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दूध और दही दोनो ही सेहत के लिए अच्छे होते हैं। लेकिन एक साथ नहीं खाया जा सकता है। कुछ लोगों को दूध पीना पसंद होता है, तो कुछ लोगों को दही खाना। लेकिन स्वस्थ रहने के लिए दूध और दही में से किसी एक चीज को चुनने की बात आती है, तो लोग दुविधा में पड़ जाते हैं। इसी दुविधा को दूर करने के लिए MD, न्यूरोलॉजी एम्स (दिल्ली) की डॉक्टर प्रियंका अपने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में विस्तार से बताया।
डॉ प्रियंका का कहना है कि यदि आपको पाचन से संबंधित समस्याएं हैं। जैसे एसिडिटी, गैस्ट्राइटिस तो दही खा सकते हैं। लेकिन आपको दूध हजम हो जाता है, तो आप दूध भी पी सकते हैं। इस गलतफहमी में ना रहे कि दही में कैल्शियम नहीं मिलता है। क्योंकि एक कटोरी दही में लगभग 300 मिलीग्राम कैल्शियम और लाखों गुड बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जो हमारी आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
डॉ प्रियंका के अनुसार दही हमारे गट हेल्थ के लिए बेहतर होता है। दही में गुड बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जो गट हेल्थ के लिए अच्छे माने जाते हैं। यदि आपको दूध हजम नहीं होता है, तो आपके लिए दही बेस्ट ऑप्शन होगा। क्योंकि इसमें प्रोबायोटिक बैक्टीरिया आपके पाचन में मदद करते हैं। इसके साथ ही इम्यूनिटी सिस्टम को भी मजबूत करता है।
दही में गुड बैक्टीरिया होते हैं। जिन्हें प्रोबायोटिक के नाम से भी जाना जाता है। यह बैक्टीरिया आपके आंतों को स्वस्थ व संतुलित रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत रखने में मदद करते हैं।
दही में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी12, विटामिन डी जो आपकी हड्डियों और इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने में मदद करते हैं।
इसके अलावा यदि आप अपना फैट कम करना चाहते हैं, तो आपके लिए दही बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। इसके लिए कम फैट वाली दही का सेवन करें। दही खाने से मुंह के छालों से भी आराम मिलता है।
आंत में स्थित गुड और बैड बैक्टीरिया की स्थिति को गट हेल्थ बोलते हैं। जब बैड बैक्टीरिया की संख्या बढ़ने लगती है तो कहते हैं कि गट हेल्थ खराब हो रहा है। इसके विपरीत जब गुड बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं, तो कहते हैं गट हेल्थ अच्छा है।
दूध में कैल्शियम और विटामिन डी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। दोनों ही हड्डियों को मजबूत करने के लिए आवश्यक हैं। नियमित रूप से दूध पीने से हड्डियां स्वस्थ व मजबूत रहती है।
दूध पीने के बाद देर तक पेट भरा रहता है जिससे भूख नहीं लगती है। इसलिए आप अधिक खाने से बचते हैं। जिससे आपका वजन कंट्रोल रहता है। इसलिए एक दिन में एक गिलास लो फैट दूध पीने की सलाह दी जाती है। दूध में कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन और वसा प्रचुर मात्रा में होता है। जिससे वजन कम होने पर भी एनर्जी में कोई कमी नहीं आती है।
6 लाख लोगों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया की डेरी प्रोडक्ट से डायबिटीज का जोखिम कम होता है। अगर आप डेरी प्रोडक्ट का सेवन कर रहे हैं, तो आपको डायबिटीज का कोई रिस्क नहीं है।
दूध मानसिक सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। बच्चे जो पढ़ाई करते हैं और याद नहीं होता है, तो उन्हें नियमित रूप से दूध पिलाएं। इससे अल्जाइमर का भी खतरा कम हो जाता है। दूध में कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन बी12 प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो युवाओं और बुजुर्गों की सेहत के लिए आवश्यक होते हैं।