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Written By: Yogita Yadav | Published : July 11, 2019 3:28 PM IST
सहजन की सूखी पत्तियों के 100 ग्राम पाउडर में दूध से 17 गुना अधिक कैल्शियम और पालक से 25 गुना अधिक आयरन होता है। इसमें गाजर से 10 गुना अधिक बीटा-कैरोटीन होता है, जोकि आँखों, स्किन और रोगप्रतिरोधक तंत्र के लिए बहुत लाभदायक है। © Shutterstock.
दक्षिण भारतीय व्यंजनों में विशेष रूप से इस्तेमाल होने वाला सहजन यानी ड्रमस्टिक अपने औषधीय गुणों के कारण खास माना जाता है। आयुर्वेद में तो सहजन के पूरे पेड़ (Moringa tree) को ही औषधीय माना जाता है। अब इसकी पत्तियों से बनी चाय (Moringa Tea) भी वजन कम करने में खास मानी जा रही है। आइए जानते हैं सहजन की चाय (Moringa Tea) के सेहत लाभ।
सहजन का पेड़ मूल रूप से भारतीय पेड़ है। सहजन को अंग्रेजी में Moringa (मोरिंगा) या Drumstick tree कहते हैं। इसे उत्तर भारत में सर्वप्रथम उगाया और उसके बाद यह दक्षिण भारत सहित दुनिया भर में गया। अब इसे दुनिया भर में उगाया जाता है। इसे न तो ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है और न ही ज्यादा पानी की। इस पर लंबी फलियां लटकती हैं। भारत में ज्यादातर इन फलियों को व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है। विज्ञान ने प्रमाणित किया है कि इस पेड़ का हर अंग स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है।
सहजन की चाय (Moringa Tea) के लिए सहजन की पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी पत्तियों में प्रोटीन, विटामिन B6, विटामिन C, विटामिन A, विटामिन E, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंक जैसे तत्व पाए जाते हैं। साथ ही इनमें कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। सहजन में एंटीओक्सिडेंट, बायोएक्टिव प्लांट कंपाउंड होते हैं।
सहजन की सूखी पत्तियों के 100 ग्राम पाउडर में दूध से 17 गुना अधिक कैल्शियम और पालक से 25 गुना अधिक आयरन होता है। इसमें गाजर से 10 गुना अधिक बीटा-कैरोटीन होता है, जोकि आँखों, स्किन और रोगप्रतिरोधक तंत्र के लिए बहुत लाभदायक है। सहजन में केले से 3 गुना अधिक पोटैशियम और संतरे से 7 गुना अधिक विटामिन C होता है।
यह पत्तियां प्रोटीन का भी बेहतरीन स्रोत हैं। एक कप ताजी पत्तियों में 2 ग्राम प्रोटीन होता है। यह प्रोटीन किसी भी प्रकार से मांसाहारी स्रोतों से मिले प्रोटीन से कम नहीं है क्योंकि इसमें सभी आवश्यक एमिनो एसिड्स पाए जाते हैं।
आजकल बाजार में बहुत आराम से सहजन की पत्तियों का पाउडर मिल जाता है। फिर भी अगर आप सेहत के मामले में किसी पर भरोसा नहीं करना चाहते हैं तो इसे पाउडर को आप घर में भी बना सकते हैं। सहजन की ताजी पत्तियों को छाया में सुखा लीजिए। फिर इन सूखी पत्तियों को ग्राइंडर में पीस लें। तैयार है आपके लिए चाय का पाउडर। सहजन की चाय बनाने के लिए आपको एक चम्मच पाउडर को पानी में उबालना है और पीना है। आप चाहें तो रोज या फिर हर दूसरे दिन इस चाय को पी सकते हैं।
सहजन का पेड़ मूल रूप से भारतीय पेड़ है। सहजन को अंग्रेजी में Moringa (मोरिंगा) या Drumstick tree कहते हैं। © Shutterstock.
सहजन की चाय (Moringa Tea) में डाईयूरेटिक गुण होते हैं। जोकि शरीर की कोशिकाओं में अनावश्यक जल को कम करता है। इसके एंटी-इन्फ्लेमेटोरी गुण शरीर की सूजन कम करते हैं। फाइबर से भरपूर सहजन की चाय शरीर में फैट अवशोषण कम करती है। इन्सुलिन रेजिस्टेंस कम करके यह अनावश्यक फैट जमने से रोकती है।
यह रोगप्रतिरोधक क्षमता बढाकर ऐसे मौसम में होने वाले सर्दी-जुकाम होने से रोकता है। यहां तक कि एड्स के रोगियों को दी जाने वाली Anti-Retroviral therapy के साथ यह हर्बल सप्लीमेंट के रूप में दिया जाता है।
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सहजन की चाय (Moringa tea) पेट की समस्याओं के लिए भी कारगर है। सहजन हल्का रेचक है, अतः यह पेट साफ करता है। फाइबर की वजह से यह कब्ज दूर करता है। पेट के कीड़े और जीवाणुओं से भी यह मुक्ति दिलाती है।
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सहजन की चाय ब्लड शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल लेवल संतुलित करती है। ये हाई ब्लड शुगर लेवल को कम करता है। कोलेस्ट्रॉल कम करने की वजह से यह ह्रदय के लिए भी अच्छी है। इसके साथ ही यह मेटाबोलिक डिसऑर्डर जैसे डायबिटीज, इन्सुलिन रेजिस्टेंस आदि की वजह से होनी वाली जलन और सूजन से भी राहत दिलाती है।