Multigrain flour: गेहूं के आटे में मिलाएं इन 3 चीजों का आटा, हड्डियां मजबूत और वजन कम होने जैसे मिलेंगे कई फायदे
Gehu ka aata khane ke fayde: गेहूं के आटा हमारे देश में सबसे ज्यादा खाया जाता है और अगर इसके कई अन्य आटे मिला लिए जाएं तो इससे कई अन्य फायदे भी मिलते हैं। इस लेख में हम आपको 3 ऐसे आटे बताने वाले हैं, जिन्हें गेहूं के आटे के साथ मिलाकर खाया जा सकता है।
Written by Mukesh Sharma|Published : September 9, 2022 10:50 AM IST
Multigrain atta benefits: हमारे देश में सबसे ज्यादा गेहूं के आटे की ही रोटी खाई जाती है, लेकिन इससे सिर्फ रोटियां ही नहीं बल्कि हलवा व देसी कुकीज आदि भी बनाई जाती हैं। गेहूं के आटे एक हेल्दी डाइट में शामिल किया जाता है, क्योंकि इसमें खूब मात्रा में फाइबर व अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। जिन लोगों को कब्ज व पाचन संबंधी समस्याएं रहती हैं, उनके लिए गेहूं के आटे की रोटियां खाना सही रहता है। हालांकि, गेहूं के आटे की तरह कई अन्य ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं, जिनमें अलग प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं और अगर इन्हें गेहूं के आटे के साथ मिला लिया जाए तो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हो सकते हैं। इस लेख में हम आपको कुछ ऐसी ही खास चीजों के बारे में बताने वाले हैं, जिन्हें गेंहू के आटे के साथ मिलाकर उनकी रोटियां बनाई जा सकती हैं।
गेहूं के आटे में मिलाएं ये आटा
अगर आपके घर में भी गेहूं का आटा लगभग हर रोज ही खाया जाता है, तो आप भी ये तीन आटे अपने गेहूं के आटे में मिलाकर उसके फायदों को डबल कर सकते हैं।
रागी का आटा - सेहत के लिए रागी बेहद फायदेमंद होता है और गेहूं के आटे 25 हिस्सा आप उसमें मिला सकते हैं। गेहूं में रागी मिलाने से न सिर्फ आपकी रोटी का रंग व टेस्ट बदलेगा बल्कि इसमें मौजूद तत्व हड्डियों को मजबूत करने का भी काम करेंगे। आप गेहूं और रागी को मिलाकर उसकी एक साथ पिसाई करवा सकते हैं या फिर गेहूं और रागी के आटे को लेकर उन्हें मिला सकते हैं।
चने का आटा - अगर आप सिर्फ गेहूं का आटा खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ अलग टेस्ट ट्राई करना चाहते हैं, तो आप गेहूं के साथ चने का आटा मिला सकते हैं। आप गेहूं के आटे में 25 से लेकर 50 प्रतिशत तक यह आटा मिला सकते हैं। ठीक रागी की तरह चने की भी गेहूं के साथ पिसाई की जा सकती है और बाद में भी इन्हें मिलाया जा सकता है।
सोयाबीन का आटा - गेहूं के आटे के साथ सोयाबीन का आया भी मिलाया जा सकता है। जिससे आपको खूब प्रोटीन के साथ अन्य कई तत्व भी मिलेंगे। 1 किलो गेहूं के आटे में 250 ग्राम सोयाबीन मिला सकते हैं या फिर इसी मात्रा गेहूं और सोयाबीन की पिसाई करा सकते हैं।
मल्टीग्रेन के फायदे
दुनियाभर के एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मल्टीग्रेन आटा खाने से स्वास्थ्य को अनेक लाभ मिलते हैं, जिनमें से प्रमुख रूप से निम्न शामिल हैं -
डायबिटीज के मरीजों को कम करें - डायबिटीज के मरीजों के लिए मल्टीग्रेन आटा काफी फायदेमंद होता है। डॉक्टर भी डायबिटीज के मरीजों के लिए मल्टीग्रेन आटे का सेवन करने की सलाह देते हैं। इससे ब्लड शुगर का स्तर कम हो जाता है।
पाचन क्रिया को तेज करे - जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है, उनके लिए भी मल्टीग्रेन आटा काफी फायदेमंद होता है। मल्टीग्रेन आटे में मिलाए गए अलग-अलग इनग्रेडिएंट्स में फाइबर समेत कई प्रोडक्ट्स पाए जाते है, जिनकी मदद से पाचन क्रिया को तेज करने में मदद मिलती है और कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं।
मांसपेशियां व हड्डियां मजबूत - मल्टीग्रेन आटे में सिर्फ गेहूं के आटे की तुलना में प्रोटीन व कैल्शियम जैसी पोषक तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जिनकी मदद से हड्डियों की कमजोरी को दूर किया जा सकता है और साथ ही मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं।
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