
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 30, 2020 8:01 AM IST
मॉनसून अपने साथ कुछ हेल्थ प्रॉब्लम्स भी लेकर आता है। खासकर, पाचन तंत्र से जुड़ी परेशानियां जैसे, इनडायजेशन, फूड पॉयजनिंग और फूड-बॉर्न इंफेक्शन्स इस मौसम में काफी आम हैं। ऐसे में यह बहुत ज़रूरी हो जाता है लोग अपने खान-पान पर (Monsoon Diet Tips)विशेष ध्यान दें। ताकि, वह इन मौसमी बीमारियों से खुद को सुरक्षित रख सकें। उमस और गर्मी भरे इस मौसम में कई हेल्दी चीज़ों का सेवन करने से भी कई बार कुछ साइड-इफेक्ट्स शरीर पर नज़र आने लगते हैं। बरसात का मौसम बैक्टेरिया और कीटाणुओं को पनपने के लिए अनुकूल माहौल देता है। मौसम में नमी बढ़ने के कारण हमारा पाचन तंत्र सुस्त हो जाता है और धीमी गति से काम करता है। जिससे, डायजेशन और पेट से जुड़ी तकलीफें बढ़ जाती हैं।
साथ ही इस मौसम में वायरल बुखार, फ्लू और सर्दी-खांसी जैसी परेशानियां बार-बार और बहुत अधिक होती हैं। इसीलिए, मौसम के अनुसार हमें अपनी डायट में भी बदलाव करने चाहिए। ऐसे ही कुछ फल और सब्ज़ियों के बारे में हम लिख रहे हैं यहां, जिन्हें बरसात में थोड़ा संभलकर खाना चाहिए। (Foods to Avoid in Rainy Season in hindi)
गर्मियों में लोग जहां आम खाना खूब पसंद करते हैं। लेकिन, बरसात में इनसे परहेज करना चाहिए। दरअसलस आम का 84 फीसदी हिस्सा पानी और 16 फीसदी भाग शक्कर से भरा होता है। जब,वातावरण में गर्मी और नमी बढ़ती है तो, इसमें फंगल इंफेक्शन और बैक्टेरिया बढ़ने लगता है। जिसका नुकसान इसे खाने से भी हो सकता है।
वॉटरमेलन या तरबूज़ के फल में पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसीलिए, बरसात के मौसम में यह जल्दी ख़राब होने जाते हैं। कई बार लोगों को तरबूज़ खाने से पेट दर्द जैसी परेशानियां होने लगती हैं। इसीलिए, रेनी सीज़न में तरबूज खाने से बचें।
गंदे पानी के सम्पर्क में आने का कारण हरी पत्तेदार सब्ज़ियां बरसात में बहुत जल्दी सड़ने लगती हैं। इसीलिए हो सकता है कि आपको जो हरी सब्ज़ी मिले वह, प्रदूषण और कीचड़ से ख़राब होने लगी हों। इस तरह की सब्ज़ियों पर बैक्टेरिया और कीड़े भी हो सकते हैं। जिससे, आपके लिए पेट से जुड़ी तकलीफों की संभावना बढ़ सकती है।