Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों की पहली पसंद सरसों का तेल, इस तेल के होते हैं गजब के लाभ

एक अध्ययन में पता चला है कि सरसों का तेल कोरोनरी हार्ट डिजीज के होने के जोखिम को 70% तक कर देता है कम। जानें, सरसों के तेल पर अलग-अलग एक्सपर्ट्स की राय, इस तेल के फायदों के बारे में यहां....

स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों की पहली पसंद सरसों का तेल, इस तेल के होते हैं गजब के लाभ
सरसों के तेल के सेहत लाभ जानते हैं आप?

Written by Anshumala |Updated : June 25, 2021 10:39 AM IST

Sarso ke Tel ke Fayde in Hindi: भारतीय घरो में वर्षों से सबसे ज्यादा सरसों के तेल (Mustard Oil) में खाना पकाया जाता है। सरसों का तेल सेहत के लिए हेल्दी (Benefits of Mustard Oil) भी माना गया है। यही वजह है कि आज मार्केट में कई तरह के तेल आने के बाद भी लोग सरसों के तेल के प्रति अपनी रुचि बनाए हुए हैं। आज एक बार फिर लोग सरसों के तेल का इस्तेमाल अधिक करने लगे हैं। एक्सपर्ट्स भी सरसों के तेल को सेहत के लिए अधिक फायदेमंद बताते हैं। लोगों में कोरोना काल (Corona Pandemic) में अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती जा रही है। ऐसे में काफी बड़ी संख्या में लोग अब अपने आपको फिट रखने के लिए सरसों के तेल को महत्व देने लगे हैं।कच्ची घानी के सरसों के तेल के गुणों के बारे में दादी-नानी के जमाने से सुनते आ रहे हैं। अब वैज्ञानिकों के नए शोध ने भी इसके गुणों को पहचाना (Sarso ke Tel ke Fayde in Hindi) है।

सरसों का तेल कोरोनरी हार्ट डिजीज को 70 % करता है कम

नई दिल्ली स्थित एम्स और सेंट जॉन हॉस्पिटल, बेंगलुरू के साथ हार्वर्ड स्कूल ऑफ मेडिसिन द्वारा किए गए एक अध्ययन में पता चला है कि सरसों के तेल में मुख्य रूप से खाना पकाने और डीप-फ्राई करने से कोरोनरी हार्ट डिजीज से संबंधित रिस्क फैक्टर्स को 70 % से भी अधिक  कम किया जा सकता है। डॉ. एस. सी. मनचंदा जैसे प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ हेल्दी हार्ट और वैस्कुलर सिस्टम या सर्कुलेटरी सिस्टम के लिए कोल्ड-प्रेस्ड (कच्ची घानी के रूप में भी जाना जाता है) सरसों के तेल के सेवन की सलाह देते हैं। पोषण और आहार विशेषज्ञों के अनुसार, सरसों का तेल (Sarso ke Tel) स्वास्थ्यप्रद खाना पकाने के तेलों में से एक है।

सरसों के तेल के फायदे क्या-क्या होते हैं (Benefits of Mustard Oil in Hindi) 

1 प्रमुख पोषण और आहार विशेषज्ञ कविता देवगन कहती हैं, ''आज के समय में उपलब्ध खाना पकाने के तेलों में से सरसों के तेल जैसे प्राकृतिक कोल्ड-प्रेस्ड तेलों को चुनना बेहतर है। यह मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (एमयूएफए) और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (पीयूएफए) से भरपूर होता हैं, लेकिन सैचुरेटेड फैटी एसिड (एसएफए) में कम होता है।''

Also Read

More News

2 कोल्ड-प्रेस्ड सरसों के तेल में सभी सही फैटी एसिड होते हैं। यह प्राकृतिक विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। सरसों के तेल में मुख्य रूप से शून्य ट्रांस फैटी एसिड (टीएफए) होता है, जो सेहत और फिटनेस के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मानदंड है।

3 कविता देवगन के अनुसार, ''कोल्ड-प्रेस्ड सरसों के तेल के मुख्य फायदेये हैं कि इसमें ओमेगा-6 और ओमेगा-3 का आदर्श अनुपात होता है। समकालीन आहार और भोजन की आदतों ने ओमेगा-6 और ओमेगा-3 अनुपात में एक बड़ा असंतुलन पैदा किया है और सरसों का तेल इसे ठीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरसों के तेल को प्राथमिक खाना पकाने का तेल बनाने के लिए सिर्फ यही लाभ पर्याप्त कारण है।''

रुजुता दिवेकर भी सरसों के तेल की करती हैं सिफारिश

सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर भी सरसों के तेल जैसे कोल्ड-प्रेस्ड पारंपरिक तेलों की जोरदार सिफारिश करती हैं। उनका मानना है कि यदि स्थानीय व्यंजनों को तैयार करने के लिए हजारों वर्षों से किसी विशेष क्षेत्र में तेल का उपयोग किया गया है, तो इसका मतलब है कि तेल उस क्षेत्र की स्वास्थ्य और आहार संबंधी जरूरतों के लिए फिट (Sarso ke Tel ke Fayde in Hindi) हो चुका है। इस पहलू को आज भी तेल की खपत के पैटर्न में देखा जा सकता है। उत्तर भारत और कुछ पूर्वी क्षेत्रों में सरसों का तेल प्रमुख तेल है। जबकि, दक्षिणी राज्यों में प्रमुख तेल पारंपरिक रूप से नारियल का तेल रहा है।

सरसों तेल में मौजूद पोषक तत्व

सरसों के तेल जैसे प्लांट बेस्ड तेलों में फाइटोस्टेरॉल होते हैं, जो बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को शरीर में अवशोषित होने से रोकते हैं। ऐसा ही एक फाइटोस्टेरॉल है अल्फा लिनोलेनिक एसिड (एएलए), जो हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और एथेरोस्क्लेरोसिस के जोखिम को काफी कम करता है। दैनिक आधार पर जीवनशैली से संबंधित स्वास्थ्य मुद्दों जैसे उच्च कोलेस्ट्रॉल लेवल, उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं के होने के रिस्क को कम करता है सरसों का तेल।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

TRENDING NOW

सरसों का तेल अपने हाई स्मोकिंग प्वाइंट (लगभग 250 डिग्री सेल्सियस) के साथ भारतीय खाना पकाने के लिए आदर्श होता है, जिसके लिए लंबे समय तक उच्च हीटिंग की आवश्यकता होती है। सरसों के तेल की खासियत यह है कि उच्च तापमान पर भी इसमें सभी पोषक तत्व स्थिर और बरकरार रहते हैं।

About the Author

... Read More