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Written By: Yogita Yadav | Updated : August 22, 2019 5:54 PM IST
The essential nutrients in panchamrit help boost the body's immune system, aid digestion, and maintain a healthy digestive system.
जन्माष्टमी पर बनने वाला पंचामृत का प्रसाद बहुत खास होता है। यह केवल मान्यताओं में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। भारतीय परंपराओं में दूध, दही, घी, शहर और तुलसी के पत्तों को पंचामृत (Panchamrit health benefits) की संज्ञा दी गई है। इन पांचों का मिश्रण जब तैयार होता है तो उसे प्रसाद के रूप में सभी में बांटा जाता है। जन्माष्टमी हो , दीवाली या फिर अन्य को पावन दिन, प्रसाद के रूप में पंचामृत (Panchamrit health benefits) का बनना, बंटना और ग्रहण करना बहुत ही शुभ माना जाता है। अब तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानने लगे हैं कि यह पंचामृत (Panchamrit health benefits) वास्तव में सेहत के लिए किसी अमृत से कम नहीं है।
पंचामृत मूल तौर पर गाय के दूध और उससे बने दही से तैयार किया जाता है। पर दूध और दही का यह मिश्रण तब तक पंचामृत नहीं बनता जब तक उसमें घी, शहद और तुलसी के पत्ते नहीं मिलाए जाते। तुलसी का पौधा कई औषधीय गुण लिए होता है। इसलिए किसी भी चीज को शुद्ध करने के लिए तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। पंचामृत यदि बहुत गाढ़ा हो तो उसे पतला करने के लिए उसमें गंगाजल मिलाया जाता है।
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यूं तो गाय और भैंस दोनों का ही दूध पौष्टिक माना जाता है, परंतु पंचामृत (Panchamrit health benefits) बनाने के लिए केवल गाय के दूध और उससे बने दही का इस्तेमाल किया जाता है। गाय के दूध में वसा कम होती है, जो मस्तिष्क के लिए तो अच्छा है ही स्वास्थ्य पर भी बुरा असर नहीं डालता। छोटे बच्चे, जिन्हें पाचन तंत्र की समस्या होती है, उन्हें भी भैंस की बजाए गाय का दूध देने के लिए ही कहा जाता है।
दूध, दही, घी , शहद और तुलसी के पत्तों का होता है पंचामृत में प्रयोग। © Shutterstock
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