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Written By: Anshumala | Published : May 4, 2019 4:08 PM IST
क्या है मोनो डाइट और कैसे वजन कम करने में मदद करता है, जानें। © Shutterstock.
कीटो डाइट, वेगन डाइट, मेडिटेरेनियन डाइट, वेजिटेरियन डायट, मिलिट्री डाइट आदि के बारे में आप हो सकता है जानते हों या इन्हें फॉलो भी किया हो, पर क्या कभी आपने मोनो डाइट या मील के बारे में सुना है? क्या होता है मोनो डाइट और इसमें किन खाद्य पदार्थों को शामिल करते हैं ? जानें, क्या है मोनो डाइट और कैसे करता है यह शरीर पर असर ?
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क्या है मोनो डाइट ?
मोनो मील या डाइट का मतलब होता है कि इसमें आपको एक ही तरह के आहार पर निर्भर रहना है। इसमें किसी दूसरे खाद्य पदार्थ को मिक्स नहीं कर सकते हैं। यदि आप नाश्ते में केला खाते हैं, तो उसके साथ कुछ और नहीं खाते। इसी तरह दिन के खाने में आप सिर्फ तरबूज खाते हैं, कुछ और नहीं। डिनर में भी आप सिर्फ आम ही खाते हैं, उसके साथ रोटी, चावल, सब्जी नहीं। आपको कोई जूस पीना है, तो पूरे दिन उसी फल का जूस पीते हैं। मोनो डाइट में आप सिर्फ एक ही आहार विशेष पर पूरी तरह से आश्रित होते हैं।
आसानी से पचता है
कुछ डाइट को पचाना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि कई बार वो बहुत हेवी हो जाते हैं। मोनो मील के साथ यह समस्या नहीं आती है। विशेषज्ञों की मानें, तो मोनो मील को पचाना सबसे आसान होता है। ये कभी भी हमारे पाचन तंत्र पर अतिरिक्त भार नहीं डालते। इससे कब्ज की समस्या भी नहीं होती। यदि आप पेस्ट्री, चॉकलेट, चाट, चउमीन आदि भरपूर मात्रा में खाते हों तो पाचन संबंधी परेशानियों से भी आपको जूझना पड़ सकता है। मोनो मील से आप इस तरह की समस्याओं से स्थायी रूप से छुटकारा पा सकते हैं।
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कौन सा आहार करता है सूट
मोनो मील के जरिए आपको यह जानने में आसानी होती है कि शरीर को कौन सा आहार विशेष सूट कर रहा है। कुछ लोगों को मिल्क प्रोडक्ट्स, सोया, अंडा, पीनट्स, मछली, झींगा आदि चीजों से एलर्जी होती है, लेकिन इसका आसानी से पता नहीं चल पाता। यदि आप मोने डाइट लें तो आसानी से जान सकते हैं कि किस आहार विशेष से आपको एलर्जी है। यह भी जान सकते हैं कि कौन सा आहार विशेष आपके स्वास्थ्य को सूट करता है।
खाने में होता है आसान
जब आप दूसरे डाइट पर निर्भर होते हैं, तो उसमें कई तरह की चीजों, फलों, सब्जियों को शामिल करना होता है। मोनो मील के साथ ऐसा नहीं होता है। आप जिस भी मौसमी आहार पर निर्भर हैं, वह आसानी से उपलब्ध होती है। एक खाद्य पदार्थ होने के कारण इन्हें बनाने का अधिक झंझट नहीं होता है। आप फलाहार पर निर्भर हैं, तब तो आपको अधिक परेशानी उठाने की जरूरत ही नहीं पड़ती है। फलों को बनाने का झंझट नहीं होता। इन्हें खाना भी आसान होता है। अपने डाइट के समयानुसार, किसी फल का चुनाव करें और खाएं।
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अच्छा लेते हैं आहार
मोनो मील में आप सिर्फ अच्छे आहार लेते हैं। इसमें आप सिर्फ एक ही आहार पर निर्भर होते हैं। ऐसे में आप खुद के लिए वही आहार चुनते हैं, जिसमें ज्यादा पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं और जो वजन कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आप अपने आवश्यक तत्वों का भी ख्याल रखते हैं। पूरे दिन में आप उन तमाम तत्वों को ले लेते हैं, जो स्वस्थ शरीर की जरूरत होती है।
कभी भी छोड़ सकते हैं
मोनो मील में आप आसानी से जान जाते हैं कि किस आहार विशेष को कितने दिनों में बंद करना है। मोनो मील लेते हुए डॉक्टर भी आसानी से आपको सलाह दे सकते हैं कि एक आहार विशेष आपके लिए कितने दिनों तक लाभकारी हो सकता है।
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