मल्टीग्रेन आटा VS गेंहू का आटा, एक्सपर्ट से जान लीजिए आपके स्वास्थ्य के लिए क्या है ज्यादा बेहतर
स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के बीच आजकल एक बड़ा सवाल आम हो गया है- मल्टीग्रेन आटा VS गेहूं का आटा, कौन ज्यादा हेल्दी है? पहले के जमाने में रोटी केवल गेहूं के आटे से ही बनाई जाती थी, लेकिन अब लोग मल्टीग्रेन यानी कई अनाजों के मिश्रण वाले आटे का इस्तेमाल भी करने लगे हैं।
Written by Ashu Kumar Das|Updated : October 11, 2025 5:10 PM IST
स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के बीच आजकल एक बड़ा सवाल आम हो गया है- मल्टीग्रेन आटा VS गेहूं का आटा, कौन ज्यादा हेल्दी है? पहले के जमाने में रोटी केवल गेहूं के आटे से ही बनाई जाती थी, लेकिन अब लोग मल्टीग्रेन यानी कई अनाजों के मिश्रण वाले आटे का इस्तेमाल भी करने लगे हैं। दोनों ही आटे अपने-अपने तरीके से फायदेमंद होते हैं, लेकिन इनकी पौष्टिकता और असर में काफी अंतर है। इस लेख में हम दिल्ली के भाग्य आयुर्वेदा की न्यूट्रिशनिस्ट पूजा सिंह से जानेंगे मल्टीग्रेन और गेहूं के आटे में से क्या है सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद (multigrain atta vs whole wheat atta which is better for health) है।
गेहूं के आटे की रोटी खाने के फायदे
डाइटिशियन पूजा सिंह के अनुसार, गेहूं का आटा हमारे देश में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला आटा है। यह गेहूं के दाने को पीसकर बनाया जाता है।
इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन और मिनरल्स शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं। गेहूं के आटे की रोटी खाने से शरीर को लंबे समय तक एनर्जी मिलती है।
गेहूं के आटे में हाई फाइबर होता है, जो कब्ज से राहत दिलाता है। हालांकि गेहूं के आटे में ग्लूटेन पाया जाता है, जो ग्लूटेन सेंसिटिव लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाने के फायदे
मल्टीग्रेन आटा कई अनाजों का मिश्रण होता है। इसमें गेहूं के अलावा जौ, बाजरा, ज्वार, रागी, चना, सोया, मक्का आदि शामिल किए जाते हैं।
इसका उद्देश्य एक ही आटे में कई पोषक तत्वों को शामिल करना होता है ताकि डाइट और भी संतुलित हो सके।
मल्टीग्रेन आटे में हाई प्रोटीन और कैल्शियम पाया जाता है। मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाने व्यत्ति की हड्डियां और दांत मजबूत बनते हैं। लेकिन मल्टीग्रेन आटे की रोटी ज्यादा मात्रा में खाई जाए, तो इससे पेट फूलना और कब्ज की परेशानी हो सकती है।
मल्टीग्रेन आटे में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो वजन घटाने और ब्लड शुगर नियंत्रण के लिए बेहतर है। लेकिन मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाते समय पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है, ताकि कब्ज व पाचन से जुड़ी अन्य परेशानियां न हों। डाइटिशियन के अनुसार, बाजार में मिलने वाले मल्टीग्रेन आटे में कभी-कभी केवल 2–3% ही अन्य अनाज होते हैं और बाकी सारा हिस्सा गेहूं का होता है। इसलिए लेबल जरूर पढ़ें।
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