक और औषधिय गुणों से भरपूर मसालों के मिश्रण से बनने वाले अचार को लेकर हालांकि, कई तरह की बातें की जाती हैं। अक्सर, यह सवाल उठता है कि क्या अचार हमारी सेहत के लिए नुकसान पहुंचता है? अचार के सेवन से जुड़े कुछ ऐसे ही मिथकों (Myths about Pickles) के बारे में सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रूजुता (Rujuta Diwekar Diet Tips) ने हाल ही में बात की।
सच तो यह है कि गट के लिए फायदेमंद बैक्टरिया के निर्माण में तेल और नमक मदद करता है। इसीलिए, रूजुता दिवेकर इन दोनों ही घटकों को फायदेमंद मानती हैं। (Popular Myths about Pickles)
रूजुता दिवेकर कहती हैं कि, ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह नमक नहीं बल्कि, हमारी लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतें हैं। जैसे, एक्सरसाइज़ ना करना, नींद की कमी, जंक फूड खाने जैसी आदतों की वजह से लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है। हालांकि, जो लोग अपनी डायट में साधारण समुद्री नमक की बजाय, काला नमक और सेंधा नमक (Pink Salt) का प्रयोग कर सकते हैं।
तेल के सेवन से दिल की बीमारियां नहीं होती-यह कहना है रूजुता दिवेकर का। ब्लड प्रेशर की तरह हार्ट डिज़िज़ेज भी लाइफस्टाइल मिस्टेक्स की वजह से बढ़ती हैं। रूजुता दिवेकर सलाह देती हैं कि अपनी पारिवारिक और क्षेत्र विशेष की पाक कला में इस्तेमाल होने वाले नैचुरल तेलों का प्रयोग अचार बनाने के लिए करना चाहिए। इससे घर का बना अचार हेल्दी और सुरक्षित बनता है। जबकि, कमर्शियल अचार का सेवन करने से बचना चाहिए।
कई प्रकार के मिनरल्स, विटामिन्स और गुड बैक्टेरिया का भंडार होते हैं अचार। इसीलिए, रूजुता दिवेकर कहती हैं कि रोज़ाना एक से दो चम्मच अचार का सेवन किया जा सकता है। अचार खाने से पेट फूलने, कमज़ोरी या एनिमिया, विटामिन बी12 की और विटामिन डी की कमी जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।